23 जून: प्लासी की लड़ाई, ब्रिटेन टूटा और संजय गांधी का निधन
23 जून का इतिहास कई बड़ी घटनाओं का गवाह है—प्लासी की लड़ाई, IOC की स्थापना, संजय गांधी की मृत्यु और ब्रेक्जिट वोटिंग. साथ ही जानिए इस दिन मनाए जाते हैं तीन खास अंतरराष्ट्रीय दिवस और Reddit की शुरुआत से जुड़ी दिलचस्प जानकारी.
हर दिन इतिहास के पन्नों में कई महत्वपूर्ण घटनाएं दर्ज होती हैं, जो भविष्य को दिशा देने का काम करती हैं. 23 जून (23 June Ka Itihas) भी कुछ ऐसी ही घटनाओं का साक्षी रहा है, जिन्होंने भारतीय उपमहाद्वीप से लेकर वैश्विक राजनीति, विज्ञान, और समाज तक पर गहरा प्रभाव डाला.
आज का इतिहास (History of the day) सीरीज़ में हम आपको ले चलते हैं समय की उस यात्रा पर, जहां 23 जून के दिन (23 June History) घटी प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं, जन्मी महान हस्तियां और हुई अहम बदलावों की चर्चा करते हैं. यह सीरीज़ न केवल ऐतिहासिक जानकारी देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे एक दिन कई मायनों में इतिहास का हिस्सा बन जाता है.
आइए नजर डालते हैं 23 जून को घटित प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं पर —
भारत और विश्व के इतिहास में 23 जून की प्रमुख घटनाएं
1757 — प्लासी की लड़ाई: भारत में ब्रिटिश राज की नींव पड़ी
23 जून 1757 को बंगाल के नवाब (Nawab of Bengal) सिराजुद्दौला (Siraj-ud-daula) और ईस्ट इंडिया कंपनी (East India Company) के रॉबर्ट क्लाइव (Robert Clive) के बीच 'प्लासी की लड़ाई' (Battle of Plassey) लड़ी गई. यह लड़ाई भारत के इतिहास की सबसे निर्णायक लड़ाइयों में मानी जाती है क्योंकि इसके बाद ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत पर अपने शासन की नींव रखी. यह लड़ाई पश्चिम बंगाल के नदिया ज़िले के प्लासी (Plassey) नामक स्थान पर हुई थी. लड़ाई में सिराजुद्दौला की हार मुख्यतः उनके सैन्य कमांडर मीर जाफर (Mir Jafar) के विश्वासघात के कारण हुई, जिसे क्लाइव ने पहले ही ब्रिटिश पक्ष में मिला लिया था. इस युद्ध में सिराजुद्दौला के 50,000 सैनिकों के मुकाबले क्लाइव के पास केवल 3,000 सैनिक थे, लेकिन साजिश, लालच और गद्दारी के चलते क्लाइव विजयी रहा. प्लासी की लड़ाई भारत में औपनिवेशिक शासन की शुरुआत का प्रतीक बन गई, जिसने आगे चलकर पूरे देश को ब्रिटिश हुकूमत के अधीन कर दिया.
1894 — अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की स्थापना
23 जून 1894 को पेरिस (Paris) में इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (International Olympic Committee - IOC) की स्थापना की गई. इसका मुख्य श्रेय फ्रांसीसी इतिहासकार और शिक्षाविद् पियरे द कूबरटिन (Pierre de Coubertin) को जाता है, जिन्होंने प्राचीन ग्रीक ओलंपिक खेलों की तर्ज़ पर आधुनिक ओलंपिक खेलों को पुनर्जीवित करने की पहल की. IOC की स्थापना सोर्बोन विश्वविद्यालय (Sorbonne University) में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान हुई थी, जिसमें 13 देशों के प्रतिनिधि शामिल थे. इसके बाद 1896 में पहले आधुनिक ओलंपिक खेलों का आयोजन एथेंस (ग्रीस) में हुआ. इस ऐतिहासिक दिन की स्मृति में हर साल 23 जून को 'अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस' (International Olympic Day) मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य खेलों की भावना, फिटनेस और अंतरराष्ट्रीय भाईचारे को बढ़ावा देना है.
