Wingreens को मिली 120 करोड़ रु की सीरीज D फंडिंग; Safe Harvest को खरीदा
इस राउंड का नेतृत्व जाने माने निवेशक आशीष कचोलिया ने किया. इसमें Alchemy Fund ने भी हिस्सा लिया. इस अधिग्रहण के बाद Wingreens अब भारत में फार्म टू कंज्यूमर फूड प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में और मजबूत हो गई है.
पैकेज्ड फूड और बेवरेज कंपनी Wingreens ने Safe Harvest का अधिग्रहण कर लिया है. यह डील शेयर स्वैप के जरिए हुई है. इसके साथ ही Wingreens ने करीब ₹120 करोड़ (लगभग $12.6 मिलियन) की सीरीज D फंडिंग भी हासिल की है. इस राउंड का नेतृत्व जाने माने निवेशक आशीष कचोलिया ने किया. इसमें Alchemy Fund ने भी हिस्सा लिया. इस पूरी डील में Excelserve Consulting और S Dayma & Co ने सलाहकार और बैंकर की भूमिका निभाई.
इस अधिग्रहण के बाद Wingreens अब भारत में फार्म टू कंज्यूमर फूड प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में और मजबूत हो गई है. कंपनी के पास अब तीन बड़े ब्रांड हैं. इनमें Wingreens Farms, Raw Pressery और Safe Harvest शामिल हैं.
यह साझेदारी सिर्फ बिजनेस विस्तार तक सीमित नहीं है. दोनों कंपनियों का मकसद भी काफी हद तक एक जैसा है. Wingreens की शुरुआत महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता देने के उद्देश्य से हुई थी. कंपनी ने Women’s Initiative Network (WIN) के जरिए हजारों महिलाओं को आजीविका से जोड़ा.
वहीं Safe Harvest की शुरुआत छोटे और सीमांत किसानों को मजबूत बनाने के मिशन के साथ हुई थी. खासतौर पर उन महिला किसानों के लिए जो प्राकृतिक खेती करती हैं. आज Safe Harvest देशभर में 1 लाख से ज्यादा किसानों के साथ काम कर रही है. इनमें बड़ी संख्या महिलाओं की है. ये किसान सेल्फ हेल्प ग्रुप्स और फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशंस के जरिए जुड़े हुए हैं.
Safe Harvest भारत में पेस्टिसाइड फ्री फूड मूवमेंट की शुरुआती कंपनियों में से एक रही है. कंपनी अपने सभी प्रोडक्ट्स की बैच वाइज पेस्टिसाइड टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन करती है. इसके पोर्टफोलियो में अनाज, दालें, मिलेट्स, आटा, मसाले, कोल्ड प्रेस्ड ऑयल्स, नेचुरल शुगर और शहद जैसे कई प्रोडक्ट शामिल हैं.
Wingreens की फाउंडर और CEO अंजू सी. श्रीवास्तव ने कहा कि यह सिर्फ एक अधिग्रहण नहीं है. उनके मुताबिक कंपनी अब पेस्टिसाइड फ्री फूड रिवोल्यूशन का हिस्सा बन रही है. उन्होंने कहा कि Safe Harvest की फार्मर फर्स्ट सोच और ट्रांसपेरेंसी का विजन Wingreens के मूल्यों से मेल खाता है. दोनों कंपनियां मिलकर किसानों को मजबूत बनाने, ग्रामीण रोजगार बढ़ाने और लोगों तक सुरक्षित व हेल्दी खाना पहुंचाने का काम करेंगी.
Safe Harvest के फाउंडर और CEO रंगु राव ने कहा कि कंपनी की शुरुआत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और ग्राहकों तक असली पेस्टिसाइड फ्री फूड पहुंचाने के लिए हुई थी. उनके मुताबिक Wingreens के साथ आने से मिशन को तेजी से बड़े स्तर तक पहुंचाया जा सकेगा.
वहीं निवेशक आशीष कचोलिया ने भी इस साझेदारी को खास बताया. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ बिजनेस डील नहीं बल्कि दो पर्पज ड्रिवन कंपनियों का साथ आना है. उन्होंने भरोसा जताया कि Wingreens आने वाले समय में इस मिशन को करोड़ों भारतीय ग्राहकों तक पहुंचा सकती है.
यह डील ऐसे समय में हुई है जब Wingreens Group वित्त वर्ष 26 में EBITDA प्रॉफिटेबिलिटी हासिल कर चुकी है. यानी कंपनी अब ऑपरेशनल स्तर पर मुनाफे की स्थिति में पहुंच गई है. नए निवेश और मजबूत ब्रांड पोर्टफोलियो के दम पर कंपनी अगले दो वर्षों में तेजी से विस्तार करना चाहती है. साथ ही भविष्य में पब्लिक लिस्टिंग यानी आईपीओ की दिशा में भी आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है.
कंपनी ने बताया कि नई फंडिंग का इस्तेमाल नए प्रोडक्ट लॉन्च करने, डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ाने, सप्लाई चेन मजबूत करने और किसानों के साथ साझेदारी बढ़ाने में किया जाएगा.
पिछले कुछ वर्षों में Wingreens ने डिप्स, सॉसेज, स्नैक्स, जूस और हेल्दी बेवरेज कैटेगरी में मजबूत पहचान बनाई है. अब Safe Harvest के जुड़ने से कंपनी क्लीन लेबल और पेस्टिसाइड फ्री फूड्स मार्केट में भी अपनी पकड़ मजबूत करेगी.



