यूपी के सहसपुर गांव की गार्गी वर्मा ने नमकीन बेच खड़ा कर दिया कारोबार
प्रतापगढ़ की किसान गार्गी वर्मा ने बैंक से लोन रिजेक्ट होने के बाद हार नहीं मानी और यूपी सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना के तहत लोन लेकर नमकीन का कारोबार शुरू किया। जानिए कैसे छोटी मशीन, नियमित ऑर्डर और आत्मविश्वास ने गांव से एक टिकाऊ कारोबार खड़ा किया।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के सहसपुर गांव की रहने वाली गार्गी वर्मा एक किसान परिवार से आती हैं. खेती उनके जीवन का हिस्सा रही है, लेकिन उन्होंने अपनी पहचान सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं रखी. गार्गी ने गांव से ही नमकीन बनाने का छोटा कारोबार शुरू किया, जो आज आसपास की कई ग्राम पंचायतों की दुकानों तक पहुंच चुका है.
यह सफर आसान नहीं था. इसकी शुरुआत बैंक से मिली एक ना से हुई थी.
गार्गी ने यूपी सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना (CM YUVA Yojana) के तहत लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया. फाइल जिला कार्यालय के रास्ते बैंक तक पहुंची, लेकिन पहली बार में लोन मंजूर नहीं हुआ. इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी. वह जिला स्तर के अधिकारियों से मिलीं. अपनी फाइल दोबारा दिखवाई. फिर बैंक ब्रांच पहुंचीं.
इस बार माहौल अलग था. बैंक मैनेजर ने उनके कागजात ध्यान से देखे. जरूरी सुधार बताए. कई बार की बातचीत व्हाट्सऐप पर ही हुई. धीरे धीरे हर दस्तावेज पूरा हुआ और आखिरकार लोन पास हो गया.
लोन मिलते ही गार्गी अपने पति के साथ कानपुर गईं. वहां उन्होंने मशीनें देखीं और अपनी जरूरत के हिसाब से चयन किया. मुख्य मशीन की कीमत करीब एक लाख बीस हजार रुपये थी. यात्रा और दूसरे खर्च जोड़कर कुल खर्च लगभग एक लाख पच्चीस हजार रुपये बैठा.
गार्गी ने नमकीन का काम इसलिए चुना, क्योंकि इसकी मांग पूरे साल रहती है. शादी ब्याह हों या घर में मेहमान आएं. बच्चे हों या बुजुर्ग. नमकीन हर घर में चलती है. छोटे पैकेट भी बिकते हैं और थोक में भी मांग रहती है.
वह मशीन के साथ साथ हाथ के काम को भी जरूरी मानती हैं. उनका कहना है कि हर चीज मशीन से करना जरूरी नहीं. कुछ काम हाथ से करने पर स्वाद और गुणवत्ता बनी रहती है. वह खुद दुकानों पर जाकर नमकीन देती हैं. आसपास के कई गांवों की दुकानों से उनका सीधा संपर्क है.
अब हर हफ्ते आठ से दस किलो तक के नियमित ऑर्डर आने लगे हैं. ज्यादातर ग्राहक दोबारा ऑर्डर देते हैं. इससे उन्हें भरोसा मिलता है कि काम सही दिशा में जा रहा है.
इस कारोबार के साथ साथ गार्गी रोज दो घंटे एक स्थानीय एनजीओ में भी काम करती हैं. यह संगठन छह से चौदह साल के बच्चों के अधिकारों पर काम करता है. इससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी और सामाजिक जुड़ाव दोनों मिलते हैं.
गार्गी ने नमकीन बनाना अपने मायके में सीखा था. वहां आसपास के लोग घर की बनी नमकीन खूब पसंद करते थे. उसी अनुभव को उन्होंने अपने गांव के बाजार में उतारा. वह छोटे बैच में नमकीन बनाती हैं. स्वाद एक जैसा रखने पर ध्यान देती हैं. समय पर डिलीवरी को अहम मानती हैं.
जो महिलाएं ऐसा काम शुरू करना चाहती हैं, उनके लिए गार्गी कहती हैं कि कागजात साफ रखें. कई जगह से मशीन के कोटेशन लें. बैंक से लगातार संपर्क में रहें. बार बार आने जाने से बचने के लिए व्हाट्सऐप का सही इस्तेमाल करें.
‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना ने उन्हें राहत दी है. शुरुआती समय में ब्याज में छूट मिली है. किश्तें तय हैं. कोई अचानक दबाव नहीं है. गार्गी का अनुमान है कि लोन पूरा चुकाने के बाद यह कारोबार उन्हें करीब सत्तर हजार रुपये तक का शुद्ध लाभ दे सकता है.
उनका कहना है कि तय किश्तों की वजह से डर नहीं लगता. कच्चे माल और पैकेजिंग में पैसा लगाने का भरोसा रहता है.
गार्गी मानती हैं कि सरकारी योजनाएं और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) ने गांव की महिलाओं के लिए बैंक का दरवाजा आसान बनाया है. लेकिन आत्मविश्वास सबसे जरूरी है. वह खुद को सिर्फ काम करने वाली नहीं, बल्कि इस कारोबार की संस्थापक और संचालक मानती हैं.
गार्गी की कहानी दिखाती है कि एक छोटी मशीन, नियमित ऑर्डर और अनुशासित भुगतान से एक से ज्यादा परिवारों की आजीविका बन सकती है. जैसा कि YourStory की फाउंडर और सीईओ श्रद्धा शर्मा अक्सर कहती हैं, सीमाएं ही कई बार नई सोच को जन्म देती हैं. और रोजमर्रा का उद्यमी उसी सोच को टिकाऊ कारोबार में बदल देता है.
क्या है CM YUVA योजना?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है.
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग की कार्यकारी संस्था उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (CM YUVA) योजना संचालित की जा रही है.
इस योजना के तहत युवाओं को अपना उद्योग या सेवा आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का 100% ब्याज मुक्त और बिना गारंटी का ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही परियोजना लागत पर 10% मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाता है.
CM YUVA योजना युवाओं को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं देती, बल्कि उन्हें उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, मेंटरशिप, बाजार तक पहुंच और संसाधन भी उपलब्ध कराती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें.
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Edited by Ravi Pareek