1941 — बाल्टिक राज्यों पर नाज़ी जर्मनी का आक्रमण
23 जून 1941 को जर्मनी ने सोवियत संघ (Soviet Union) के बाल्टिक राज्यों (Baltic states) — लातविया, लिथुआनिया और एस्टोनिया — पर आक्रमण किया. ये तीनों राज्य उस समय सोवियत संघ का हिस्सा थे, और यह आक्रमण पूर्वी मोर्चे पर जर्मनी की आक्रामक रणनीति का हिस्सा था. यह घटना द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) के दौरान जर्मनी के 'ऑपरेशन बारबरोसा' (Operation Barbarossa) का हिस्सा थी. हिटलर (Adolf Hitler) द्वारा चलाया गया ऑपरेशन बारबरोसा द्वितीय विश्व युद्ध का सबसे बड़ा जमीनी हमला था. इस हमले का उद्देश्य सोवियत रूस को तेज़ी से पराजित करना था. बाल्टिक क्षेत्र में जर्मन सेना को शुरुआती सफलता मिली, लेकिन यह अभियान अंततः सोवियत संघ की जबरदस्त प्रतिरोध शक्ति और कड़ाके की सर्दी में फंसकर विफल हो गया. यह घटना यूरोपीय इतिहास में एक बड़े मोड़ के रूप में देखी जाती है, जिसने युद्ध की दिशा बदल दी.
1980 — संजय गांधी की विमान दुर्घटना में मृत्यु
23 जून 1980 को कांग्रेस (Congress) नेता और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) के छोटे बेटे संजय गांधी (Sanjay Gandhi) की एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई. वह सुबह के समय दिल्ली के सफदरजंग हवाई अड्डे (Safdarjang Airport) से एक नया विमान Pitts S-2A उड़ाते समय हादसे का शिकार हो गए. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान उड़ाते हुए उन्होंने खतरनाक स्टंट करने की कोशिश की, जिसके दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. मात्र 33 वर्ष की उम्र में उनका निधन हुआ. संजय गांधी को इंदिरा गांधी का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता था, और उनकी असमय मृत्यु ने न केवल उनके परिवार को बल्कि भारतीय राजनीति को भी गहरा झटका दिया. उनकी मृत्यु भारतीय राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हुई, जिसने राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) को सक्रिय राजनीति में ला दिया.
2016 — ब्रिटेन (UK) ने यूरोपीय संघ (EU) से बाहर होने के पक्ष में वोट दिया
23 जून 2016 को ब्रिटेन (यूनाइटेड किंगडम) में यूरोपीय संघ (EU) की सदस्यता को लेकर एक ऐतिहासिक जनमत संग्रह (Referendum) हुआ था. इसमें करीब 51.9% लोगों ने EU से बाहर निकलने (Brexit) के पक्ष में मतदान किया, जबकि 48.1% लोग EU में बने रहने के पक्ष में थे. इस जनादेश ने न केवल ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा भूचाल लाया, बल्कि पूरे यूरोप की राजनीतिक और आर्थिक संरचना को भी झकझोर दिया. इसके परिणामस्वरूप तत्कालीन प्रधानमंत्री डेविड कैमरन (David Cameron) ने इस्तीफा दे दिया, और बाद में थेरैसा मे (Theresa May) प्रधानमंत्री बनीं. यह फैसला वर्षों की बातचीत और समझौतों के बाद 31 जनवरी 2020 को आधिकारिक रूप से लागू हुआ, जब ब्रिटेन यूरोपीय संघ से औपचारिक रूप से अलग हो गया. यह घटना आधुनिक यूरोपीय इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण मोड़ों में से एक मानी जाती है.
