यूपी के बरेली में BL Agro लगाएगा 1660 करोड़ का एग्रो-प्रोसेसिंग प्लांट, मिलेगी 3500 नौकरियां
BL Agro ने MoFPI के साथ समझौता कर बरेली, UP में 1,660 करोड़ रु का वर्ल्ड-क्लास एग्रो-प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की घोषणा की. इसमें ऑटोमेटेड राइस मिलिंग, ऑयल रिफाइनिंग और 40,000 MT स्टोरेज सुविधा होगी. प्रोजेक्ट से 3,500 रोजगार मिलेंगे और 2027 तक पहला चरण पूरा होगा.
देश की अग्रणी FMCG कंपनी BL Agro ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) के साथ एक बड़ा MoU साइन किया है. इस साझेदारी के तहत कंपनी उत्तर प्रदेश के बरेली में ₹1,660 करोड़ का निवेश कर वर्ल्ड-क्लास एग्रो-प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करेगी. यह घोषणा वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 (World Food India 2025) के दूसरे दिन दिल्ली के भारत मंडपम में की गई.
यह MoU BL Agro के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष खंडेलवाल और मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रीत पाल सिंह के बीच हुआ. इस मौके पर मंत्रालय के सचिव ए.पी. दास जोशी और वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार श्याम सिंह नेगी भी मौजूद रहे.
नए ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के तहत कई बड़े यूनिट तैयार होंगे. इसमें ऑटोमेटेड राइस मिलिंग यूनिट, 500 टन प्रति दिन की क्षमता वाला खाद्य तेल निष्कर्षण और रिफाइनिंग प्लांट, एडवांस पैकेजिंग लाइन, चीनी भंडारण और सोर्सिंग समाधान और 40,000 मीट्रिक टन ग्रेन स्टोरेज कैपेसिटी शामिल है. इन प्रोडक्ट्स को BL Agro के मशहूर ब्रांड Bail Kolhu और Nourish के तहत लाया जाएगा.
इस प्रोजेक्ट से 3,500 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनेंगे. निर्माण कार्य 6 महीने में शुरू होगा और पहले चरण का काम 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
BL Agro के एमडी आशीष खंडेलवाल ने कहा, “यह सहयोग हमारे संकल्प को दर्शाता है कि हम भारत में वर्ल्ड-क्लास एग्रो-प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएंगे. इससे न केवल फूड सिक्योरिटी और एक्सपोर्ट बढ़ेंगे बल्कि किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए टिकाऊ वैल्यू चेन भी तैयार होगी. हम सर्कुलर इकोनॉमी पर भी काम करेंगे, जैसे बाय-प्रोडक्ट का इस्तेमाल पशु चारे और नवीकरणीय ऊर्जा में करना.”
इस मौके पर मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रीत पाल सिंह और सचिव ए.पी. दास जोशी ने कहा, “यह पहल दिखाती है कि भारत सरकार खाद्य प्रसंस्करण और कृषि वैल्यू चेन में बड़े पैमाने पर प्राइवेट निवेश आकर्षित करने पर ध्यान दे रही है. इस सहयोग से किसानों को बेहतर लिंक मिलेंगे, निर्यात बढ़ेगा और भारत की स्थिति वैश्विक कृषि व्यापार में मजबूत होगी.”
मंत्रालय परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए सभी जरूरी अनुमतियों और क्लीयरेंस में मदद करेगा. यह साझेदारी एग्रो-प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगी और ग्रामीण विकास व निर्यात को नई दिशा देगी.



