ब्रेन हेल्थ स्टार्टअप Ivory को मिली 8.3 करोड़ रुपये की फंडिंग
इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व IIM अहमदाबाद के एंटरप्रेन्योरशिप सेंटर IIM-A Ventures और शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स में निवेश करने वाले फंड Capital-A ने मिलकर किया. गौरतलब है कि Capital-A ने Ivory के प्री-सीड फंडिंग राउंड में भी निवेश किया था.
ब्रेन हेल्थ स्टार्टअप Ivory ने हाल ही में $1 मिलियन (लगभग 8.3 करोड़ रुपये) की फंडिंग हासिल की है. इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व IIM अहमदाबाद के ऑन्त्रप्रेन्योरशिप सेंटर IIM-A Ventures और शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स में निवेश करने वाले फंड Capital-A ने मिलकर किया. गौरतलब है कि Capital-A ने Ivory के प्री-सीड फंडिंग राउंड में भी निवेश किया था.
इस राउंड में 1Crowd, Stanford Angels, और डॉ. संजय अरोरा, आदर्श नरहरी और जूही भटनागर जैसे प्रमुख एंजेल निवेशकों ने भी हिस्सा लिया.
कई शोधों के अनुसार, 90% तक कॉग्निटिव इम्पेयरमेंट (संज्ञानात्मक कमजोरी) का निदान ही नहीं हो पाता है. डिमेंशिया जैसी न्यूरोडिजेनेरेटिव बीमारियों का कोई ठोस इलाज नहीं होने के कारण, समय से पहले पहचान और रोकथाम ही सबसे प्रभावी उपाय है. Ivory का उद्देश्य है इस पूरे दृष्टिकोण को बदलना—देर से होने वाले डायग्नोसिस से हटकर सक्रिय और पूर्वानुमान आधारित ब्रेन हेल्थ समाधान प्रदान करना.
Ivory का प्लेटफ़ॉर्म न्यूरोसाइंस-बेस्ड डिजिटल असेसमेंट्स के ज़रिए शुरुआती चरण में संज्ञानात्मक गिरावट की पहचान करता है, जिससे उपयोगकर्ता समय रहते जरूरी कदम उठा सकें.
ईसाक जॉन, को-फाउंडर और सीईओ ने कहा, “हम एक ऐसा भविष्य बना रहे हैं जहां ब्रेन हेल्थ को फिजिकल हेल्थ की तरह प्राथमिकता दी जाएगी. जैसे-जैसे लोग 40 की उम्र के पार जाते हैं, Ivory की शुरुआती पहचान और हस्तक्षेप आधारित अप्रोच, हेल्थकेयर पर समाजिक बोझ को कम करने में बड़ी भूमिका निभाएगी.”
राहुल कृष्णन, को-फाउंडर और CPO ने कहा, “इस फंडिंग का इस्तेमाल हम अपनी टेक्नोलॉजी में और अधिक सुधार के लिए करेंगे. हमारी कॉग्निटिव असेसमेंट्स की सटीकता, गहराई और पहुंच को बेहतर बनाएंगे. जैसे-जैसे लॉन्गिविटी और प्रिवेंटिव हेल्थ को लेकर चर्चाएं तेज़ हो रही हैं, Ivory तकनीक, हेल्थकेयर और एजिंग के चौराहे पर खड़ा है, और लॉन्ग-टर्म ब्रेन वेलनेस को एक नई दिशा दे रहा है.”
विपुल पटेल, पार्टनर, IIM-A Ventures ने कहा, “क्रॉनिक बीमारियों में न्यूरोडिजेनेरेटिव डिज़ीज़ सबसे कम समझी जाती हैं और सबसे मुश्किल से रिवर्स होती हैं. Ivory का विज़न—प्रारंभिक और सुलभ कॉग्निटिव स्क्रीनिंग को प्रिवेंटिव हेल्थ का हिस्सा बनाना—समय की मांग है. Ivory जिस तरह से क्लीनिकल डेप्थ को उपभोक्ता अनुभव से जोड़ता है, वो इस सेक्टर में दुर्लभ है.”
अंकित केडिया, फाउंडर और लीड इन्वेस्टर, Capital-A ने कहा, “ब्रेन हेल्थ को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, लेकिन समाधान अभी भी सीमित हैं. Ivory एक डेटा-संचालित, क्लीनिकल रूप से सटीक प्लेटफॉर्म ला रहा है, जो एजिंग और मेंटल वेलनेस के भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाएगा.”
पिछले एक वर्ष में Ivory न केवल सीधे उपभोक्ताओं के लिए ऐप के माध्यम से उपलब्ध है, बल्कि इसने क्लीनिशियन, साइकोलॉजिस्ट्स, बीमा कंपनियों और कॉर्पोरेट्स के साथ भी मज़बूत साझेदारियाँ की हैं. इसके प्रमुख कॉर्पोरेट क्लाइंट्स में Ather Energy, WeWork और PUMA जैसे नाम शामिल हैं, जो Ivory के Cognitive Risk Screening का उपयोग कर रहे हैं.
Ivory ने हाल ही में भारत की पहली ब्रेन हेल्थ रिपोर्ट जारी की, जिसने देश में कॉग्निटिव वेलनेस की स्थिति पर महत्वपूर्ण जानकारी दी. स्टार्टअप को Shark Tank India Season 4 में भी राष्ट्रीय पहचान मिली.
आगे बढ़ते हुए, Ivory भारत में नई भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तार, AI क्षमताओं को और गहराई देने, और देश की आबादी के लिए कॉग्निटिव हेल्थ बेंचमार्क्स पर रिसर्च करने की योजना बना रहा है.



