10 लाख युवाओं का भविष्य संवारने वाले FUEL की NSE Social Stock Exchange पर एंट्री
FUEL ने NSE के Social Stock Exchange पर लिस्ट होकर शिक्षा और स्किलिंग के क्षेत्र में नया कदम उठाया है. यह पहल ग्रामीण छात्रों, खासकर लड़कियों को स्कॉलरशिप, डिजिटल स्किल्स और करियर गाइडेंस देकर उनके भविष्य को मजबूत बनाएगी.
शिक्षा और स्किलिंग के क्षेत्र में काम कर रही नॉन-प्रॉफिट संस्था FUEL ने एक बड़ा कदम उठाया है. Friends Union for Energising Lives (FUEL) अब National Stock Exchange of India (NSE) के Social Stock Exchange पर लिस्ट हो गई है.
इस मौके पर एक खास बेल रिंगिंग सेरेमनी आयोजित की गई. इस समारोह में महाराष्ट्र सरकार के कई बड़े नेता और उद्योग जगत के लोग शामिल हुए.
इस कार्यक्रम में चंद्रकांत पाटिल (उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री) और मंगल प्रभात लोढ़ा (कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री) भी मौजूद रहे. दोनों नेताओं ने इस पहल को समाज के लिए एक नई दिशा बताया.
FUEL लंबे समय से ऐसे युवाओं के लिए काम कर रहा है जिन्हें सही मार्गदर्शन और संसाधन नहीं मिल पाते. खासकर ग्रामीण इलाकों और सरकारी स्कूलों के छात्रों पर इसका फोकस रहा है. संस्था का मानना है कि सही समय पर सही मार्गदर्शन मिल जाए तो युवा अपनी जिंदगी बदल सकते हैं.
इस लिस्टिंग का मकसद साफ है. ज्यादा से ज्यादा युवाओं तक शिक्षा और डिजिटल स्किल्स पहुंचाना. साथ ही उन्हें करियर के स्पष्ट रास्ते दिखाना. खास ध्यान उन लड़कियों पर है जो आर्थिक और सामाजिक वजहों से पीछे रह जाती हैं.
FUEL ने इस मौके पर Social Stock Exchange के तहत अपना इश्यू भी लॉन्च किया. इसके जरिए जुटाए गए फंड का इस्तेमाल स्कॉलरशिप देने में होगा. यह स्कॉलरशिप खासकर उन छात्राओं और पहले पीढ़ी के शिक्षार्थियों के लिए होगी जिनके पास पढ़ाई के साधन नहीं हैं.
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि जब बड़ी और छोटी कंपनियां CSR के जरिए ऐसे कामों में योगदान देती हैं तो इसका असर बहुत बड़ा होता है. उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ती है.
FUEL के फाउंडर और चेयरमैन डॉ. केतन देशपांडे ने कहा कि Social Stock Exchange एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां निवेश सीधे सामाजिक परिणामों से जुड़ता है. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य उन छात्रों तक मदद पहुंचाना है जो आर्थिक कारणों से पढ़ाई नहीं कर पाते.
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि यह पहल दिखाती है कि जब समाज के अलग अलग लोग एक साथ आते हैं तो बड़ा बदलाव संभव होता है.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी FUEL की सराहना की. उन्होंने कहा कि संस्था ने करियर गाइडेंस के क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया है और इससे हजारों छात्रों को दिशा मिली है.
FUEL की एक और खास पहल भी सामने आई. महाराष्ट्र सरकार ने इसे FUEL Skilltech and Entrepreneurship University के रूप में मान्यता दी है. यह यूनिवर्सिटी भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार की जाएगी. यहां शिक्षा के साथ साथ इंडस्ट्री से जुड़ी स्किल्स भी सिखाई जाएंगी.
संस्था को उद्योग जगत से भी मजबूत समर्थन मिला है. डॉ. यूसुफ हमीद के सहयोग से School of Science की स्थापना की गई है. अब FUEL अन्य क्षेत्रों में भी स्कूल खोलने के लिए साझेदारी की तलाश कर रहा है.
अगर FUEL के काम की बात करें तो इसका प्रभाव काफी बड़ा है. संस्था अब तक 10 लाख से ज्यादा युवाओं को करियर गाइडेंस दे चुकी है. लगभग तीन लाख छात्रों को भविष्य के लिए जरूरी स्किल्स सिखाए गए हैं. हजारों छात्रों को स्कॉलरशिप भी मिली है.
आज FUEL की यह नई शुरुआत सिर्फ एक लिस्टिंग नहीं है. यह एक संकेत है कि अब समाज में बदलाव के लिए नए मॉडल सामने आ रहे हैं. जहां निवेश सिर्फ मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि बदलाव के लिए भी किया जा रहा है.
यह कदम उन लाखों युवाओं के लिए उम्मीद लेकर आया है जो सही मौके का इंतजार कर रहे हैं.



