Netflix-स्टाइल में गीता! स्टार्टअप Bhagavad Gita For All का कमाल
मुंबई के पृथ्वीराज शेट्टी ने 2022 में Bhagavad Gita For All (BGFA) की शुरुआत की थी. यह दुनिया का पहला Faith-Tech प्लेटफ़ॉर्म, जो गीता की सीख को Netflix-स्टाइल वीडियो, AI और डिजिटल अनुभव के साथ दुनियाभर के यूज़र्स तक पहुंचाता है.
आज की दुनिया में जहाँ युवाओं का ज़्यादातर समय मोबाइल स्क्रीन, सोशल मीडिया और स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर बीतता है, वहीं आध्यात्मिक किताबें अक्सर अलमारियों में धूल खाती रह जाती हैं. श्रीमद्भगवद् गीता जैसी कालजयी ग्रंथ को लोग महान मानते हैं, लेकिन कई बार यह धारणा भी होती है कि इसे समझना आसान नहीं है. संस्कृत की जटिलता, पुरानी शैली और उपदेशात्मक भाषा ने इसे नई पीढ़ी से कहीं न कहीं दूर कर दिया है.
लेकिन मुंबई के पृथ्वीराज शेट्टी (Prithviraaj Shetty) ने सोचा—अगर मनोरंजन की दुनिया को Netflix और Reels ने बदल दिया है, तो क्यों न आध्यात्म और ज्ञान को भी उसी अंदाज़ में लोगों तक पहुंचाया जाए? इसी सोच ने जन्म दिया Bhagavad Gita For All (BGFA) को, जो आज दुनिया का पहला ऐसा Faith-Tech प्लेटफ़ॉर्म है, जहां गीता की सीख वीडियो, AI और डिजिटल अनुभव के साथ आधुनिक रूप में उपलब्ध है.
“गीता ने मुझे चुना, मैंने गीता को नहीं”
YourStory हिंदी से बात करते हुए, पृथ्वीराज बताते हैं, “कई मायनों में मैंने गीता को नहीं चुना, गीता ने मुझे चुना. मैं नवरात्रि के पहले दिन पैदा हुआ और मेरा पहला जन्मदिन गणेश चतुर्थी पर पड़ा. जैसे मेरी ज़िंदगी की डोर आध्यात्म से पहले ही बंध गई थी.”
उनका बचपन दो अलग-अलग लेकिन पूरक दुनियाओं में बीता. उनके पिता ने शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा साम्राज्य खड़ा किया, वहीं उनकी माँ गीता के गहरे अध्ययन और साधना में रहीं. पिता से उन्होंने शिक्षा और उद्यमिता का हुनर पाया, और माँ से आध्यात्म की गहरी जड़ें.
लंदन के Imperial College और न्यूयॉर्क की Columbia University से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उनके पास विदेश में करियर के सुनहरे अवसर थे. लेकिन कोविड महामारी के दौरान आए व्यक्तिगत और पेशेवर संघर्षों ने उन्हें भीतर तक हिला दिया. इसी दौरान उन्होंने गीता पढ़नी शुरू की.
पृथ्वीराज बताते हैं, “कृष्ण के शब्दों ने मुझे अंधेरे में रोशनी दिखाई. संघर्ष को मैंने दुश्मन की तरह नहीं, बल्कि शिक्षक की तरह देखना शुरू किया. तभी समझ आया कि अगर गीता मुझे बदल सकती है, तो इसे हर किसी तक पहुँचाना मेरी ज़िम्मेदारी है.”

पृथ्वीराज शेट्टी, Bhagavad Gita For All (BGFA) के फाउंडर और सीईओ
Faith-Tech: आस्था और तकनीक का संगम
2022 में उन्होंने BGFA की स्थापना की. यह केवल एक किताब या ऐप नहीं है, बल्कि आस्था और टेक्नोलॉजी का अनोखा संगम है.
BGFA की किताब खूबसूरत डिज़ाइन के साथ आती है. इसके हर अध्याय में QR कोड छपे हैं, जिन्हें स्कैन करते ही 100 घंटे से ज़्यादा का डिजिटल कंटेंट खुलता है. इसमें हर श्लोक का अर्थ, उसका आधुनिक जीवन में महत्व और व्यवहारिक उपयोग बताया जाता है.
यह मॉडल बुक (किताब) + ऐप का कॉम्बिनेशन है. भारत में इसकी कीमत ₹12,999 और अमेरिका में $350 (करीब ₹30,000) है. इसके अलावा, ऐप पर मौजूद AI फीचर “My Krishna” यूज़र से बातचीत करता है और उनकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए व्यक्तिगत सलाह देता है.
चुनौतियां और बदलती धारणाएं
BGFA की सबसे बड़ी चुनौती थी—लोगों की धारणा. आमतौर पर गीता को बुज़ुर्गों की किताब समझा जाता है. कई लोग इसे केवल धार्मिक ग्रंथ मानते हैं, जबकि युवा पीढ़ी इसे कठिन संस्कृत के कारण पढ़ने से कतराती है.
लेकिन BGFA ने इस सोच को बदलने का बीड़ा उठाया.
पृथ्वीराज कहते हैं, “Gen Z और मिलेनियल्स को जोड़ने के लिए हमें उनकी भाषा बोलनी होगी. आज उनकी भाषा है टेक्नोलॉजी, वीडियो और इंटरैक्टिव कंटेंट.”
