सेक्शुअल वेलनेस स्टार्टअप That Sassy Thing को मिली 6 करोड़ रु की सीड फंडिंग
2021 में स्थापित That Sassy Thing महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सेक्शुअल वेलनेस के क्षेत्र में क्रांति ला रहा है. स्टार्टअप भारत की पहली फ्री ऑनलाइन सेक्स-एजुकेशन मास्टरक्लास भी चला रहा है, जो महिलाओं को जागरूकता और आत्म-स्वीकृति की ओर ले जाती है.
महिलाओं के लिए सेक्शुअल वेलनेस ब्रांड That Sassy Thing ने अपने सीड फंडिंग राउंड में लगभग 6 करोड़ रुपये जुटाए हैं. इस फंडिंग राउंड की अगुआई Inflection Point Ventures (IPV) ने की और इसमें Vahdam Teas के फाउंडर बाला सारडा, Lahori Zeera के सौरभ मुंजाल, Animall Technologies की कीर्ति जांगड़ा, और Chandigarh Angels Network (CAN) जैसे प्रमुख निवेशकों ने भी हिस्सा लिया.
2021 में स्थापित That Sassy Thing महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सेक्शुअल वेलनेस के क्षेत्र में क्रांति ला रहा है. ब्रांड के प्रोडक्ट्स—जैसे कि फुल बॉडी मसाजर्स, एलो-वेरा आधारित लुब्रिकेंट्स, इंटीमेट वॉश—पूरी तरह सुरक्षित, प्राइवेट और यूज़र-फ्रेंडली हैं. इसके अलावा, यह भारत का पहला फ्री ऑनलाइन सेक्स-एजुकेशन मास्टरक्लास भी चला रहा है, जो महिलाओं को जागरूकता और आत्म-स्वीकृति की ओर ले जाता है.
That Sassy Thing की शुरुआत साची मल्होत्रा और हिमांशु भल्ला ने की थी, जो पति-पत्नी हैं. साची ने अमेरिका की Virginia Commonwealth University से ब्रांड कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजी में मास्टर्स किया है और पहले Arata, Damensch, Zeno Health जैसे ब्रांड्स के साथ काम किया है. वहीं हिमांशु DU के Shaheed Sukhdev College of Business Studies से ग्रेजुएट हैं और उन्होंने UNESCO, Penguin Books, और Manforce Condoms के लिए क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स लीड किए हैं.
That Sassy Thing की को-फाउंडर साची मल्होत्रा ने कहा, “सेक्शुअल वेलनेस को एक नया रूप देने की जरूरत है. महिलाओं की ज़रूरतें—जैसे वजाइनल वेलनेस, PCOS, मेनोपॉज़—अब पहले की तरह नजरअंदाज नहीं की जा सकतीं. हम उन्हें स्टिग्मा-फ्री प्रोडक्ट्स और एजुकेशन देना चाहते हैं.”
को-फाउंडर हिमांशु भल्ला ने कहा, “भारतीय सेक्शुअल वेलनेस मार्केट 2030 तक ₹24,000 करोड़ तक पहुँचने की संभावना है. लेकिन अभी तक पुरुष-केंद्रित ब्रांड्स ही इस मार्केट पर हावी रहे हैं. That Sassy Thing महिलाओं के लिए सबसे बड़ा सेक्शुअल वेलनेस ब्रांड बनने की ओर अग्रसर है.”
That Sassy Thing ने अब तक भारत में 50,000 से ज्यादा ग्राहकों को सेवाएं दी है और कंपनी की सालाना ग्रोथ 200% रही है. इसके प्रोडक्ट्स इसकी वेबसाइट के अलावा Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं. दिलचस्प बात यह है कि अब ये प्रोडक्ट्स दिल्ली NCR के चुनिंदा कैफ़े में भी रिटेल हो रहे हैं, जो एक सांस्कृतिक बदलाव को दर्शाता है.
IPV के फाउंडर और सीईओ विनय बंसल ने कहा, “महिलाओं की सेक्शुअल हेल्थ और एजुकेशन आज भी अंडरफंडेड और नजरअंदाज सेक्टर हैं. That Sassy Thing न सिर्फ इन मुद्दों पर बात कर रहा है, बल्कि इन्क्लूसिव सेक्स-एजुकेशन और सुरक्षित प्रोडक्ट्स के ज़रिए असली बदलाव ला रहा है. हम उनके मिशन को समर्थन देकर गर्व महसूस कर रहे हैं.”
भारत के सेक्शुअल वेलनेस मार्केट के साल 2030 तक ₹24,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है. जहां अब तक पुरुष केंद्रित ब्रांड्स का दबदबा रहा है, वहीं अब लैंगिक समावेशिता और वेलनेस-आधारित दृष्टिकोण की ओर जोर बढ़ रहा है, जिससे महिलाओं के महिलाओं के सेक्शुअल हेल्थ और वेलनेस सेक्टर में विकास की अपार संभावनाएं बन रही हैं.



