बजट 2026: स्कूलों में बनेंगे 15,000 एनीमेशन और गेमिंग लैब, 20 लाख नौकरियों की तैयारी
बजट 2026 में सरकार ने स्कूलों और कॉलेजों में 15,000 एनीमेशन व गेमिंग लैब स्थापित करने का ऐलान किया है. AVGC सेक्टर में 2030 तक 20 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत को देखते हुए यह कदम युवाओं के लिए नए करियर और भारत को कंटेंट क्रिएशन हब बनाने की दिशा में अहम है.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में क्रिएटिव टेक्नोलॉजी और डिजिटल स्किल्स को बढ़ावा देने के लिए बड़ा ऐलान किया है. सरकार देशभर के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक से जुड़े कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करेगी. ये लैब्स मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज के साथ साझेदारी में बनाई जाएंगी.
वित्त मंत्री ने कहा कि AVGC सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और 2030 तक इसमें करीब 20 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी. मौजूदा समय में इस क्षेत्र में स्किल गैप साफ दिख रहा है. सरकार का मानना है कि स्कूल और कॉलेज स्तर पर ट्रेनिंग शुरू होने से युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और रोजगार के रास्ते खुलेंगे.
बजट में डिजाइन सेक्टर को लेकर भी अहम कदम उठाने का प्रस्ताव है. इसके तहत एक नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन स्थापित किया जाएगा. यह संस्थान चैलेंज रूट के जरिए बनाया जाएगा, ताकि इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार प्रतिभा को तैयार किया जा सके. सरकार का कहना है कि डिजाइन के क्षेत्र में घरेलू टैलेंट अभी इंडस्ट्री की रफ्तार के साथ कदम नहीं मिला पा रहा है.
ये घोषणाएं ऐसे समय में आई हैं जब गेमिंग इंडस्ट्री बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. अगस्त 2025 में ऑनलाइन गेमिंग के प्रमोशन और रेगुलेशन से जुड़े कानून के लागू होने के बाद रियल मनी गेमिंग पर रोक लग गई थी. वहीं ईस्पोर्ट्स को एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में मान्यता मिली. इस बदलाव से वह इंडस्ट्री प्रभावित हुई, जिसके सालाना 8 से 10 करोड़ यूजर्स थे.
रियल मनी गेमिंग बंद होने से शुरुआती दौर में झटका जरूर लगा. डिजिटल विज्ञापन, स्पॉन्सरशिप और पेमेंट से जुड़े सेक्टर भी प्रभावित हुए. लेकिन इस बदलाव ने नए अवसर भी खोले हैं. ईस्पोर्ट्स मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में इसमें 30 से 35 प्रतिशत की सालाना ग्रोथ का अनुमान है.
सरकार की शिक्षा से जुड़ी ये पहल एनीमेशन, वीएफएक्स और ईस्पोर्ट्स जैसे उभरते क्षेत्रों में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए की गई है. देश में 50 करोड़ से ज्यादा डिजिटल गेमर्स हैं. सरकार को उम्मीद है कि इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल डेवलपमेंट में निवेश से भारत कंटेंट क्रिएशन और गेम डेवलपमेंट का बड़ा ग्लोबल हब बन सकता है.
(Translated by: रविकांत पारीक)




