कानपुर देहात के गौरव ने सिलाई सीखकर शुरू किया कारोबार, अब ऑनलाइन भी बेच रहे कपड़े
कानपुर देहात के गौरव ने सिलाई सीखकर छोटा गारमेंट यूनिट शुरू किया. यूपी सरकार की CM YUVA Yojana के तहत 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलने के बाद उन्होंने इलेक्ट्रिक मशीनें खरीदीं, उत्पादन बढ़ाया और ऑनलाइन ऑर्डर संभालना आसान किया. आज उनका यूनिट स्थिर आय और रोजगार का साधन बन चुका है.
कानपुर देहात के उमरन गांव में एक छोटा सा गारमेंट यूनिट रोज एक तय रूटीन के साथ चलता है. कपड़ा आता है. पैटर्न कटते हैं. मशीनें चलती हैं. और तैयार कपड़े बाजार के लिए निकल जाते हैं.
इस यूनिट को गौरव चलाते हैं. फिलहाल उनका मुख्य फोकस पेटीकोट बनाने पर है. यह ऐसा उत्पाद है जिसकी मांग लगातार बनी रहती है. बैच में तैयार होता है और आसानी से बिक जाता है. इसके साथ ही वह कुछ रेडीमेड कपड़े भी थोक बाजार से लाकर बेचते हैं. ग्राहक की मांग के अनुसार टीशर्ट, लोअर या दूसरे डिजाइन वाले कपड़े भी बनाए जाते हैं.
गौरव ने साल 2016 से सिलाई और गारमेंट का काम सीखना शुरू किया. करीब एक साल की ट्रेनिंग के बाद उन्होंने खुद काम करना शुरू किया. बाद में अलग अलग कंपनियों में नौकरी की, ताकि उत्पादन और ऑर्डर संभालने का अनुभव मिल सके.
वह बताते हैं कि काम के दौरान उन्होंने जींस, जैकेट और कई तरह के पैटर्न पर काम किया. इसी दौरान उन्हें यह भी समझ आया कि सिर्फ सिलाई नहीं, बल्कि ऑर्डर और बिक्री संभालना भी जरूरी होता है.
शादी के बाद बाहर रहना मुश्किल हो गया. तब उन्होंने फैसला किया कि अपने इलाके में ही काम शुरू किया जाए. करीब छह महीने पहले उन्होंने यह यूनिट शुरू किया. उनकी पत्नी भी इस काम में मदद करती हैं. साथ में एक छोटी टीम रोज का काम संभालती है.
आज उनका यूनिट ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे मीशो पर भी लिस्टेड है. लेकिन ऑनलाइन बिक्री के साथ अपनी मुश्किलें भी हैं. गौरव बताते हैं कि अक्सर पैसा फंस जाता है. कपड़ा खरीदना पड़ता है. मजदूरों को भुगतान करना होता है. लेकिन प्लेटफॉर्म से पेमेंट आने में एक से पंद्रह दिन तक लग जाते हैं.
कभी कभी बड़े ऑर्डर भी चुनौती बन जाते हैं. एक बार किसी ग्राहक ने एक खास रंग में सौ पीस का ऑर्डर दिया. स्टॉक कम था. ऑर्डर रद्द करना पड़ा. छोटे यूनिट के लिए हर वैरायटी का स्टॉक रखना आसान नहीं होता.
इन्हीं परेशानियों को संभालने और काम बढ़ाने के लिए उन्होंने यूपी सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना (CM YUVA Yojana) के तहत लोन के लिए आवेदन किया. उन्हें पांच लाख रुपये की ब्याज मुक्त आर्थिक सहायता मिली.
इस सहायता से गौरव ने इलेक्ट्रिक मशीनें खरीदीं. वह कहते हैं कि पहले जो काम पूरे दिन में होता था, अब लगभग एक घंटे में पूरा हो जाता है. उत्पादन की गति बढ़ी है. समय पर ऑर्डर पूरे करना आसान हुआ है.
अब उनके साथ चार और लोग काम करते हैं. काम का दबाव पहले जैसा नहीं लगता. कपड़ा समय पर खरीदा जा सकता है. मजदूरों को भुगतान भी नियमित हो पाता है.
गौरव के लिए यह बदलाव किसी बड़े विस्तार की कहानी नहीं है. यह रोज की अनिश्चितता कम होने की कहानी है. कई साल सीखने और धीरे धीरे आगे बढ़ने के बाद अब काम में स्थिरता आई है. मशीनों की आवाज, तय समय पर पूरा होता ऑर्डर और नियमित काम का भरोसा ही उनके लिए असली सफलता है.
क्या है CM YUVA योजना?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है.
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग की कार्यकारी संस्था उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (CM YUVA) योजना संचालित की जा रही है.
इस योजना के तहत युवाओं को अपना उद्योग या सेवा आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का 100% ब्याज मुक्त और बिना गारंटी का ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही परियोजना लागत पर 10% मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाता है.
CM YUVA योजना युवाओं को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं देती, बल्कि उन्हें उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, मेंटरशिप, बाजार तक पहुंच और संसाधन भी उपलब्ध कराती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें.
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Edited by Ravi Pareek



