टैरिफ़ झटके से फिसले सेंसेक्स-निफ्टी, डूबे 4.25 लाख करोड़ रु
आज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 4.25 लाख करोड़ रुपये घटकर 445.20 लाख करोड़ रुपये रह गया. यह पिछले कारोबारी दिन को 449.45 लाख करोड़ रुपये रहा था. इसका मतलब है कि निवेशकों की संपत्ति में लगभग 4.25 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है.
गुरुवार, 28 अगस्त 2025 को भारतीय शेयर बाजार में तगड़ी गिरावट आई है. अमेरिकी आयात पर अतिरिक्त 25% (कुल 50%) दंडात्मक टैरिफ़ लागू होने के बाद वैश्विक जोखिम-टोन बिगड़ा और घरेलू बाजार शुरू से अंत तक गिरावट में ही रहा. कारोबारी हफ्ते के बीच गणेश चतुर्थी की छुट्टी (27 अगस्त) के बाद पहले से कमजोर वैश्विक संकेत और FII बिकवाली ने धार तेज कर दी. (28 August Stock Market/Share Bazaar News)
हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 705.97 अंक गिरकर 80,080.57 अंक पर बंद हुआ, जो -0.87% की गिरावट है. जबकि एनएसई निफ्टी50 (NSE Nifty50) आज 211.15 अंक गिरकर 24,500.90 अंक पर बंद हुआ, जो -0.85% की गिरावट है.
आज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 4.25 लाख करोड़ रुपये घटकर 445.20 लाख करोड़ रुपये रह गया. यह पिछले कारोबारी दिन को 449.45 लाख करोड़ रुपये रहा था. इसका मतलब है कि निवेशकों की संपत्ति में लगभग 4.25 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है.
दिनभर के प्रमुख रुझान
सेक्टर-वाइज तस्वीर तगड़ी कमजोरी की रही: IT, रियल्टी, बैंकिंग और डिफेंस सबसे ज़्यादा दबाव में रहे, जबकि कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स में अपेक्षाकृत मजबूती दिखी. मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी 0.9%–1% तक गिरावट दर्ज हुई—यह बड़ी मुनाफ़ावसूली/जोखिम-कटौती का संकेत देता है. इंडेक्स-स्तर पर HDFC Bank, ICICI Bank, Infosys, Bharti Airtel और TCS की गिरावट ने निफ्टी को सबसे ज़्यादा खींचा.
BSE पर आज गिरावट के साथ बंद होने वाले शेयरों की संख्या अधिक रही. एक्सचेंज पर कुल 4,258 शेयरों में आज कारोबार देखने को मिला. इसमें से 1,459 शेयर तेजी के साथ बंद हुए. वहीं 2,649 शेयरों में गिरावट देखी गई. जबकि 150 शेयर बिना किसी उतार-चढ़ाव के सपाट बंद हुए. इसके अलावा 102 शेयरों ने आज कारोबार के दौरान अपना नया 52-वीक हाई छुआ. वहीं 141 शेयरों ने अपने 52-हफ्तों का नया निचला स्तर छुआ.
टॉप गेनर और लूज़र
आज BSE सेंसेक्स के 30 में से सिर्फ 7 शेयर बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए. इनमें से Titan के शेयरों में सबसे अधिक (1.22%) की तेजी दर्ज की गई, और यह टॉप गेनर रहा. इसके बाद L&T (+0.72%), Maruti (+0.61%), Axis Bank (+0.46%) और Reliance (+0.17%) के शेयरों में तेजी रही.
वहीं, सेंसेक्स के 23 शेयर आज गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए. इनमें से HCL Tech के शेयर में सबसे अधिक (-2.85%) की गिरावट आई और यह टॉप लूज़र रहा. इसके बाद Infosys (-1.95%), Powergrid (-1.93%), TCS (-1.89%) और HDFC Bank (-1.55%) के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई.
वैश्विक बाजारों का प्रभाव
दिन की सबसे बड़ी कहानी अमेरिकी टैरिफ़ थी: अमेरिका द्वारा भारतीय आयात पर कुल 50% शुल्क प्रभावी होने से ट्रेड-संबंधी अनिश्चितता और वैल्यूएशन को लेकर चिंता बढ़ी. एशियाई बाज़ारों में भी मिश्रित रुख़ रहा; हांगकांग का हैंग सेंग लाल निशान में बंद हुआ—जो जोखिम-बचाव (risk-off) माहौल को पुष्ट करता है. अगस्त में विदेशी निवेशकों की बिकवाली और ‘महंगे’ वैल्यूएशंस की आशंकाएं पहले से बनी हुई थीं, जिन पर आज के टैरिफ़ झटके ने अतिरिक्त दबाव डाला.
कमज़ोर ग्लोबल संकेतों और ट्रेड-पॉलिसी जोखिम के बीच, बाजार ने स्पष्ट ‘रिस्क-ऑफ’ मुद्रा अपनाई—IT/बैंक्स जैसे बीटा-हाई सेक्टर्स में दबाव और डिफेंसिव/इंफ्रास्ट्रक्चर-लिंक्ड नामों में सापेक्ष मजबूती यही दर्शाती है. निकट-काल में निफ्टी 24,500 के आसपास सपोर्ट की टिकाऊ क्षमता पर निगाह रहेगी; वहीं वैश्विक सुर्खियां और FII प्रवाह दिशा तय करेंगे. डे-ट्रेडिंग/शॉर्ट-टर्म अप्रोच के लिए वोलैटिलिटी एलिवेटेड रहने की संभावना है; पोजिशनल निवेशक गुणवत्ता वाले, कम-लिवरेज नामों में ऐच्छिक गिरावट पर चरणबद्ध रणनीति विचार में रख सकते हैं.



