AI, Quantum और Cybersecurity बदल रहे हैं गवर्नेंस का तरीका, डॉ. जितेंद्र सिंह ने अधिकारियों को किया अलर्ट
AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल टूल्स गवर्नेंस को तेजी से बदल रहे हैं. केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सिविल सर्वेंट्स से लगातार सीखने, नई टेक्नोलॉजी अपनाने और प्रभावी कम्युनिकेशन पर जोर दिया.
टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है और इसका असर अब सरकारी कामकाज पर भी साफ दिखाई दे रहा है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल टूल्स शासन के तरीके को तेजी से बदल रहे हैं. ऐसे में सिविल सर्वेंट्स के लिए लगातार नई चीजें सीखना और अपने स्किल्स को अपडेट करना जरूरी हो गया है.
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह बात लेटरल एंट्री से आए जॉइंट सेक्रेटरीज, डायरेक्टर्स और डिप्टी सेक्रेटरीज के लिए आयोजित 15 दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स को संबोधित करते हुए कही.
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि आज का एडमिनिस्ट्रेटिव माहौल तेजी से बदल रहा है. इसलिए अधिकारियों को हमेशा सीखने की इच्छा बनाए रखनी चाहिए. उन्हें नई टेक्नोलॉजी और बदलती जरूरतों के साथ खुद को तैयार करना होगा.
उन्होंने कहा कि रिफ्रेशर कोर्स को सिर्फ लेक्चर सुनने का माध्यम नहीं समझना चाहिए. यह अधिकारियों और ट्रेनर्स के बीच बातचीत और विचार साझा करने का अवसर भी है. उन्होंने प्रतिभागियों से अपनी जरूरतों और अनुभवों के आधार पर खुलकर चर्चा करने और सुझाव देने को कहा.
AI और नई टेक्नोलॉजी को समझना जरूरी
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल टूल्स अब गवर्नेंस और एडमिनिस्ट्रेशन की प्रक्रियाओं को प्रभावित कर रहे हैं. इन टेक्नोलॉजी में तेजी से बदलाव हो रहा है. ऐसे में अधिकारियों के लिए लगातार सीखना जरूरी है, ताकि वे इनका सही तरीके से इस्तेमाल कर सकें.
उन्होंने कहा कि सिविल सर्वेंट्स की जिम्मेदारी केवल नई टेक्नोलॉजी अपनाने तक सीमित नहीं है. उन्हें सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंचाने के लिए इन टेक्नोलॉजी और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करना होगा. साथ ही संविधान में तय जिम्मेदारियों और सरकारी संस्थाओं की गरिमा को भी बनाए रखना होगा.
उन्होंने बताया कि सरकार ने योजनाओं को लागू करने और उनकी मॉनिटरिंग को आसान बनाने पर भी ध्यान दिया है.
सरकारी अधिकारियों के लिए कम्युनिकेशन क्यों जरूरी
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि आज के दौर में प्रभावी कम्युनिकेशन जिम्मेदार गवर्नेंस का एक जरूरी हिस्सा बन गया है. अधिकारियों को अलग-अलग वर्गों के साथ सही तरीके से संवाद करना आना चाहिए.
उन्होंने कम्युनिकेशन के चार प्रमुख स्तर बताए. इनमें सरकारी अधिकारियों और सहकर्मियों के साथ संवाद, राजनीतिक पदाधिकारियों के साथ संवाद, मीडिया के साथ संवाद और आम लोगों के साथ संवाद शामिल हैं.
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव ने सरकारी अधिकारियों की कम्युनिकेशन की जिम्मेदारी को और बढ़ा दिया है. अब केवल सरकारी कम्युनिकेशन ही नहीं, बल्कि पब्लिक कम्युनिकेशन पर भी ध्यान देना जरूरी है.

रिफ्रेशर कोर्स में कई अहम विषय शामिल
15 दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स में पॉलिसी एनालिसिस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, म्यूनिसिपल फाइनेंस, पब्लिक हेल्थ, साइबर सिक्योरिटी, एजुकेशन और गवर्नमेंट कम्युनिकेशन जैसे विषय शामिल किए गए हैं.
डॉ. जितेंद्र सिंह ने सुझाव दिया कि गवर्नमेंट कम्युनिकेशन के साथ पब्लिक कम्युनिकेशन को भी पाठ्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाना चाहिए. उनका कहना था कि अधिकारियों को अलग अलग स्टेकहोल्डर्स के साथ प्रभावी संवाद करने के लिए तैयार करना समय की जरूरत है.
लेटरल एंट्री से अब तक करीब 63 अधिकारी जुड़े
डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रशासन में नए लोगों, नए विचारों और अलग क्षेत्रों की वर्क कल्चर को शामिल करने की जरूरत पर भी जोर दिया.
उन्होंने बताया कि लेटरल एंट्री के जरिए अब तक करीब 63 अधिकारी सरकारी व्यवस्था का हिस्सा बन चुके हैं. उन्होंने कहा कि अलग अलग क्षेत्रों से आने वाली एक्सपर्टीज और अनुभव प्रशासन को नए नजरिए दे सकते हैं.
उन्होंने 15 दिवसीय रिफ्रेशर प्रोग्राम को अधिकारियों के मिड करियर कोर्स के रूप में भी बताया. इसका उद्देश्य अधिकारियों को उनके करियर के बीच में नई सीख और बदलती जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार करने का अवसर देना है.
IIPA की पहुंच बढ़ाने पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (IIPA) जैसी संस्थाओं की पहुंच बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि ऐसी संस्थाओं को समान उद्देश्य पर काम करने वाले दूसरे संस्थानों और एजेंसियों के साथ जोड़ना चाहिए.
उन्होंने बताया कि इन संस्थानों की पहुंच सेंट्रल गवर्नमेंट और स्टेट गवर्नमेंट के अलावा पब्लिक इंस्टीट्यूशंस और इलेक्टेड बॉडीज तक होनी चाहिए. कॉरपोरेट और प्राइवेट सेक्टर के लोगों के लिए भी नए कोर्स तैयार किए जा रहे हैं.
फीडबैक से बेहतर होंगे ट्रेनिंग प्रोग्राम
डॉ. जितेंद्र सिंह ने अधिकारियों से ट्रेनिंग प्रोग्राम को बेहतर बनाने के लिए खुलकर फीडबैक देने को कहा. उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों को बताना चाहिए कि उन्हें किन विषयों पर अधिक जानकारी चाहिए और पाठ्यक्रम में किस तरह के बदलाव किए जा सकते हैं.
उन्होंने फैकल्टी और कोर्स कंटेंट पर स्पष्ट और अनाम फीडबैक लेने की व्यवस्था विकसित करने का भी सुझाव दिया. इससे ट्रेनिंग प्रोग्राम को लगातार बेहतर बनाया जा सकेगा.
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस कोर्स में शामिल अधिकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडिया '47 के विजन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. उन्होंने अधिकारियों से खुले मन और सीखने की भावना के साथ इस प्रोग्राम में शामिल होने की अपील की.
उन्होंने कहा कि गवर्नेंस का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. ऐसे में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में लगातार सीखना, नई टेक्नोलॉजी को समझना और संवाद करते रहना बेहद जरूरी है.
Edited by Ravi Pareek



