4 जुलाई: तिलक जेल गए, विवेकानंद का निधन और अमेरिका की आज़ादी
4 जुलाई का दिन विश्व और भारतीय इतिहास में बेहद खास है. अमेरिका की स्वतंत्रता, स्वामी विवेकानंद का निधन, बाल गंगाधर तिलक की गिरफ्तारी और मंगल पर पहला रोवर—जानिए इस दिन घटी 5 बड़ी घटनाओं के बारे में जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं. पढ़िए आज का रोचक तथ्य.
4 जुलाई का दिन (4 July Ka Itihas) विश्व इतिहास के पन्नों में कई बड़े राजनीतिक, वैज्ञानिक और सामाजिक घटनाओं के लिए जाना जाता है. यह दिन न केवल अमेरिका की स्वतंत्रता का प्रतीक है, बल्कि भारत और दुनिया के कई हिस्सों में घटित महत्वपूर्ण घटनाओं से भी जुड़ा है.
आज का इतिहास (History of the day) सीरीज़ में हम आपको ले चलते हैं समय की उस यात्रा पर, जहां 4 जुलाई के दिन (4 July History) घटी प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं, जन्मी महान हस्तियां और हुई अहम बदलावों की चर्चा करते हैं. यह सीरीज़ न केवल ऐतिहासिक जानकारी देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे एक दिन कई मायनों में इतिहास का हिस्सा बन जाता है.
आइए नज़र डालते हैं 4 जुलाई को इतिहास में घटित कुछ प्रमुख घटनाओं पर —
भारत और विश्व के इतिहास में 4 जुलाई की प्रमुख घटनाएं
1776 — अमेरिका को मिली आज़ादी
4 जुलाई 1776 को अमेरिका ने आज़ादी की घोषणा की. (Independence of USA) इस दिन 13 अमेरिकी उपनिवेशों ने ब्रिटेन (Great Britain) से अलग होने का फैसला लिया. “डिक्लेरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस” (Declaration of Independence) नाम का दस्तावेज़ तैयार किया गया. इसे थॉमस जेफरसन (Thomas Jefferson) ने लिखा था. यह घोषणा फिलाडेल्फिया (Philadelphia) शहर में हुई थी. असल में आज़ादी का फैसला 2 जुलाई को ले लिया गया था. लेकिन 4 जुलाई को इसे आधिकारिक रूप से अपनाया गया. तभी से हर साल 4 जुलाई को अमेरिका में स्वतंत्रता दिवस (US Independence Day) मनाया जाता है. यह दिन लोकतंत्र और बराबरी की सोच का प्रतीक है.
1897 — लोकमान्य तिलक की गिरफ्तारी
4 जुलाई 1897 को 'लोकमान्य' बाल गंगाधर तिलक (Bal Gangadhar Tilak) को ब्रिटिश सरकार ने गिरफ्तार किया था. उन पर आरोप था कि उन्होंने अपने अख़बार 'केसरी' (Kesari) में ऐसे लेख लिखे जो लोगों को सरकार के खिलाफ भड़काते थे. इससे कुछ दिन पहले चापेकर बंधुओं (Chapekar brothers) ने पुणे में दो अंग्रेज अफसरों की हत्या कर दी थी. ब्रिटिश अधिकारियों को लगा कि तिलक के लेखों ने हिंसा को बढ़ावा दिया. इसलिए उन्हें राजद्रोह (sedition) के आरोप में गिरफ्तार कर 18 महीने की सजा दी गई. यह घटना भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन (Indian Independence Movement) में ब्रिटिश दमन और प्रेस की आज़ादी पर बड़ा सवाल बनकर उभरी. आगे चलकर उनके क्रांतिकारी विचार और “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है” (Swarajya is my birthright) का नारा भारतीय युवाओं के मन में जोश भर गया.
1902 — स्वामी विवेकानंद का निधन
4 जुलाई 1902 को स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) का निधन पश्चिम बंगाल के बेलूर मठ में हुआ. वे उस समय केवल 39 वर्ष के थे. लंबे समय से वे माइग्रेन, अस्थमा और मधुमेह जैसी बीमारियों से पीड़ित थे. उस दिन सुबह उन्होंने ध्यान किया और अपने शिष्यों को वेदांत पर प्रवचन दिया. दोपहर में विश्राम के लिए अपने कमरे में गए और रात को उनका निधन हो गया. उन्होंने पहले ही कहा था कि वे 40 साल की उम्र पूरी होने से पहले ही संसार छोड़ देंगे. मात्र 39 वर्ष की आयु में उनका चले जाना भारतीय आध्यात्मिकता के लिए एक बड़ी क्षति थी. उनका जीवन भारत की युवा पीढ़ी के लिए आज भी प्रेरणा का स्रोत है. स्वामी विवेकानंद ने 1893 में शिकागो (Chicago) के विश्व धर्म महासभा में भारत का गौरव बढ़ाया था.
