PM मोदी ने बिहार को दी 36 हजार करोड़ की सौगात, पूर्णिया एयरपोर्ट और मखाना बोर्ड का उद्घाटन
पूर्णिया रैली में पीएम मोदी ने बड़े ऐलान किए. उन्होंने पूर्णिया एयरपोर्ट का उद्घाटन किया. मखाना बोर्ड की स्थापना, नया पावर प्रोजेक्ट और महिलाओं के लिए 500 करोड़ रुपये का विशेष फंड लॉन्च किया. इन योजनाओं से सीमांचल और पूर्वी भारत में विकास, रोज़गार और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई.
सोमवार का दिन बिहार (Bihar) के लिए ऐतिहासिक रहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने पूर्णिया (Purnea) से राज्य को 36 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी. यह परियोजनाएं रेलवे, हवाई अड्डा (Purnea Airport), बिजली, सिंचाई, आवास और किसानों से जुड़ी योजनाओं से संबंधित हैं.
सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह धरती मां पुरण देवी, भक्त प्रह्लाद और महर्षि मेही बाबा की भूमि है. इसी भूमि ने देश को फणीश्वरनाथ रेणु और सतीनाथ भादुड़ी जैसे महान साहित्यकार दिए हैं. उन्होंने कहा कि यहां के लोग मेहनती, ईमानदार और संघर्षशील हैं और यही ताकत बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी. प्रधानमंत्री ने इस अवसर को बिहार के विकास की यात्रा में नया मील का पत्थर बताया.
40 हजार परिवारों को मिला पक्का घर
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन 40 हजार गरीब परिवारों के लिए बेहद खास है. इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत पक्का घर मिला है. उन्होंने कहा कि धनतेरस, दीपावली और छठ से पहले नया घर मिलना उनके जीवन का सबसे बड़ा उपहार है.
उन्होंने बताया कि पिछले 11 सालों में सरकार ने देशभर में 4 करोड़ से ज्यादा पक्के घर बनाकर गरीबों को दिए हैं. अब सरकार 3 करोड़ नए घर बनाने की दिशा में काम कर रही है. पीएम मोदी ने कहा, “जब तक हर गरीब को पक्का घर नहीं मिल जाता, मोदी चैन से नहीं बैठेगा.”
इंजीनियर्स डे पर बिहार को मिला नया एयरपोर्ट
15 सितंबर को देशभर में इंजीनियर्स डे मनाया जाता है. इस मौके पर पीएम मोदी ने महान अभियंता सर एम. विश्वेश्वरैया को नमन किया. उन्होंने कहा कि देश के इंजीनियर ही भारत को विकसित बना रहे हैं.
प्रधानमंत्री ने बताया कि पूर्णिया एयरपोर्ट का टर्मिनल भवन मात्र पांच महीने में तैयार किया गया है. उन्होंने इसका उद्घाटन किया और पहली व्यावसायिक उड़ान को रवाना किया. पीएम ने कहा कि अब पूर्णिया और सीमांचल क्षेत्र के लोग सीधे देश के बड़े शहरों और व्यावसायिक केंद्रों से जुड़ सकेंगे. इससे पर्यटन, व्यापार और निवेश को नई गति मिलेगी.
रेलवे के बड़े तोहफे
बिहार की जीवन रेखा रेलवे को भी इस अवसर पर कई तोहफे मिले. प्रधानमंत्री ने एक वंदे भारत, दो अमृत भारत और एक पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. इससे सीमांचल और अन्य जिलों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा.
उन्होंने अररिया–गलगलिया रेल लाइन का उद्घाटन किया. इससे अररिया और किशनगंज जिलों के लोगों की यात्रा आसान होगी. साथ ही, विक्रमशिला–कटारिया रेल लाइन का शिलान्यास किया गया. यह गंगा नदी पर एक सीधा रेल संपर्क देगा, जिससे भागलपुर और आसपास के जिलों को लाभ होगा.
प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में बक्सर–भागलपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर के मोखामा–मुंगेर सेक्शन को भी मंजूरी दी गई है. इससे मुंगेर, जमालपुर और भागलपुर जैसे औद्योगिक केंद्रों को नई गति मिलेगी. उन्होंने भागलपुर–दुमका–रामपुरहाट रेल लाइन के दोहरीकरण की भी घोषणा की.
