सस्टेनेबिलिटी और इनोवेशन की मिसाल हैं ये तीन D2C ब्रांड

By Prerna Bhardwaj
June 06, 2022, Updated on : Tue Jun 14 2022 09:04:15 GMT+0000
सस्टेनेबिलिटी और इनोवेशन की मिसाल हैं ये तीन D2C ब्रांड
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

रिसायकल, री-यूज, सस्टेनेबिलिटी, प्रदूषण, पर्यावरण और प्रकृति को बचाने की कवायद में हम सब की कोशिश कितनी कारगार है यह पर्यावरण पर निकली हुई कोई भी एक रिपोर्ट पढ कर ही समझ आ जाता है. हम अपने लक्ष्य से बहुत दूर खड़े दीखते हैं.


कुछ लोग हैं, कुछ कंपनियां हैं, कुछ संस्थान हैं जो इस दिशा में प्रयासरत हैं. आज हम तीन D2C ब्रांड के बारे में बात करेंगे जो अपने ब्रांड्स को सस्टेनेबल रखने की दिशा में प्रयासरत हैं.

Rage Coffee

रेज कॉफ़ी (Rage Coffee): कॉफ़ी बनाने, मार्केट और डिस्ट्रीब्यूट करने वाली यह FMCG (एफएमसीजी) कंपनी पूरी दुनिया के कस्टमर्स को अपना प्रोडक्ट बेचती है. इनके ब्रांड की ख़ास बात यह है की इनके प्रोडक्ट पैकेजिंग मटेरियल पूरी तरह से नैचुरल और बायो-डीग्रेडेबल मटेरियल से बनते हैं. जिस बैग में कॉफ़ी पैक की जाती है, कोल्ड-ब्रू बैग्स, वह मक्के के फाइबर से बनायीं जाती है जो बहुत आसानी से कम्पोस्ट होने वाली चीज़ है. वह बैग जिस टिन-बॉक्स में पैक करके डिस्पैच किया जाता है वह फेंके जाने के बजाय दुबारा इस्तेमाल में लाये जा सकते हैं.

Rage कॉफ़ी

Photo: Rage Coffee website

Neeman

नीमन (Neeman): दो भाईयों, तरन छाबरा और अमर प्रीत सिंह, द्वारा दिसम्बर 2018 में लांच की गयी यह कंपनी जूते बनाती है पर चमड़े की नहीं. सस्टेनेबिलिटी और इनोवेशन की मिसाल इनके जूते मेरिनो ऊन, रीसाइकल्ड टायर्स और बोतलें, नैचुरल कॉटन से बने होते हैं. जूते का हर हिस्सा- सोल से लेकर पैकेजिंग सभी इको-फ्रेंडली मटेरियल हैं. चमड़े का इस्तेमाल ना होना आपको इन्हें पहनने से गिल्ट-फ्री भी रखेगा.  

Neeman

Photo: Neeman website

Doodlage

डूडलेज (Doodlage): फैशन इंडस्ट्री हर साल 13 मिलियन टन कपड़ों के वेस्ट जेनेरेट करती है जिसमें 95 प्रतिशत दुबारा यूज किये जा सकते हैं. डूडलेज कंपनी यही करती है. कपडे के फैक्टरियों में बड़े तादाद में बचे हुए कतरन (कपड़ों के टुकड़े) को फेंकने की बजाय उन्हें नए डीजाइन्स में ढालकर नए कपडे बनाने का हुनर रखने वाले डूडलेज के फाउनडर्स उन कपड़ों को एक नयी ज़िन्दगी देते हैं जो नहीं तो सीधे कूड़े के ढेर में जातीं. कपड़ों के वेस्ट से ही पैकेजिंग मटेरियल भी तैयार किया जाता है और प्लास्टिक को कंपनी और पर्यावरण दोनों से ही दूर रखा जाता है. कतरनों से डूडलेज स्टेशनरीज भी बनाती है.

Doodlage

Photo: Doodlage website