Bambrew को मिली 90 करोड़ रु की फंडिंग, D2C में होगी एंट्री
बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप Bambrew ने 90 करोड़ रु की फंडिंग जुटाई है. अब कंपनी मिडिल ईस्ट और अमेरिका में विस्तार करेगी, D2C प्रोडक्ट्स लॉन्च करेगी और 120 करोड़ रु का रेवेन्यू टारगेट रखेगी.
सस्टेनेबल पैकेजिंग प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी ने ₹90 करोड़ (लगभग $10.3 मिलियन) की फंडिंग हासिल की है. इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Essel Propack के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर अशोक गोयल ने किया है. उनके साथ जापान की वेंचर कैपिटल फर्म ENRISSION INDIA CAPITAL ने भी निवेश किया है.
इस निवेश से कंपनी को अपनी रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) को मजबूत करने, मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार करने और नए प्रोडक्ट्स बनाने में मदद मिलेगी. इसके साथ ही कंपनी अब वैश्विक बाज़ार में कदम रखने की तैयारी में है, जिसकी शुरुआत मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अमेरिका से की जाएगी.
बेंगलुरु स्थित Bambrew की स्थापना 2019 में वैभव अनंत ने की थी. यह स्टार्टअप बांस, कृषि अपशिष्ट, समुद्री शैवाल, रिसाइकिल पेपर और अन्य प्राकृतिक संसाधनों से प्लास्टिक के विकल्प तैयार करता है. कंपनी का लक्ष्य ऐसे मटेरियल बनाना है जो पूरी तरह से बायोडिग्रेडेबल, होम-कंपोस्टेबल, मजबूत और स्केलेबल हों. Bambrew अब तक 500 से अधिक ब्रांड्स को पारंपरिक प्लास्टिक की जगह सस्टेनेबल पैकेजिंग विकल्प अपनाने में मदद कर चुका है. इसकी प्रोडक्ट रेंज में गारमेंट बैग्स, मेलर बैग्स, मैंगो बॉक्स पैकेजिंग और फूड व पर्सनल केयर इंडस्ट्री के लिए सॉल्यूशंस शामिल हैं.
Bambrew के फाउंडर और सीईओ वैभव अनंत का मानना है कि पैकेजिंग इंडस्ट्री एक अहम मोड़ पर है और अब केवल दिखावटी सस्टेनेबिलिटी नहीं, बल्कि असली बदलाव की जरूरत है. उन्होंने कहा कि इस फंडिंग से वे रिसर्च, इन्फ्रास्ट्रक्चर और बड़े स्तर पर बदलाव लाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे.
वहीं कंपनी के को-फाउंडर और चीफ बिजनेस ऑफिसर (CBO) कुनाल प्रसाद ने कहा कि यह निवेश उनके इनोवेशन मॉडल और भरोसे का प्रतीक है. अगले 12 महीनों में कंपनी ₹120 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करने और प्रॉफिट में आने का लक्ष्य लेकर चल रही है.
Bambrew अब D2C (डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर) सेगमेंट में भी एंट्री करने जा रही है, जहां वह रोजमर्रा की जरूरतों के लिए सस्टेनेबल पैकेजिंग प्रोडक्ट्स बाजार में लॉन्च करेगी. इससे कंपनी का फोकस सिर्फ B2B (बिजनेस-टू-बिजनेस) से हटकर सीधे ग्राहकों तक भी पहुंचने का होगा. कंपनी की योजना तेजी से बढ़ते फूड, पर्सनल केयर और क्विक कॉमर्स जैसे सेक्टर्स के लिए नए प्रोडक्ट लॉन्च करने की भी है, जो पूरी तरह से कम्पोस्टेबल और रिसाइक्लेबल होंगे.
इस निवेश को लेकर अशोक गोयल ने कहा कि Bambrew का मटेरियल-फर्स्ट अप्रोच बेहद प्रभावशाली है और कंपनी ऐसे समय में इनोवेशन कर रही है जब दुनियाभर में सस्टेनेबिलिटी की मांग तेजी से बढ़ रही है. उन्होंने विश्वास जताया कि Bambrew ग्लोबल स्टैंडर्ड बन सकता है.
ENRISSION INDIA CAPITAL के फाउंडर और सीईओ युसुके काकिमोटो (Yusuke Kakimoto) ने कहा कि भारत की पर्यावरणीय समस्याओं का हल वैश्विक असर पैदा कर सकता है और Bambrew की वैज्ञानिक सोच और नवाचार से ये लक्ष्य संभव हो सकता है.
अब Bambrew सस्टेनेबल मटेरियल्स की दुनिया में भारत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में काम कर रहा है. कंपनी का लक्ष्य है कि आने वाले समय में पैकेजिंग सिर्फ पर्यावरण के अनुकूल ही नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर असर डालने वाली बने.