बिहार को मिला सबसे बड़ा पावर प्रोजेक्ट
प्रधानमंत्री ने भागलपुर के पीरपैंती में 2400 मेगावॉट का थर्मल पावर प्रोजेक्ट शुरू किया. इसकी लागत करीब 25 हजार करोड़ रुपये है और यह बिहार का सबसे बड़ा निजी निवेश है.
यह परियोजना अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल, लो-एमिशन टेक्नोलॉजी पर आधारित है. पीएम मोदी ने कहा कि यह प्रोजेक्ट बिहार की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा. बिजली उत्पादन बढ़ने से उद्योगों को बल मिलेगा और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.
कोसी-मेची लिंक परियोजना से सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण
प्रधानमंत्री ने कोसी–मेची अंतरराज्यीय नदी जोड़ परियोजना का शिलान्यास किया. इस परियोजना की लागत 2680 करोड़ रुपये से ज्यादा है. इसमें नहर का विस्तार, पुरानी संरचनाओं का पुनर्निर्माण और डिस्चार्ज क्षमता को बढ़ाने का काम किया जाएगा.
इससे लाखों हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी, किसानों की पैदावार बढ़ेगी और हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या कम होगी. पीएम मोदी ने कहा कि यह परियोजना बिहार के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.
राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना
बिहार देश के 90% मखाना उत्पादन का केंद्र है. यहां की मिट्टी और जलवायु मखाना के लिए उपयुक्त है. इसी को देखते हुए प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना की घोषणा की.
उन्होंने बताया कि सरकार ने इसके लिए 475 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है. यह बोर्ड उत्पादन बढ़ाने, नई तकनीक लाने, प्रोसेसिंग और निर्यात बढ़ाने का काम करेगा. इससे मखाना किसानों की आय दोगुनी होने का रास्ता खुलेगा और बिहार का मखाना दुनिया के बाजारों में नई पहचान पाएगा.
महिलाओं के लिए 500 करोड़ का फंड
प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार की महिलाएं अब आर्थिक बदलाव की अगुवाई कर रही हैं. "लखपति दीदी" और "ड्रोन दीदी" जैसी योजनाओं से महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं.
पीएम मोदी ने बिहार के स्वयं सहायता समूहों के लिए 500 करोड़ रुपये का कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड जारी किया. यह राशि गांव-गांव में क्लस्टर लेवल फेडरेशन तक जाएगी और महिलाओं को नए रोजगार और कारोबार के अवसर देगी.
त्योहारों से पहले GST में राहत
प्रधानमंत्री ने त्योहारों से पहले गरीब और मध्यम वर्ग को बड़ा तोहफा दिया. उन्होंने घोषणा की कि 22 सितंबर से कई रोजमर्रा की वस्तुओं पर जीएसटी घटा दिया जाएगा.
इससे साबुन, शैम्पू, पेस्ट, घी, बच्चों की स्टेशनरी और कई खाद्य सामग्री सस्ती होंगी. कपड़े और जूते भी कम दाम पर मिलेंगे. पीएम मोदी ने कहा कि त्योहारों के मौसम में यह कदम घर-घर के खर्च को कम करेगा और लोगों को राहत देगा.
आत्मनिर्भर बिहार की ओर
प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार अब विकास की तेज रफ्तार पकड़ चुका है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राजगीर में हॉकी एशिया कप का आयोजन, औंटा-सिमरिया पुल का निर्माण और "मेड इन बिहार" रेल इंजन का अफ्रीका को निर्यात बिहार की नई पहचान है.
उन्होंने कहा कि अब केंद्र और राज्य की सरकारें बिहार को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए काम कर रही हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार के विकास के बिना भारत का विकास संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि चाहे राष्ट्रीय सुरक्षा हो या राष्ट्रीय विकास, बिहार हमेशा अग्रणी भूमिका निभाता है.
उन्होंने अपील की कि बिहार के विकास अभियान को और तेजी से आगे बढ़ाया जाए. इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, और कई केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे.



