अब भारतीय रेल में भी मिलेगा स्वादिष्ट खाना रेलटिफिन डॉट कॉम के ज़रिए...

By Ratn Nautiyal
July 01, 2015, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:20:58 GMT+0000
अब भारतीय रेल में भी मिलेगा स्वादिष्ट खाना रेलटिफिन डॉट कॉम के ज़रिए...
रेलटिफिन डॉट कॉम से ट्रेन लेट होने पर भी मिलेगा गरम खाना
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अगर भारतीय रेल में मिलने वाले भोजन की एक याद ही आपका मन खट्टा कर देती है, तो यहां आपके लिए एक आकर्षक विकल्प है, जिसे आप अगली बार रेल के सफर में उपयोग कर सकते हैं। रेलटिफिन डॉट कॉम आपको सीट पर आपका मनपसंद भोजन परोसने की गारंटी देता है।

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भारतीय रेल में बड़े पैमाने पर यात्रा कर चुके, रेलटिफिन डॉट कॉम के सीईओ और सह-संस्थापक पीयूष बोथरा कहते हैं कि, यह विचार तब आया जब भारतीय रेल में लम्बी यात्रा के दौरान पहली बार भोजन का अनुभव हुआ। यही वह क्षण था जब उन्होंने अपने दोस्त हर्षित जैन (सीओओ, रेलटिफिन डॉट कॉम) के साथ नौकरी छोड़ कर, इस दिशा में अपना काम शुरू करने की सोची। हर्षित एमडीआई और पीयूष आईआईएम लखनऊ से मैनेजमेंट में स्नातक हैं। दोनों साथ में व्यवसाय करने से पहले, पेशेवर तरीके से बहुत से जोखिम भरे व्यवसायों में साथ रहे हैं।

पीयूष कहते हैं कि “हमें लगा बाज़ार बहुत बड़ा है। रोजाना एक करोड़ यात्री भारतीय रेल में यात्रा करते हैं। आजकल मोबाइल एक जरुरत है और सामान्य से स्मार्टफोन में भी इन्टरनेट पर ट्रेन के समय पता चल जाता है।” तकनीक के साथ चलते हुए रेलटिफिन डॉट कॉम सरलता से ऑर्डर लेता है। यात्री ऑर्डर को उनकी वेबसाइट पर अपने टिकिट के पीएनआर नंबर से बुक कर सकता है या सीधे उनके ग्राहक सेवा केंद्र (कस्टमर केयर ) में फोन कर के। फंडिंग को बहुत अच्छे से जमा करने और अपनी आधिकारिक शुरुआत के बाद, केवल पांच महीने में ही रेलटिफिन डॉट कॉम 150 स्टेशन और 3500 ट्रेन तक अपनी पहुंच बना चुका है। इसको ग्राहकों और विक्रेताओं से गज़ब की प्रतिक्रिया मिली है और हर गुजरते दिन के साथ ग्राहकों की संख्या बढती जा रही है।

ट्रेन देरी के खेद को दूर करने की तरकीब

रेलटिफिन डॉट कॉम के लिए ट्रेन लेट होना एक जटिल समस्या है पर उन्होंने कभी इसकी शिकायत नहीं की है। बल्कि वे रेल की समय सारणी ट्रैक करने के लिए, भारतीय रेलवे के द्वारा दिए गए उपकरणों की मदद से इस मुसीबत से निपटते हैं। ट्रेन की देरी ग्राहक के खाने पर प्रभाव ना डाले इस बात का वे बहुत ख्याल रखते हैं। इसके अलावा वह इस बात पर भी जोर देते हैं कि कम से कम खाना खराब हो। उदाहरण के लिए यदि ट्रेन तीन घंटे देरी से चल रही है तो रेलटिफिन डॉट कॉम ग्राहक को ऑर्डर में लिखे गए, स्टेशन से एक स्टेशन पहले ही भोजन पहुंचा देता है, ताकि यात्री को भोजन तो समय पर मिले। इस सेवा का श्रेय रेलटिफिनडॉटकॉम अपने 150 विक्रेताओं को देता है, जो स्टेशन पर ट्रेन लेट होने की मुसीबत से निपटता है।

हर मांग की पूर्ति

रेलटिफिन डॉट कॉम विक्रेता के साथ इस तरह साझेदार हुए हैं कि विक्रेता खुद को रेलटिफिन डॉट कॉम का हिस्सा मानते हैं। रेलटिफिन डॉट कॉम विक्रेताओं के साथ ट्रेन की समय सारिणी की जानकारी साझा करके, सरल प्रक्रिया को चलाना चाहता है। जिससे समय और भोजन की बर्बादी ना हो। ऐसे में दोनों तरह से रेलटिफिन डॉट कॉम की जीत है, जहां डिलीवरी की गारंटी है, वहीँ ग्राहक को भी ताज़ा गर्म भोजन मिल रहा है। हर्षित अपनी 15 सदस्यों की टीम को इसका क्रेडिट देते हैं जो फ़ोन पर कस्टमर सर्विस से लेकर विक्रेता, मैनेजमेंट, आईटी और मार्केटिंग आदि सभी विभागों को देखती है।

भविष्य की योजनायें

डिजिटल और सोशियल मार्केटिंग पर ध्यान देना रेलटिफिन डॉट कॉम की आगे की मार्केटिंग रणनीति का भाग है। वेबसाइट और मोबाइल एप्प से फीडबैक और रेटिंग के द्वारा अच्छा प्रदर्शन करने वाले विक्रेता को इनाम दिया जाएगा। हर्षित कहते हैं 

“रेलटिफिन डॉट कॉम लोगों के लिए यात्रा के दौरान एक भरोसेमंद दोस्त बन रहा है। ऑनलाइन फ़ूड ऑर्डर के क्षेत्र में यह शुरूआती दौर है। मुझे लगता है कि रेलटिफिन डॉट कॉम रेल यात्रियों को अच्छा भोजन परोसने की दिशा में एक आदर्श मॉडल बन सकता है। यह सिर्फ अभी शुरुआत है और हमें बहुत सा रास्ता तय करना है।”

दूसरों से जरा हट के

ट्रेवलखानाडॉटकॉम और कमसम जैसे प्रतियोगियों के सामने रेलटिफिन डॉट कॉम इकलौती ऐसी संस्था है जो भोजन वितरण करने की गारंटी देता है। आधार एक होने पर भी इन संस्थाओं में फर्क ग्राहक की संतुष्टि को लेकर है। रेलटिफिन डॉट कॉम के एक कदम आगे होने के पीछे इससे जुड़े विक्रेता भी हैं, जो खाने को स्वच्छ रखते हुए समय पर पहुंचा देते हैं। पीयूष कहते हैं 

“ट्रेन स्टेशन पर पांच मिनट के लिए ही रूकती है, ऐसी में भोजन समय पर और गर्मागर्म यात्रियों तक पहुंचना जरूरी है। इससे हमारी सेवा के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ता है। अभी तो यह पहला कदम है हम बहुत सी नयी चीज़ें इस क्षेत्र में लाना चाहते हैं।”
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