Truemeds को मिली 700 करोड़ रुपये की सीरीज़-C फंडिंग
Truemeds ने सीरीज C फंडिंग में 85 मिलियन डॉलर जुटाए. कंपनी का लक्ष्य सस्ती और भरोसेमंद दवाएं देशभर में पहुंचाना है. इसके साथ ही कंपनी की गैर-मेट्रो शहरों में विस्तार, नया टेक हब और डायग्नोस्टिक सर्विस लॉन्च करने की योजना है, जिससे मरीजों को 50–70% तक बचत होगी.
मुंबई स्थित ई-फार्मेसी और टेलीहेल्थ प्लेटफॉर्म ने सीरीज़-C फंडिंग राउंड में $85 मिलियन (लगभग ₹700 करोड़) जुटाए हैं. यह फंडिंग राउंड दो चरणों में पूरा हुआ. पहले चरण की अगुवाई Accel ने की और दूसरे की Peak XV Partners ने. इसके अलावा WestBridge Capital और Info Edge Ventures ने भी निवेश जारी रखा.
कंपनी इस फंडिंग का उपयोग देश में अपनी पहुंच तीन गुना बढ़ाने में करेगी. इसके तहत गैर-मेट्रो शहरों में नए फुलफिलमेंट सेंटर खोले जाएंगे. इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट टीम को मजबूत किया जाएगा. बेंगलुरु में नया टेक्नोलॉजी हब भी स्थापित किया जाएगा ताकि देश के सर्वश्रेष्ठ सॉफ्टवेयर टैलेंट का लाभ मिल सके.
भारत में बढ़ती उम्र के साथ लोगों को लंबे समय तक डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है. देश के 15.8 करोड़ बुजुर्गों में से 21% कम से कम एक क्रॉनिक बीमारी से पीड़ित हैं. शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 29% तक है. Truemeds का लक्ष्य इन बीमारियों के इलाज में लगने वाले खर्च को 50–70% तक कम करना है.
2019 में अक्षत नैय्यर और डॉ. कुनाल वाणी ने Truemeds की शुरुआत की थी. यह प्लेटफॉर्म अपने प्रोप्राइटरी रिकमेंडेशन एल्गोरिदम से मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली, किफायती वैकल्पिक दवाएं सुझाता है. कंपनी का दावा है कि वह पूरे भारत में सबसे कम कीमत पर दवाएं उपलब्ध करा रही है.
Truemeds ने पिछले साल 100% से ज्यादा साल-दर-साल ग्रोथ दर्ज की है. कंपनी का iOS ऐप लॉन्च हो चुका है और अगले 2–4 महीने में डायग्नोस्टिक सर्विस भी शुरू होगी. शुरुआत में चार पायलट शहरों में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण लैब टेस्ट की सुविधा दी जाएगी.
कंपनी के सीईओ अक्षत नैय्यर ने कहा, “हमारा विज़न है कि हर मरीज को भरोसेमंद और सस्ती दवाएं मिलें. इस फंडिंग के जरिए हम अपनी टीम को मजबूत करेंगे और देश के छोटे शहरों तक पहुंच बनाएंगे, जहां सस्ती हेल्थकेयर सच में जीवन बदल सकती है.”
वर्तमान में कंपनी रोजाना करीब 600 डॉक्टरों से जुड़ी है और करीब 3,000 कर्मचारियों को रोजगार दे रही है. इसमें फुलफिलमेंट सेंटर का स्टाफ और 250 लोगों की हेड ऑफिस टीम शामिल है. हाल ही में कंपनी ने ESOP बायबैक पॉलिसी भी शुरू की है, जिससे कर्मचारियों को कंपनी की सफलता में सीधा लाभ मिलेगा.
अभिनव चतुर्वेदी, पार्टनर, Accel ने कहा, “भारत का हेल्थकेयर मार्केट तेजी से बदल रहा है, लेकिन अभी भी किफायती इलाज, खासकर क्रॉनिक केयर (लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों का इलाज), लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती है. Truemeds इस अंतर को कम कर रहा है, जहां डॉक्टर की सलाह और तकनीक के साथ पारदर्शिता और आसानी से इलाज की सुविधा बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचाई जा रही है. हमें अक्षत, कुनाल और उनकी टीम के साथ काम करके खुशी हो रही है, क्योंकि वे पूरे देश में किफायती क्रॉनिक केयर की पहुंच और गहरी बना रहे हैं.”
साक्षी चोपड़ा, एमडी, Peak XV Partners ने कहा, “हमें अक्षत और कुनाल के साथ Truemeds में साझेदारी करके बहुत खुशी है, क्योंकि वे भारत का सबसे भरोसेमंद ई-फार्मेसी और हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म बना रहे हैं. करोड़ों लोगों, खासकर छोटे शहरों और कस्बों में रहने वालों के लिए क्रॉनिक केयर को सस्ता और सुलभ बनाना उनका मिशन है, जो समय की मांग भी है और बदलाव लाने वाला कदम भी. तकनीक का इस्तेमाल करके वे ग्राहकों को बेहतर अनुभव दे रहे हैं और यह तय कर रहे हैं कि ज़रूरी दवाएं आसानी से उन तक पहुंचे, जिन्हें उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है.”



