नयी सोच. नया मंच. कविता के संग

    By Priyanka Paruthi
    November 24, 2015, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:19:23 GMT+0000
    नयी सोच. नया मंच. कविता के संग
    • +0
      Clap Icon
    Share on
    close
    • +0
      Clap Icon
    Share on
    close
    Share on
    close
    image


    दुनिया को देखने के इस जज़्बे ने कविता गुप्ता को ऐसा सपना दिखाया जिससे वह हर उस देश की कहानी को आम लोगों तक पहुंचाना चाहती हैं जो आज भी कहीं न कहीं दब कर रह गयी हैं I दिल्ली के मारवाड़ी परिवार में जन्म लेने वाली कविता इतनी खुसनसीब थी कि उन्हें बाहर जाकर पढ़ाई करने का मौका मिला I उनकी पढ़ाई का यह दोर सत. ज़ेवियर से शुरू होकर जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी 2007 पर खत्म हुआ I बैंकिंग और वित्त में काम करने क बाद वह मुंबई में अनुराग कश्यप फिल्म कंपनी के साथ सी.ऍफ़.ओ के औहदे पर जुडी I उसी साल वह सिने रूस्ट कैपिटल एडवाइजरी की को-फाउंडर भी बनी I कविता ने विश्व भर के लोगों को एक ऐसा मंच दिया जहाँ वह देश विदेश की हर कहानी को लोगों से रु-ब-रु करा सके और उस देश को देखने का एक नया नज़रिया लोगों में ला सके I उनका मानना है कि हर देश हर शहर अपने आप में ही अद्भुत है I वह उन सब कहानियों पर प्रकाश डालना चाहती हैं जो कहीं न कहीं दब के रह गयी हैं और समाचार बनकर लोगों के सामने न आ सकी I उनके दोस्त फरहा और प्राची ने भी उन्हें सराहा और वी माईंड जैसै मंच को आगे ले जाने की प्रेरणा दी I

    वी माईंड दुनिया भर से उपयोगकर्ता के आधार पर नागरिक रिपोर्टिंग के लिए एक सामाजिक मंच है I

    उनका मानना है कि लोगो ने अपनी सीमित जानकारी से देशो की धारणा बनाई हुई है I बस लोगो की इसी सोच को समाज के सामने लाकर उनका यह भ्रम तोड़ना चाहती हैं I वे कहती हैं कि उनकी यह सीमित जानकारी ही काफी नहीं है दूसरे देशों को सही मायनों में समझने के लिए और यहीं से उन्हे वी माईंड जैसे सामाजिक मंच का विचार आया जिसके माध्यम से वह हर उस देश की कहानी दुनिया के सामने ला सकें जो कहीं न कहीं दब कर रह जाती हैं I वहीं आगे वह अफ्रीका का उदहारण देते हुए कहती हैं कि जिस प्रकार अफ्रीका का नाम एड्स से जोड़ दिया गया जबकि उस देश की अनेक खूबियां हैं जिन्हे उजागर नहीं किया जा सका I


    image


    देश विदेश की यात्राओं से कविता ने काफी कुछ सीखा और जिससे उनके नज़रिये पर भारी प्रभाव भी पड़ा I अलग अलग देशों की यात्रा कर चुकी कविता का मानना है की कोइ भी देश ऐ्सा नही है जहाँ महिलाओं की सुरक्षा और उत्पीड़न से सम्भंदित घटनाएं सामने न आयी हों I वह आगे कहती हैं कि यह उन्होने खुद अनुभव किया है कि महिलाओं की सुरक्षा और उत्पीड़न एक वैश्विक मुद्दा है I हम लोग अपने पास उपलब्ध जानकारी के आधार पर बातें मान लेते हैं और दूसरे देशों के बारे में धारणाएं बना लेते हैं I उदाहरण के रूप में वे कहती हैं कि नैरोबी शहर जो की लूट पात के लिए प्रसिद्ध हैं वे जब वहां गयी तो उन्होंने देखा कि नैरोबी अफ्रीका का सबसे बड़ा आईटी हब है I उनका मानना है कि प्रौद्योगिकी और नवाचार का लोगों की ज़िन्दगी पर बहुत बड़ा प्रभाव है I इसी का एक उदहारण है कि नैरोबी जो की ट्रैफ़िक जाम के मामले में भी काफी मशहूर है, वहां की टैक्सी में डोंगल्स व हॉट स्पॉट् की सुविधा उपलब्ध है ताकि लोग अपना कीमती समय टैक्सी में काम करके बचा सकें I

    कविता ने वी माईंड जैसा सामाजिक मंच बनाया जहाँ लोग बिना किसी हिचक के उन सभी शहरों की कहानियों को शेयर कर पाएं जो कभी उभर के सामने नही आ सकी I वहीँ अपनी इस भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी को तनाव मुक्त करने के लिए शाहरुख़ खान की फिल्में देखना, जॉगिंग करना, मैडिटेशन करना और पुस्तकें पढ़ना पसंद करती हैं और ज़िन्दगी के हर कदम पर कुछ नया करने का होसला रखने वाली कविता ने अपनी सोच से लोगों का नजरिया बदल दिया I

    Clap Icon0 Shares
    • +0
      Clap Icon
    Share on
    close
    Clap Icon0 Shares
    • +0
      Clap Icon
    Share on
    close
    Share on
    close