नीतीश सरकार का बड़ा ऐलान: Student Credit Card पर नहीं देना होगा ब्याज
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, “मुझे अत्यंत प्रसन्नता है कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले एजुकेशन लोन की राशि अब सभी आवेदकों के लिए पूर्णतः ब्याजमुक्त होगी.”
बिहार सरकार (Bihar govt.) ने बड़ा ऐलान किया है. स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना (Student Credit Card Scheme) के तहत दिए जाने वाले एजुकेशन लोन अब सभी छात्रों के लिए पूरी तरह ब्याजमुक्त होंगे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) ने अपने आधिकारिक X हैंडल के माध्यम से यह जानकारी साझा की. इस फैसले का उद्देश्य राज्य के छात्रों पर वित्तीय बोझ कम करना है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, “मुझे अत्यंत प्रसन्नता है कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले एजुकेशन लोन की राशि अब सभी आवेदकों के लिए पूर्णतः ब्याजमुक्त होगी.”
यह बदलाव पहले की शर्तों से काफी अलग है. पहले सामान्य आवेदकों को 4% ब्याज दर पर और महिला, दिव्यांग तथा ट्रांसजेंडर आवेदकों को 1% ब्याज दर पर लोन दिया जाता था.
ब्याजमुक्त सुविधा के साथ ही सरकार ने लोन चुकाने की समय-सीमा भी बढ़ा दी है.
- 2 लाख रुपये तक का लोन: पहले अधिकतम 5 साल (60 किस्तें) में चुकाना होता था, अब इसे 7 साल (84 किस्तें) में चुकाया जा सकेगा.
- 2 लाख रुपये से अधिक लोन: पहले अधिकतम 7 साल (84 किस्तें) में चुकाना होता था, अब इसे 10 साल (120 किस्तें) में चुकाने की सुविधा मिलेगी.
इस संशोधन का उद्देश्य छात्रों पर से किस्त चुकाने का दबाव कम करना और उन्हें अधिक लचीलापन देना है.
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना बिहार सरकार की सात निश्चय योजना के अंतर्गत 2 अक्टूबर 2016 को शुरू की गई थी. यह उन छात्रों के लिए है जिन्होंने 12वीं कक्षा पास की है और उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं. योजना के तहत छात्रों को अधिकतम 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन दिया जाता है.
इस घोषणा को छात्रों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, खासकर चुनावी वर्ष में. ब्याज पूरी तरह माफ करने और पुनर्भुगतान अवधि बढ़ाने से सरकार ने उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को ठोस वित्तीय सहारा दिया है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने योजना के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य है कि राज्य के अधिक से अधिक छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें.” उन्होंने यह भी कहा कि इन नई सुविधाओं से छात्र और अधिक उत्साह व लगन से पढ़ाई कर पाएंगे.
बिहार सरकार का यह फैसला शिक्षा को सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है. यह न केवल वित्तीय बाधाओं को कम करेगा, बल्कि छात्रों को अपना भविष्य संवारने का अवसर भी देगा.



