AI स्टार्टअप Zango को मिली 48 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग
Zango AI ने नियम-कानून से जुड़े कामों को आसान बनाने के लिए जुटाई फंडिंग, अब बैंकिंग से आगे बीमा और एसेट मैनेजमेंट सेक्टर में करेगा विस्तार. Nexus Venture Partners ने की सीड फंडिंग राउंड की अगुवाई.
रेगुलेटरी टेक्नोलॉजी स्टार्टअप Zango AI ने $4.8 मिलियन (लगभग ₹40 करोड़) की फंडिंग जुटाई है. यह एक सीड फंडिंग राउंड था, जिसकी अगुवाई Nexus Venture Partners ने की. इस राउंड में South Park Commons, जो Zango का पहला इन्वेस्टर रहा है, के अलावा Allica Bank के सीईओ Richard Davies, McKinsey के सीनियर पार्टनर Alan Morgan, Notion Capital, No Label Ventures, और Start Ventures जैसे नामचीन निवेशकों ने हिस्सा लिया.
इस फंडिंग से Zango अब लंदन और बेंगलुरु में अपनी टीम का विस्तार करेगा. साथ ही, यह एक AI-नेटिव गवर्नेंस, रिस्क और कंप्लायंस (GRC) प्लेटफॉर्म के अन्य मॉड्यूल्स पर भी काम करेगा. कंपनी अब बैंकिंग के साथ-साथ बीमा और एसेट मैनेजमेंट जैसे अन्य वित्तीय क्षेत्रों में भी कदम रखने की तैयारी में है.
क्या करता है Zango AI?
Zango AI एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो AI-बेस्ड एजेंट्स की मदद से कंपनियों को लगातार बदलते नियमों की जानकारी देता है. यह KYC (Know Your Customer) और AML (Anti-Money Laundering) से आगे जाकर पूरे कंप्लायंस वर्कफ्लो को स्प्रेडशीट और मैनुअल कामकाज से मुक्त करता है.
कंपनी के AI एजेंट्स नए नियमों पर नजर रखते हैं (हॉराइजन स्कैनिंग), तुरंत कंप्लायंस गैप की पहचान करते हैं और फर्म को ऑडिट के लिए हमेशा तैयार रखते हैं.
आज दुनिया भर में फाइनेंशियल रेगुलेशन हजारों पेज में फैले हुए हैं, जिससे मैन्युअल प्रोसेस धीमे और खर्चीले हो जाते हैं. Zango का उद्देश्य इन सभी जटिलताओं को एक साफ और सरल लिस्ट में बदलना है. इसके लिए कंपनी नियम-विशिष्ट LLM (Large Language Models) का उपयोग कर रही है.
Zango की सेवाएं पहले से ही कई बड़े बैंकों जैसे Novobanco (पुर्तगाल का चौथा सबसे बड़ा बैंक) और यूरोप व UK के प्रमुख नियोबैंक्स जैसे Monzo और Juni द्वारा इस्तेमाल की जा रही हैं.
Zango के को-फाउंडर हैं — रितेश सिंघानिया और शशांक अग्रवाल. दोनों ही दूसरी बार स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं और उन्हें रेगुलेटरी टेक्नोलॉजी का तगड़ा अनुभव है.
रितेश पहले ClearGlass के फाउंडर रह चुके हैं और उन्होंने Simplitium (जो बाद में NASDAQ द्वारा अधिग्रहीत हुआ) में टेक प्रमुख के रूप में काम किया है.
शशांक ने Third Watch नाम का AI आधारित फ्रॉड डिटेक्शन स्टार्टअप शुरू किया था, जिसे Razorpay ने अधिग्रहीत किया था. इसके बाद उन्होंने PhonePe में ट्रस्ट और कंप्लायंस इंजीनियरिंग को लीड किया.
Zango के को-फाउंडर रितेश सिंघानिया ने कहा, “हम कोई सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म नहीं बेचते — हम समस्या का हल देते हैं. हमारे AI एजेंट्स इंसानों के साथ मिलकर काम करते हैं ताकि 100% सही नतीजे मिलें. असली संतोष किसी टूल से नहीं, भरोसेमंद हल से मिलता है. यही वजह है कि हम कंसल्टेंट्स से आगे हैं — क्योंकि हम भी सिर्फ टूल नहीं बेचते, बल्कि पूरी मदद करते हैं.”
निवेशकों ने क्या कहा?
Nexus Venture Partners के पार्टनर आनंद दत्ता ने कहा, “Zango का फर्स्ट-प्रिंसिपल्स बेस्ड AI दृष्टिकोण रेगुलेटरी दुनिया को नया आकार दे रहा है. रितेश और शशांक की अनुभवयुक्त टीम पहले ही ग्लोबल फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन्स की मदद कर रही है.”
Novobanco की हेड ऑफ रेगुलेटरी अफेयर्स, लारा रीस (Lara Reis) ने कहा, “Zango AI ने हमारे मैनुअल काम में सैकड़ों घंटे बचाए हैं. अब हमारी टीम रणनीतिक कार्यों पर ध्यान दे पा रही है.”
Juni की हेड ऑफ कंप्लायंस, सबीना औसफेल्ट (Sabina Ausfelt) ने कहा, “Zango का हॉराइजन स्कैनिंग फीचर गेम-चेंजर है. यह हमारी सेकंड लाइन ऑफ डिफेंस को पूरी तरह बदल देगा.”