23 जून को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
1912 — एलेन ट्यूरिंग, अंग्रेज़ गणितज्ञ और कम्प्यूटर वैज्ञानिक
1934 — चण्डी प्रसाद भट्ट, गाँधीवादी विचारक और सामाजिक कार्यकर्ता
1934 — वीरभद्र सिंह, हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री
1936 — प्रदीप कुमार बनर्जी, भारत के सर्वश्रेष्ठ फ़ुटबॉल खिलाड़ियों में से एक
1936 — एन. भास्कर राव, आंध्र प्रदेश के 11वें मुख्यमंत्री
1972 — संजीव कुमार बालियान, भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिज्ञ
23 जून को जिन हस्तियों ने दुनिया को कहा अलविदा
1761 — बालाजी बाजी राव, मराठा साम्राज्य के 8वें पेशवा, जिन्हें अक्सर नाना साहब प्रथम के नाम से जाना जाता है
1853 — श्यामा प्रसाद मुखर्जी, महान शिक्षाविद और 'भारतीय जनसंघ' के संस्थापक
1914 — गंगाप्रसाद वर्मा, राजनेता तथा समाज सुधारक
1939 — गिजुभाई बधेका, गुजराती भाषा के लेखक और महान शिक्षाशास्त्री
1980 — संजय गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र और कांग्रेस नेता
23 जून को क्यों याद रखा जाए?
- अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस (International Widows Day): यह दिवस हर साल 23 जून को मनाया जाता है. इसका उद्देश्य विधवा महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना और उनके प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है. पति की मृत्यु के बाद कई महिलाएं आर्थिक तंगी, सामाजिक भेदभाव और अकेलेपन का सामना करती हैं. यह दिन दुनिया को यह याद दिलाने का मौका देता है कि विधवाओं को भी सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर मिलना चाहिए. इस दिन की शुरुआत 2005 में 'लुम्बा फाउंडेशन' (Loomba Foundation) ने की थी और 2010 में संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने इसे आधिकारिक मान्यता दी.
- संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा दिवस (United Nations Public Service Day): हर दिवस साल 23 जून को मनाया जाता है. इस दिन का उद्देश्य दुनिया भर में सरकारी कर्मचारियों और लोक सेवा संस्थाओं द्वारा समाज के कल्याण के लिए किए गए कार्यों को सम्मान देना है. यह दिवस लोगों को यह समझाने का अवसर भी देता है कि ईमानदारी, पारदर्शिता और सेवाभाव से की गई सरकारी सेवाएं कैसे आम जनता के जीवन में सुधार ला सकती हैं. संयुक्त राष्ट्र ने 2003 में इस दिन की शुरुआत की थी ताकि सरकारों को ज्यादा जवाबदेह, प्रभावी और नागरिकों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके. यह दिन युवाओं को भी लोक सेवा में करियर अपनाने के लिए प्रेरित करता है.
- अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस (International Olympic Day): यह दिवस हर साल 23 जून को मनाया जाता है. यह दिन ओलंपिक खेलों की भावना—यानी खेल, एकता, दोस्ती और स्वस्थ जीवनशैली—को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है. इसकी शुरुआत 1948 में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने की थी, और यह दिन इसलिए चुना गया क्योंकि 23 जून 1894 को IOC की स्थापना हुई थी. इस दिन दुनियाभर में दौड़, साइक्लिंग, योग, खेल प्रतियोगिताएं और फिटनेस से जुड़ी कई गतिविधियां होती हैं. इसका मकसद है कि हर उम्र के लोग खेलों को अपनाएं और "खेल के ज़रिए एक बेहतर जीवन" की ओर कदम बढ़ाएं. यह दिन खासतौर पर युवाओं को खेलों में भाग लेने और ओलंपिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है.
आज का रोचक तथ्य
क्या आप जानते हैं (Did you know) कि Reddit की शुरुआत 23 जून 2005 को अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य के मेडफोर्ड शहर में हुई थी. इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को स्टीव हफ़मैन (Steve Huffman) और एलेक्सिस ओहानियन (Alexis Ohanian) ने मिलकर लॉन्च किया था, जो आज इंटरनेट की सबसे बड़ी और चर्चित कम्युनिटी साइट्स में से एक बन चुका है.
संपादक की कलम से: अगर आप ऐसे ही इतिहास के अनसुने पन्नों में रुचि रखते हैं, तो जुड़े रहिए हमारे साथ हर दिन की ऐतिहासिक झलकियों के लिए.




