बबल टी और बेवरेज ब्रांड Bobakat को मिली 6 करोड़ रु की फंडिंग
इस फंडिंग के साथ Bobakat सिर्फ नए स्टोर्स नहीं खोल रहा, बल्कि भारत के अगले बड़े बबल टी और एक्सपीरियंस आधारित बेवरेज ब्रांड बनने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहा है.
मुंबई के बबल टी और बेवरेज ब्रांड Bobakat की पैरेंट कंपनी Kathy’s Beverages ने प्री-सीरीज A राउंड में ₹6 करोड़ की फंडिंग जुटाई है. यह निवेश कंपनी के लिए एक बड़ा पड़ाव माना जा रहा है. इसके जरिए कंपनी अब भारत के अलग अलग शहरों में तेजी से विस्तार करने की तैयारी कर रही है.
कंपनी इस फंडिंग का इस्तेमाल नए प्रोडक्ट्स तैयार करने, टीम मजबूत करने, मार्केटिंग बढ़ाने और नए स्टोर्स खोलने में करेगी. Bobakat का फोकस ऐसे छोटे लेकिन आकर्षक आउटलेट्स पर है जो मॉल्स, फूड कोर्ट्स और प्रीमियम हाई स्ट्रीट लोकेशंस पर मौजूद हों. कंपनी का मानना है कि यह मॉडल तेजी से स्केल किया जा सकता है और इसमें अच्छा मुनाफा भी मिलता है.
Bobakat की शुरुआत साल 2024 में डॉ. रुपाली आंबेगांवकर और संजीव राव ने की थी. दोनों का मानना था कि भारत का युवा ग्राहक अब सिर्फ एक ड्रिंक नहीं चाहता, बल्कि एक अलग अनुभव चाहता है. इसी सोच के साथ उन्होंने ऐसा बेवरेज ब्रांड बनाने की शुरुआत की जो इंटरनेशनल फील दे लेकिन भारतीय ग्राहकों की पसंद के हिसाब से हो.
अब तक कंपनी 10 लाख से ज्यादा ग्राहकों को सर्व कर चुकी है. कंपनी लगातार मजबूत ग्रोथ दर्ज कर रही है. फिलहाल Bobakat की वैल्यूएशन ₹43 करोड़ बताई जा रही है. अब कंपनी ने अगले 36 महीनों में ₹100 करोड़ नेट सेल्स वैल्यू हासिल करने का लक्ष्य रखा है.
भारत का बेवरेज मार्केट भी तेजी से बढ़ रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक 2025 में भारत का बेवरेज मार्केट करीब 80 अरब डॉलर का है. अगले 10 सालों में इसके 154 अरब डॉलर से ज्यादा तक पहुंचने की उम्मीद है. खास तौर पर प्रीमियम और एक्सपीरियंस आधारित बेवरेज सेगमेंट में तेजी से मांग बढ़ रही है. Bobakat इसी मौके को पकड़ना चाहती है.
फंडिंग को लेकर Bobakat की फाउंडर डॉ. रुपाली आंबेगांवकर ने कहा कि आज का भारतीय ग्राहक सिर्फ पेय पदार्थ नहीं खरीद रहा, बल्कि वह अनुभव, कम्युनिटी और नया माहौल चाहता है. उन्होंने कहा कि Bobakat का उद्देश्य ऐसा बेवरेज ब्रांड बनाना है जो क्वालिटी, इनोवेशन और आसान पहुंच को साथ लेकर चले. इस निवेश से कंपनी को तेजी से विस्तार करने और नए प्रयोग करने में मदद मिलेगी.
वहीं को-फाउंडर संजीव राव ने कहा कि भारत के ऑर्गेनाइज्ड बेवरेज मार्केट में अभी काफी संभावनाएं हैं. खास तौर पर युवाओं के बीच यह कैटेगरी तेजी से बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि कंपनी का रिटेल मॉडल काफी मजबूत है और इससे नए शहरों में तेजी से एंट्री की जा सकती है.
Bobakat की सबसे बड़ी ताकत इसकी अनुभवी फाउंडिंग टीम मानी जा रही है. डॉ. रुपाली आंबेगांवकर पहले टी कल्चर ऑफ द वर्ल्ड नाम का प्रीमियम टी ब्रांड बना चुकी हैं, जिसके भारत में 200 से ज्यादा स्टोर्स हैं. मेडिकल प्रोफेशन छोड़कर उन्होंने टी सोमेलियर के तौर पर अपनी पहचान बनाई और भारतीय ग्राहकों के लिए अलग तरह के बेवरेज एक्सपीरियंस तैयार किए.
वहीं संजीव राव को रिटेल इंडस्ट्री में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है. वह फ्यूचर ग्रुप, आदित्य बिड़ला रिटेल, लैंडमार्क दुबई, रेमंड और बीइंग ह्यूमन जैसी बड़ी कंपनियों में काम कर चुके हैं. यही अनुभव अब Bobakat को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद कर रहा है.
कंपनी का कहना है कि उसकी सफलता चार बड़ी चीजों पर टिकी है. पहला बेहतर क्वालिटी वाले प्रोडक्ट्स. दूसरा सही ग्राहकों को टारगेट करना. तीसरा स्टोर्स में खास अनुभव देना. और चौथा ऐसा स्टोर फॉर्मेट तैयार करना जिसे तेजी से अलग अलग शहरों में दोहराया जा सके.
अब कंपनी आने वाले वर्षों में बड़े विस्तार की तैयारी में है. वित्त वर्ष 2026 और 2027 में 35 नए स्टोर्स खोलने का प्लान है. इसके बाद वित्त वर्ष 2027 से 2029 तक हर साल 50 नए स्टोर्स लॉन्च किए जाएंगे. कंपनी मेट्रो शहरों के साथ साथ तेजी से बढ़ते छोटे शहरी बाजारों पर भी फोकस करेगी.
इस फंडिंग के साथ Bobakat सिर्फ नए स्टोर्स नहीं खोल रही, बल्कि भारत के अगले बड़े बबल टी और एक्सपीरियंस आधारित बेवरेज ब्रांड बनने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रही है.



