9 जून: बिरसा मुंडा की शहादत, नेताजी की नजरबंदी और शास्त्री जी बने PM
9 जून का इतिहास गवाह है कई बड़ी घटनाओं का – सम्राट नीरो की आत्महत्या, आदिवासी वीर बिरसा मुंडा की शहादत, लाल बहादुर शास्त्री का प्रधानमंत्री बनना, वॉल्ट डिज़्नी को मिकी माउस का कॉपीराइट मिलना और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की नजरबंदी. जानिए इस दिन से जुड़ी प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं और आज का रोचक तथ्य.
हर दिन इतिहास के पन्नों में कुछ न कुछ खास दर्ज होता है, और 9 जून भी कुछ ऐसी ही ऐतिहासिक घटनाओं (9 June Ka Itihas) का गवाह रहा है जिन्होंने विश्व और भारत दोनों के इतिहास को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
आज का इतिहास (History of the day) सीरीज़ में हम आपको ले चलते हैं समय की उस यात्रा पर, जहां 9 जून के दिन (9 June History) घटी प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं, जन्मी महान हस्तियां और हुई अहम बदलावों की चर्चा करते हैं. यह सीरीज़ न केवल ऐतिहासिक जानकारी देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे एक दिन कई मायनों में इतिहास का हिस्सा बन जाता है.
आइए जानते हैं 9 जून को घटी प्रमुख घटनाओं, जन्मों और निधन के बारे में, जो इस दिन को खास बनाती हैं.
भारत और विश्व के इतिहास में 9 जून की प्रमुख घटनाएं
68 ईस्वी — सम्राट नीरो ने आत्महत्या की
9 जून 68 ईस्वी को रोम के सम्राट नीरो (Nero Claudius Caesar Augustus Germanicus) ने आत्महत्या कर ली थी. वह रोमन साम्राज्य के पाँचवें सम्राट थे और जूलियो-क्लॉडियन वंश (Julio-Claudians dynasty) के अंतिम शासक माने जाते हैं. अपने शासनकाल (54–68 ई.) में नीरो को क्रूरता, विलासिता, अत्याचार, और कलाप्रियता के लिए जाना जाता था. नीरो का शासनकाल शुरू में ठीक रहा, लेकिन बाद में उनके खिलाफ सेना, सीनेट और आम जनता में असंतोष बढ़ता गया. 68 ईस्वी में जब गवर्नर गैल्बा (Galba) ने उनके खिलाफ विद्रोह किया और सेना ने नीरो का साथ छोड़ दिया, तब नीरो अकेले और अपमानित हो गए. उन्हें सीनेट द्वारा "जनता का शत्रु" घोषित कर दिया गया, जिसके बाद नीरो ने 9 जून 68 ईस्वी को आत्महत्या कर ली — ऐसा करने वाले वे रोम के पहले सम्राट थे.
1900 — 25 वर्ष की उम्र में शहीद हुए आदिवासी वीर बिरसा मुंडा
अंग्रेजों के खिलाफ जल, जंगल और जमीन की लड़ाई लड़ने वाले बिरसा मुंडा (Bhagwan Birsa Munda) की मौत बहुत ही रहस्यमय और दुखद परिस्थितियों में हुई. उन्हें 3 फरवरी 1900 को ब्रिटिश हुकूमत ने गिरफ्तार किया था और 9 जून 1900 को रांची जेल में उनकी मौत हो गई. उस समय वे सिर्फ 25 साल के थे. ब्रिटिश अधिकारियों का दावा था कि उनकी मौत हैजा से हुई, लेकिन इतिहासकारों और कई स्थानीय कथाओं के अनुसार उन्हें धीमा ज़हर देकर मारा गया. बिरसा मुंडा ने अपने छोटे से जीवन में झारखंड, बिहार, ओडिशा और बंगाल के आदिवासियों को एकजुट किया और ब्रिटिश सत्ता के शोषण के खिलाफ 'उलगुलान' (महाविप्लव) शुरू किया. उन्होंने न सिर्फ अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, बल्कि ईसाई मिशनरियों द्वारा आदिवासियों के धर्मांतरण का भी विरोध किया और आदिवासी पहचान और परंपराओं को पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया. (Birsa Munda Death Anniversary-Punyatithi)
बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को उलिहातू गांव (अब झारखंड) में हुआ था. आज भी 15 नवंबर को 'बिरसा मुंडा जयंती' और 'झारखंड स्थापना दिवस' के रूप में मनाया जाता है. आदिवासी समाज बिरसा मुंडा को भगवान का दर्जा देता है. उन्हें 'धरती आबा' के नाम से भा जाना जाता है.
