फिनटेक स्टार्टअप Frex को मिली 9.5 करोड़ रु की प्री-सीड फंडिंग
Frex ने प्री-सीड फंडिंग राउंड में 9.5 करोड़ रुपये जुटाए हैं. यह स्टार्टअप विदेश से भारत पैसे भेजने को तेज, सस्ता और पारदर्शी बना रहा है. Zeropearl VC और White Venture Capital के नेतृत्व में हुए इस निवेश से Frex अब दुनिया भर में अपनी सेवाएं मजबूत करेगा.
क्रॉस बॉर्डर पेमेंट को आसान बनाने वाले फिनटेक स्टार्टअप Frex ने प्री-सीड फंडिंग राउंड में 9.5 करोड़ रुपये हासिल किए हैं. इस फंडिंग राउंड की अगुवाई Zeropearl VC और White Venture Capital ने मिलकर की. इस राउंड में कई नामी एंजेल निवेशकों ने भी हिस्सा लिया है. इनमें Urban Company के अभीराज सिंह भाल, वरुण खेतान और राघव चंद्रा, Uber में मोबिलिटी के ग्लोबल हेड प्रदीप परमेश्वरन, CRED के फाउंडर कुणाल शाह और Credgenics के फाउंडर ऋषभ गोयल शामिल हैं.
Frex एक ग्लोबल पीयर-टू-पीयर पेमेंट प्लेटफॉर्म है. यह विदेश में रहने वाले भारतीयों और ग्लोबल वर्कर्स को भारत में पैसे भेजने की सुविधा देता है. कंपनी का दावा है कि वह बहुत कम लागत में और तेजी से पैसा ट्रांसफर करने की सुविधा देती है.
इस स्टार्टअप की शुरुआत एक निजी समस्या से हुई. जब इसके फाउंडर्स अमेरिका और यूरोप में काम कर रहे थे, तब उन्हें भारत पैसे भेजने में कई दिक्कतें आती थीं. ट्रांसफर में कई दिन लग जाते थे. फीस ज्यादा होती थी. एक्सचेंज रेट भी साफ नहीं होते थे. इसी समस्या को हल करने के लिए Frex की नींव रखी गई.
Frex की स्थापना आदित्य वर्मा, हिमांशु अरोड़ा और निखिल शंकर ने की है. तीनों के पास स्टार्टअप का लंबा अनुभव है. इन्होंने पहले Uber, Urban Company और TravelPlus जैसी कंपनियों में लीडरशिप रोल निभाए हैं. इनका मकसद है कि ग्लोबल मनी ट्रांसफर को तेज, सस्ता और पारदर्शी बनाया जाए.
इस फंडिंग से कंपनी नॉर्थ अमेरिका और भारत में अपना इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करेगी. कंपनी अपने कंप्लायंस और रेगुलेटरी सिस्टम को भी और बेहतर बनाएगी. साथ ही कंपनी अपनी टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग सिस्टम को स्केल करेगी ताकि ज्यादा ट्रांजैक्शन संभाल सके. NRI और माइग्रेंट वर्कर्स तक पहुंच बढ़ाने पर भी फोकस किया जाएगा.
Frex के फाउंडर और CEO आदित्य वर्मा का कहना है कि दुनियाभर में हर साल अरबों डॉलर का पैसा सीमा पार भेजा जाता है. इसके बावजूद यह सिस्टम आज भी धीमा और महंगा है. इसका सबसे ज्यादा असर माइग्रेंट वर्कर्स पर पड़ता है. कंपनी का लक्ष्य है इस पूरे अनुभव को पूरी तरह बदल देना.
Zeropearl VC के मैनेजिंग पार्टनर बिपिन शाह का कहना है कि भारत दुनिया में सबसे ज्यादा रेमिटेंस पाने वाला देश है. इसके बावजूद भारत की कोई ग्लोबल लेवल की बड़ी रेमिटेंस कंपनी नहीं है. उनका मानना है कि Frex इस खाली जगह को भर सकता है.
White Venture Capital की फाउंडर और जनरल पार्टनर स्वेता राउ ने कहा कि Frex एक बड़ी और जरूरी समस्या पर काम कर रहा है. इसकी टीम मजबूत है और टेक्नोलॉजी भी दमदार है. उन्हें भरोसा है कि यह प्लेटफॉर्म ग्लोबल लेवल पर बड़ा बनेगा.
कंपनी को शुरुआती यूजर्स से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. नवंबर में लॉन्च होने के बाद से ट्रांजैक्शन तेजी से बढ़े हैं. आने वाले दो से तीन महीनों में कंपनी का लक्ष्य हर महीने दस लाख डॉलर से ज्यादा की मनी ट्रांसफर वैल्यू हासिल करना है.



