महोबा के चंद्रशेखर ने गांव में खोली डीजल सर्विस वर्कशॉप, CM YUVA योजना का मिला साथ
महोबा के नतराड़ा गांव में चंद्रशेखर ने ट्रैक्टर मरम्मत और डीजल सर्विस की वर्कशॉप शुरू की. यूपी सरकार की CM YUVA Yojana के तहत मिली आर्थिक सहायता से उन्होंने नई मशीनें खरीदीं. अब किसान दूर जाने के बजाय यहीं मरम्मत करा पा रहे हैं और उनका कारोबार स्थिर हो रहा है.
महोबा जिले के पनवाड़ी के पास नतराड़ा गांव में सड़क किनारे एक छोटी सी वर्कशॉप है. नाम है केपी डीजल सर्विस. यहां ट्रैक्टर की मरम्मत होती है. डीजल पंप ठीक किए जाते हैं. नोजल इंजेक्टर और ब्रेक का काम होता है. व्यस्त दिनों में पानी के पंप और चार पहिया वाहन भी आ जाते हैं.
इस वर्कशॉप को चलाते हैं चंद्रशेखर. वह आसान शब्दों में कहते हैं कि जब ट्रैक्टर की ताकत कम हो जाए, काला धुआं निकले या माइलेज घट जाए, तो समस्या जल्दी पकड़नी पड़ती है. अंदाज से नहीं, सही औजार से.
बुंदेलखंड के इस इलाके में ट्रैक्टर सिर्फ मशीन नहीं है. यह खेती का आधार है. पहले किसानों को मरम्मत के लिए दूर जाना पड़ता था. कभी सौ किलोमीटर तक का सफर करना पड़ता था. समय और पैसा दोनों खर्च होते थे. कई बार गाड़ी दो तीन दिन तक वहीं अटकी रहती थी.
चंद्रशेखर ने इसी जरूरत को समझकर अपनी वर्कशॉप इसी जगह खोली. अब करीब बीस से तीस किलोमीटर के दायरे से ग्राहक आते हैं. वह कहते हैं कि कई काम कुछ ही घंटों में निपट जाते हैं. किसान उसी दिन खेत लौट सकता है.
चंद्रशेखर ने कोई औपचारिक कोर्स नहीं किया. करीब 2010 के आसपास उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी. दिशा के लिए अपने चाचा के पास गए, जिनकी नौगांव में पुरानी वर्कशॉप है. वहां चार से पांच साल तक काम सीखा. पहले देखा. फिर छोटे काम किए. धीरे धीरे जिम्मेदारी बढ़ी.
घर में भी इंजन और पंप का काम देखा था. पिता के साथ छोटे मोटे काम में हाथ बंटाया. यही रुचि आगे चलकर हुनर बन गई. वह बताते हैं कि करीब पंद्रह साल से इस काम में हैं, भले ही अपनी दुकान हाल में खोली हो.
लंबे समय तक पुराने उपकरणों के कारण काम धीमा चलता था. कई बार जरूरी मशीन न होने से काम लौटाना पड़ता था. तब उन्होंने सहारे की तलाश की. दोस्तों और स्थानीय संपर्कों से जानकारी मिली और उन्होंने यूपी सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना (CM YUVA Yojana) के तहत लोन के लिए आवेदन किया.
इस योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता से उन्होंने नई मशीन खरीदी और ट्रैक्टर से जुड़ा जरूरी सामान जोड़ा. हाल में यह सेटअप पूरा हुआ है. अब काम की गति बदली है. किसान के साथ साथ सड़क से गुजरने वाले वाहन भी आने लगे हैं.
चंद्रशेखर कहते हैं, “पहले अच्छा नहीं लगता था, क्योंकि मशीनें अच्छी नहीं थीं. अब काम में संतोष है.” उनका कहना है कि यह बदलाव अचानक नहीं आया. लेकिन अब रोज का काम ज्यादा व्यवस्थित लगता है.
आज वर्कशॉप में कम काम लौटाना पड़ता है. देरी कम होती है. ग्राहक का भरोसा बढ़ा है. यह कोई बड़ी छलांग नहीं है. लेकिन रोजमर्रा की जिंदगी में स्थिरता आई है.
नतराड़ा की इस छोटी सी वर्कशॉप ने किसानों को पास में सुविधा दी है. और चंद्रशेखर को अपने हुनर पर भरोसा. खेतों के बीच खड़ी यह डीजल सर्विस वर्कशॉप दिखाती है कि सही जगह, सही समय और थोड़ी मदद से छोटे कस्बों में भी मजबूत आधार बनाया जा सकता है.
क्या है CM YUVA योजना?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है.
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग की कार्यकारी संस्था उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (CM YUVA) योजना संचालित की जा रही है.
इस योजना के तहत युवाओं को अपना उद्योग या सेवा आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का 100% ब्याज मुक्त और बिना गारंटी का ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही परियोजना लागत पर 10% मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाता है.
CM YUVA योजना युवाओं को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं देती, बल्कि उन्हें उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, मेंटरशिप, बाजार तक पहुंच और संसाधन भी उपलब्ध कराती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें.
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Edited by Ravi Pareek



