पैकेजिंग सॉल्यूशंस स्टार्टअप Prowrrap को मिली 4 करोड़ रु की सीड फंडिंग
पैकेजिंग और प्रोक्योरमेंट प्लेटफॉर्म Prowrrap ने सीड फंडिंग राउंड में 4 करोड़ रु जुटाए हैं. निवेश का नेतृत्व Calance Software Pvt Ltd और निवेशक अमित गोयल ने किया. कंपनी अगले 18–24 महीनों में सीरीज A फंडिंग की तैयारी कर रही है और देशभर के 25 शहरों में विस्तार की योजना बना रही है.
पैकेजिंग और प्रोक्योरमेंट सॉल्यूशंस देने वाले स्टार्टअप Prowrrap ने अपने सीड राउंड में ₹4 करोड़ की फंडिंग हासिल की है. इस निवेश का नेतृत्व Calance Software Pvt Ltd ने किया है. इसके अलावा IIT वाराणसी के पूर्व छात्र और सुपर एंजेल निवेशक अमित गोयल ने भी निवेश किया है. कंपनी अगले 18 से 24 महीनों में सीरीज A राउंड लाने की योजना बना रही है.
Prowrrap की स्थापना जनवरी 2024 में दो भाइयों — सागर के. सक्सेना और ऋषभ के. सक्सेना — ने की थी. सागर IIM लखनऊ के पूर्व छात्र हैं और इससे पहले Swiggy में प्रोजेक्ट हेड रहे हैं. वहीं ऋषभ IMT गाज़ियाबाद से पढ़ाई कर चुके हैं और Bira91 में प्रोक्योरमेंट हेड रह चुके हैं. कंपनी का प्लेटफॉर्म पैकेजिंग मटेरियल, कैपेक्स, वेयरहाउस एसेट्स आदि के लिए एकीकृत समाधान उपलब्ध कराता है.
वर्तमान में कंपनी टियर-1 शहरों और कुछ टियर-2 बाजारों में सक्रिय है. अगले वित्तीय वर्ष तक इसका विस्तार 25 शहरों तक करने की योजना है. ताज़ा फंडिंग से कंपनी अपनी टेक्नोलॉजी क्षमताओं को और मजबूत करेगी, वितरण नेटवर्क का विस्तार करेगी और क्विक कॉमर्स, फ्रेश एवं नैचुरल प्रोड्यूस, ई-कॉमर्स तथा MSME सेक्टर में अपनी पकड़ को गहरा करेगी.
सागर के. सक्सेना, को-फाउंडर और सीईओ ने कहा, “हमारा विज़न है कि बिज़नेस के लिए पैकेजिंग और ऑपरेशनल एसेट्स की प्रोक्योरमेंट को सरल और स्मार्ट बनाया जाए. यह निवेश हमें टेक्नोलॉजी और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को तेज़ी से स्केल करने में मदद करेगा.”
वहीं को-फाउंडर ऋषभ के. सक्सेना ने कहा, “MSME और हाई-ग्रोथ कंपनियां अक्सर सप्लाई चेन की चुनौतियों से जूझती हैं. Prowrrap इन चुनौतियों को स्पीड, क्वालिटी और कॉस्ट एफिशिएंसी के साथ हल करता है.”
निवेशक अमित गोयल ने विश्वास जताते हुए कहा, “Prowrrap MSME और फास्ट-कॉमर्स सेक्टर की सबसे बड़ी समस्या—प्रोक्योरमेंट एफिशिएंसी को सुलझा रहा है. फाउंडर्स का अनुभव और विज़न इस सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकता है.”
मार्केट रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत का पैकेजिंग उद्योग वर्तमान में 101 बिलियन डॉलर का है और 2030 तक इसके 170 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. वहीं वैश्विक पैकेजिंग उद्योग का आकार 1.18 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है. इसके साथ ही वेयरहाउस ऑटोमेशन सेक्टर 16% से अधिक की वार्षिक दर से बढ़ रहा है. इसी अवसर को देखते हुए Prowrrap अपनी स्थिति को मजबूत कर रहा है और अगले डेढ़ से दो वर्षों में सीरीज A फंडिंग जुटाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है.



