Flipkart ने Sellers पर कसा शिकंजा, डिलीवरी में देरी और ऑर्डर कैंसिल करने पर देना होगा पैसा — रिपोर्ट
Flipkart ने फेस्टिव सीजन से पहले सेलर्स के लिए नए पेनल्टी नियम लागू किए हैं. ऑर्डर समय पर डिस्पैच नहीं करने या कैंसिल करने पर 30 से 60 रुपये तक जुर्माना लगेगा. देरी के बाद ऑर्डर कैंसिल होने पर 90 रुपये तक की पेनल्टी हो सकती है.
फेस्टिव सीजन से पहले Flipkart ने अपने सेलर्स (Sellers) के लिए नियम और सख्त कर दिए हैं. अब ऑर्डर समय पर डिस्पैच नहीं करने या ऑर्डर मिलने के बाद उसे कैंसिल करने पर सेलर्स को जुर्माना देना होगा.
नई पेनल्टी व्यवस्था के तहत सेलर्स पर प्रति शिपमेंट ₹30 से ₹60 तक का चार्ज लगाया जाएगा. अगर कोई ऑर्डर तय डिस्पैच तारीख तक नहीं भेजा गया और बाद में उसे कैंसिल भी कर दिया गया, तो पेनल्टी बढ़कर ₹90 प्रति ऑर्डर तक पहुंच सकती है. यह जानकारी द इकोनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के हवाले से सामने आई है.
23 अगस्त से लागू हुए नए चार्ज
Flipkart की नई पेनल्टी व्यवस्था 23 अगस्त से लागू हो गई है. इसका असर ऐसे सेलर्स पर पड़ेगा जो ऑर्डर मिलने के बाद तय समयसीमा में उसे डिस्पैच नहीं करते हैं.
कंपनी का फोकस ऑर्डर की फुलफिलमेंट प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर है. खासकर फेस्टिव सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग तेजी से बढ़ती है. ऐसे में Flipkart चाहता है कि ग्राहकों को उनका सामान तय समय पर मिले.
अगर सेलर की वजह से ऑर्डर में देरी होती है या ऑर्डर कैंसिल होता है, तो इसका सीधा असर ग्राहक के अनुभव पर पड़ता है. नई व्यवस्था के जरिए कंपनी ऐसी घटनाओं को कम करना चाहती है.
छोटे सेलर्स पर ज्यादा असर पड़ सकता है
नई पेनल्टी का असर छोटे ब्रांड्स और व्यक्तिगत सेलर्स पर ज्यादा हो सकता है. इंडस्ट्री के अधिकारियों ने The Economic Times को बताया कि कम मार्जिन पर काम करने वाले सेलर्स के लिए प्रति ऑर्डर लगने वाला जुर्माना जल्दी बड़ा खर्च बन सकता है.
अगर किसी सेलर के यहां लगातार डिस्पैच में देरी होती है या ऑर्डर कैंसिल होते हैं, तो कुल पेनल्टी काफी बढ़ सकती है. इससे सेलर्स पर समय पर ऑर्डर तैयार करने और भेजने का दबाव बढ़ेगा.
14 लाख से ज्यादा सेलर्स वाला प्लेटफॉर्म
Flipkart अपने बड़े सेलर नेटवर्क को मैनेज करने के लिए लगातार अपने मॉनिटरिंग और एनफोर्समेंट सिस्टम को मजबूत कर रहा है. कंपनी ने इस साल की शुरुआत में बताया था कि उसके प्लेटफॉर्म पर 14 लाख से ज्यादा सेलर्स हैं.
इतने बड़े नेटवर्क में ऑर्डर की समय पर फुलफिलमेंट बनाए रखना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती है. खासकर तब, जब फेस्टिव सीजन में ऑर्डर्स की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले काफी बढ़ जाती है.
SLA टूटने पर भी हो सकता है असर
Flipkart के सेलर परफॉर्मेंस सिस्टम में डिस्पैच की समयसीमा काफी अहम है. अगर सेलर तय समय तक किसी ऑर्डर को डिस्पैच नहीं करता है, तो इसे सर्विस लेवल एग्रीमेंट (SLA) का उल्लंघन माना जा सकता है.
ऐसी स्थिति सेलर की परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकती है. कुछ मामलों में ऑर्डर को सेलर कैंसिलेशन के तौर पर भी माना जा सकता है.
नई पेनल्टी व्यवस्था इसी सिस्टम को और मजबूत करती है. इसका मकसद सेलर्स को डिलीवरी कमिटमेंट के प्रति ज्यादा जवाबदेह बनाना है.
फेस्टिव सीजन से पहले बड़ा कदम
भारत में फेस्टिव सीजन ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए साल का सबसे अहम समय होता है. इस दौरान Flipkart समेत कई प्लेटफॉर्म बड़ी सेल और ऑफर्स लेकर आते हैं. ऑर्डर की संख्या बढ़ने के साथ डिलीवरी और फुलफिलमेंट पर भी दबाव बढ़ जाता है.
ऐसे समय में एक ऑर्डर की देरी भी ग्राहक के अनुभव को प्रभावित कर सकती है. इसलिए Flipkart सेलर्स की जिम्मेदारी बढ़ाकर अपनी फुलफिलमेंट प्रक्रिया को मजबूत करना चाहता है.
नई पेनल्टी सिर्फ सेलर्स के लिए एक अतिरिक्त लागत नहीं है. यह Flipkart की उस कोशिश का हिस्सा है, जिसमें कंपनी अपने मार्केटप्लेस पर सेलर्स को डिलीवरी कमिटमेंट के लिए ज्यादा जवाबदेह बनाना चाहती है. फेस्टिव सीजन से पहले यह कदम प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.