1934 — वॉल्ट डिज़्नी को मिकी माउस के लिए मिला कॉपीराइट
9 जून 1934 को वॉल्ट डिज़्नी प्रोडक्शंस (Walt Disney) को उनके मशहूर कार्टून किरदार मिकी माउस (Mickey Mouse) के लिए आधिकारिक कॉपीराइट प्राप्त हुआ. यह कॉपीराइट अमेरिकी कॉपीराइट कार्यालय (U.S. Copyright Office) द्वारा दिया गया था, जिसने मिकी माउस को एक पंजीकृत रचनात्मक संपत्ति के रूप में मान्यता दी. यह तारीख वॉल्ट डिज़्नी के कार्टून साम्राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ बन गई. हालांकि मिकी माउस का पहला सार्वजनिक प्रदर्शन 18 नवंबर 1928 को एनिमेटेड फिल्म Steamboat Willie में हुआ था, लेकिन कॉपीराइट मिलने से डिज़्नी को कानूनी रूप से अपने इस किरदार पर विशेष अधिकार मिल गए. इसके बाद मिकी माउस केवल एक कार्टून नहीं रहा, बल्कि यह डिज़्नी ब्रांड का चेहरा बन गया — एक ग्लोबल आइकन. मिकी माउस की लोकप्रियता ने वॉल्ट डिज़्नी को एक एनीमेशन लीजेंड बना दिया और कार्टून की दुनिया में व्यवसायिक और रचनात्मक क्रांति ला दी. इस कॉपीराइट के बाद डिज़्नी ने अपने अन्य पात्रों – मिनी माउस, डोनाल्ड डक, गूफी और प्लूटो – को भी इसी तरह कॉपीराइट कराया और एक पूरी मनोरंजन साम्राज्य की नींव रखी.
1940 — नेताजी की नजरबंदी
9 जून 1940 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Netaji Subhas Chandra Bose) को ब्रिटिश सरकार ने स्वास्थ्य कारणों से जेल से रिहा कर नजरबंद कर दिया. यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम (Indian Independence Movement) के महत्वपूर्ण पड़ावों में से एक थी. हालांकि आम धारणा है कि नेताजी को काला पानी (अंडमान की सेलुलर जेल) में रखा गया था, लेकिन ऐतिहासिक रिकॉर्ड बताते हैं कि उन्हें मुख्य रूप से कलकत्ता (अब कोलकाता) में नजरबंद किया गया था और काला पानी में उनकी कैद का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिलता. यह घटना आज़ादी की लड़ाई के महत्वपूर्ण मोड़ों में एक थी.
1964 — लाल बहादुर शास्त्री बने देश के दूसरे प्रधानमंत्री
9 जून 1964 को लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) ने भारत के दूसरे प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया. यह अवसर भारत के लोकतंत्र के लिए बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक था, क्योंकि इसी वर्ष 27 मई 1964 को देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू (Pt. Jawaharlal Nehru) का निधन हुआ था. नेहरू की मृत्यु के बाद भारत एक नेतृत्व शून्य की स्थिति में आ गया था, जिसे भरने की जिम्मेदारी शास्त्री जी ने उठाई. प्रधानमंत्री बनने से पहले वे रेल मंत्री, गृह मंत्री, और प्लानिंग कमिशन के उपाध्यक्ष जैसे अहम पदों पर कार्य कर चुके थे. शास्त्री जी का कार्यकाल भले ही केवल 18 महीने का रहा (9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 तक), लेकिन इस दौरान उन्होंने 1965 के भारत-पाक युद्ध (1965 India-Pakistan War) में देश का प्रभावशाली नेतृत्व किया और "जय जवान, जय किसान" (Jai Jawan Jai Kisan) जैसा प्रेरणादायक नारा दिया, जो आज भी भारतीय राजनीति और समाज में गूंजता है.
9 जून को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
1912 — वसंत देसाई, भारतीय फिल्म संगीतकार
1931 — नंदिनी सत्पथी, उड़ीसा की महिला मुख्यमंत्री तथा लेखिका
1949 — किरण बेदी, भारत की प्रथम महिला आई.पी.एस
1963 — जॉनी डेप, हॉलीवुड के मशहूर अभिनेता
1975 — अमीषा पटेल, हिन्दी फिल्मों की अभिनेत्री
1981 — अनुष्का शंकर, सितार वादक
1985 — सोनम कपूर, हिन्दी फिल्मों की अभिनेत्री
9 जून को जिन हस्तियों ने दुनिया को कहा अलविदा
68 ईस्वी — नीरो, रोम के सम्राट
1870 — चार्ल्स डिकेंस, विश्व प्रसिद्ध अंग्रेजी उपन्यासकार
1900 — बिरसा मुंडा, आदिवासियों के भगवान
1990 — असद भोपाली, प्रसिद्ध गीतकार और शायर
1991 — राज खोसला, हिंदी फ़िल्मों के निर्देशक, निर्माता और पटकथा लेखक
2011 — मक़बूल फ़िदा हुसैन (एम एफ़ हुसैन), भारतीय चित्रकार, फ़िल्म निर्माता-निर्देशक, राजनीतिज्ञ, और फोटोग्राफर
9 जून को क्यों याद रखा जाए?
आदिवासी महानायक, धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि
आज का रोचक तथ्य
क्या आप जानते हैं (Did you know) कि 9 जून को "डोनाल्ड डक" (Donald Duck) का जन्मदिन भी मनाया जाता है! वर्ष 1934 में इसी दिन डोनाल्ड डक पहली बार कार्टून 'The Wise Little Hen' में दिखाई दिया था.
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