इसी वजह से BGFA ने गीता को Netflix-स्टाइल वीडियो एपिसोड्स में पेश किया. हर एपिसोड सिर्फ़ 10-15 मिनट का है, ताकि कोई भी आसानी से देख सके. इसके लिए उन्होंने डेनमार्क की M2 Studio के साथ साझेदारी की, जो डिज़्नी और लेगो जैसी ब्रांड्स के साथ काम कर चुका है. इसमें Avatar जैसी फिल्मों की तरह मोशन-कैप्चर टेक्नोलॉजी, Unreal गेमिंग इंजन और हाई-एंड प्रोडक्शन का इस्तेमाल किया गया.

Bhagavad Gita For All (BGFA) की टीम
AI और गीता का नया अवतार
BGFA का सबसे अनोखा पहलू है AI-समर्थित My Krishna. यह यूज़र के सवालों को याद रखता है, उनकी ज़रूरतों को समझता है और कृष्ण की आवाज़ में उन्हें मार्गदर्शन देता है.
उदाहरण के लिए, अगर कोई यूज़र नौकरी में तनाव से गुजर रहा है, तो AI उस संदर्भ से जुड़े श्लोक सुझाएगा और उनके वीडियो दिखाएगा. यह अनुभव गीता को केवल पढ़ने तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उसे जीवन्त और इंटरैक्टिव बना देता है.
शुरुआती सफलता
Bhagavad Gita For All (BGFA) की शुरुआती सफलता ने इसे जल्दी ही भारत से बाहर भी पहचान दिला दी है. आज यह स्टार्टअप न केवल भारत के 100 से अधिक शहरों में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुका है, बल्कि अमेरिका जैसे बड़े बाज़ार में भी प्रवेश कर चुका है.
पृथ्वीराज शेट्टी कहते हैं, “हम चाहते थे कि गीता हर घर तक पहुँचे, चाहे वह न्यूयॉर्क हो या नागपुर. हमारा मक़सद सिर्फ़ पढ़ाई नहीं, बल्कि जीवन में स्पष्टता और ताक़त लाना है.”
खास बात यह है कि इसके ख़रीदारों में 25 से 45 वर्ष के युवा प्रोफ़ेशनल्स, स्टार्टअप फाउंडर्स और उद्यमी सबसे आगे हैं—यानी गीता का यह नया डिजिटल और इंटरएक्टिव रूप सिर्फ़ बुज़ुर्गों या पारंपरिक पाठकों के लिए नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के लिए भी उतना ही प्रासंगिक और आकर्षक हो चुका है.
पृथ्वीराज आगे कहते हैं, “हमें यह देखकर बहुत ख़ुशी है कि युवा भी गीता से जुड़ रहे हैं. अब यह केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन में मार्गदर्शन देने वाला डिजिटल साथी बन चुका है.”
अमेरिका के अलावा BGFA के ग्राहक यूरोप, दुबई और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे बाज़ारों में भी पहुँच रहे हैं, जिससे यह साफ़ हो रहा है कि यह “Faith-Tech” इनोवेशन भारत से निकलकर धीरे-धीरे एक ग्लोबल मूवमेंट का रूप ले रहा है.
भविष्य की योजनाएं
BGFA आने वाले वर्षों में कई बड़े बदलाव लाने की तैयारी कर रहा है.
AI Companion Expansion: “My Krishna” को और उन्नत बनाना ताकि यह यूज़र के लक्ष्यों को ट्रैक करे और सही समय पर सही सुझाव दे.
Gamification: ऐप में स्पिरिचुअल ट्रैकर, स्ट्रीक और वैल्यू-बेस्ड प्रोग्रेस पाथ.
कॉर्पोरेट पार्टनरशिप्स: कंपनियों में लीडरशिप और तनाव प्रबंधन के लिए गीता आधारित ट्रेनिंग.
वैश्विक विस्तार: भारतीय प्रवासी और विदेशी बाज़ारों तक पहुँच.
पृथ्वीराज का विज़न बड़ा है. वे कहते हैं, “जैसे हेल्थ-टेक अब हर घर का हिस्सा है, वैसे ही आने वाले दशक में Faith-Tech भी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बनेगा. जब AI हमारी बहुत सी जिम्मेदारियां संभाल लेगा, तो इंसानों के पास समय और संसाधन होंगे लेकिन दिशा की कमी होगी. चिंता, पहचान और अकेलापन बढ़ेगा. ऐसे समय में BGFA हर इंसान का आध्यात्मिक साथी बनेगा.”
उनका सपना है—दुनिया भर में एक अरब लोग BGFA का इस्तेमाल करें और जीवन में स्पष्टता, ताक़त और शांति पाएँ.
गीता सिर्फ़ एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है. लेकिन समय और भाषा की दूरी ने इसे नई पीढ़ी से दूर कर दिया था. BGFA ने उस दूरी को पाट दिया है. Netflix-स्टाइल वीडियो, AI चैट और आधुनिक ऐप के ज़रिये अब गीता हर किसी की जेब और दिल में जगह बना रही है.
यह सिर्फ़ आध्यात्म का डिजिटलीकरण नहीं, बल्कि एक ऐसी क्रांति है जो आने वाले समय में लाखों-करोड़ों लोगों की ज़िंदगी बदल सकती है.