1997 — मंगल ग्रह पर पहुँचा अमेरिका का 'पाथफाइंडर'
4 जुलाई 1997 को नासा (NASA) का 'मार्स पाथफाइंडर' (Mars Pathfinder) मंगल ग्रह (Mars) पर उतरा. (Pathfinder lands on Mars) यह यान 4 दिसंबर 1996 को धरती से भेजा गया था. सात महीने की यात्रा के बाद यह मंगल पर पहुंचा. इसके साथ एक छोटा रोवर (rover) भी भेजा गया था, जिसका नाम सोजरनर (Sojourner) था. यह किसी दूसरे ग्रह पर चलने वाला पहला रोबोट (robot) था. इसका काम मंगल की मिट्टी, चट्टानों और वातावरण की जांच करना था. यह मिशन अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस के दिन पहुंचा, इसलिए इसे ‘इंडिपेंडेंस डे मिशन’ भी कहा गया. इसने भविष्य के मंगल अभियानों की नींव रखी.
1976 — इजरायल का 'ऑपरेशन एंतेबे'
4 जुलाई 1976 को इज़रायल (Israel) ने ‘ऑपरेशन थंडरबोल्ट’ (Operation Thunderbolt) चलाया, जिसे बाद में ‘ऑपरेशन एंतेबे’ (Operation Entebbe/raid) कहा गया. यह मिशन युगांडा (Uganda) के एंतेबे एयरपोर्ट (Entebbe Airport) पर चलाया गया था. एयर फ्रांस की फ्लाइट (Air France Flight 139 hijacked) को 27 जून को चार आतंकियों ने हाईजैक कर लिया था. विमान में 248 यात्री थे, जिनमें कई इज़रायली नागरिक भी थे. इज़रायल के कमांडोज़ ने 4000 किलोमीटर दूर जाकर सिर्फ 90 मिनट में 102 बंधकों को सुरक्षित छुड़ा लिया. सभी अपहर्ता मारे गए. इस मिशन में कमांडर योनातान नेतन्याहू (Lt. Col. Yonatan Netanyahu) शहीद हो गए. यह आज भी दुनिया के सबसे साहसी बंधक मुक्ति अभियानों में गिना जाता है.
4 जुलाई को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
1871 — ह्यूबर्ट सेसिल बूथ, अंग्रेज इंजीनियर, पहले पावर वैक्यूम क्लीनर के आविष्कारक
1898 — गुलजारी लाल नंदा, भारत के दो बार कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहे
1912 — दक्षिणायनी वेलायुधन, भारतीय संविधान को बनाने में सहयोग देने वाली महिलाओं में से एक
1916 — नसीम बानो, हिन्दी फ़िल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री
1921 — जेरार्ड डेब्रू, अर्थशास्त्री, गणितज्ञ, और नोबेल पुरस्कार विजेता
1956 — लक्ष्मीकांत पारसेकर, गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री
4 जुलाई को जिन हस्तियों ने दुनिया को कहा अलविदा
1826 — थॉमस जेफरसन, तीसरे अमेरिकी राष्ट्रपति और स्वतंत्रता की घोषणा के लेखक
1826 — जॉन एडम्स, अमेरिका के दूसरे राष्ट्रपति
1857 — धन सिंह गुर्जर, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी
1902 — स्वामी विवेकानंद, साहित्य, दर्शन और इतिहास के प्रकाण्ड विद्वान
1934 — मैरी क्यूरी (मैडम क्यूरी), पोलिश-फ्रांसीसी भौतिक विज्ञानी, रसायनज्ञ, और नोबेल पुरस्कार विजेता
1963 — पिंगली वेंकैया, भारतीय तिरंगे के डिज़ाइनर, स्वतंत्रता सेनानी
1982 — भरत व्यास, बॉलीवुड के प्रसिद्ध गीतकार
1978 — अम्मू स्वामीनाथन, भारतीय संविधान को बनाने में सहयोग देने वाली महिलाओं में से एक
4 जुलाई को क्यों याद रखा जाए?
संयुक्त राज्य अमेरिका का स्वतंत्रता दिवस: 4 जुलाई 1776 को अमेरिका ने ब्रिटेन से अपनी आज़ादी की घोषणा की थी.
आज का रोचक तथ्य
क्या आप जानते हैं (Did you know) कि आज ही के दिन 4 जुलाई 1054 को चीनी खगोलविदों (Chinese astronomers) ने आकाश में एक बेहद चमकदार विस्फोट देखा, जो अब तक की सबसे तेज़ी से देखी गई सुपरनोवा (Supernova) मानी जाती है. इस घटना को “SN 1054” नाम दिया गया, और इसके विस्फोट से बना अवशेष आज क्रैब नेब्युला (Crab Nebula) के रूप में जाना जाता है. यह अद्भुत खगोलीय घटना कई हफ्तों तक दिन में भी दिखाई देती रही!
संपादक की कलम से: अगर आप ऐसे ही इतिहास के अनसुने पन्नों में रुचि रखते हैं, तो जुड़े रहिए हमारे साथ हर दिन की ऐतिहासिक झलकियों के लिए.




