Google–Accel के इस प्रोग्राम से भारत के AI स्टार्टअप्स को मिलेगी फंडिंग
Google और Accel ने मिलकर Atoms AI Cohort 2026 लॉन्च किया है. भारतीय AI स्टार्टअप्स को 2 मिलियन डॉलर तक फंडिंग, 3.5 लाख डॉलर तक कॉम्प्यूट क्रेडिट और Google Gemini व DeepMind जैसे एडवांस AI मॉडलों का शुरुआती एक्सेस मिलेगा. आवेदन 26 जनवरी 2026 तक खुले हैं.
Accel ने Google के AI Futures Fund के साथ मिलकर Atoms AI Cohort 2026 की शुरुआत की है. यह प्रोग्राम भारत के AI फाउंडर्स को सपोर्ट देने के लिए बनाया गया है. इस साझेदारी के तहत भारतीय फाउंडर्स को शुरुआती चरण में ही गूगल की एडवांस AI टेक्नोलॉजी तक पहुंच मिलेगी. इसमें Gemini और DeepMind जैसे मॉडल शामिल हैं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, Accel ने कहा कि यह गूगल का अपनी तरह का पहला वैश्विक प्रोग्राम है. कंपनी ने बताया कि इस सहयोग का उद्देश्य शुरुआती फाउंडर्स को टेक्नोलॉजी, रिसर्च और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर देकर वैश्विक स्तर के AI प्रोडक्ट्स बनाने में मदद करना है.
चुने गए स्टार्टअप्स को 2 मिलियन डॉलर तक की फंडिंग दी जाएगी. यह निवेश Accel और Google के AI Futures Fund की ओर से संयुक्त रूप से किया जाएगा. इसके अलावा गूगल क्लाउड, Gemini और DeepMind प्लेटफॉर्म पर 3.5 लाख डॉलर तक के कॉम्प्यूट क्रेडिट भी दिए जाएंगे.
प्रोग्राम का लक्ष्य फाउंडर्स को तकनीकी विशेषज्ञता और मेंटरशिप देना है. शुरुआती चरण में सही मार्गदर्शन मिलने से AI स्टार्टअप्स तेज़ी से बढ़ सकते हैं और वैश्विक बाजार में प्रवेश कर सकते हैं. Accel और Google की टीम स्टार्टअप्स को एक-एक करके मेंटरशिप देगी. साथ ही गूगल लैब्स और DeepMind के रिसर्च समूहों के साथ काम करने का मौका भी मिलेगा.
चुने गए फाउंडर एक वैश्विक समुदाय का हिस्सा बनेंगे. इससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और अवसरों तक पहुंच मिलेगी. Accel ने कहा कि यह प्रोग्राम फंडिंग, टेक्नोलॉजी और शुरुआती भरोसे का संयोजन है, जो भारतीय फाउंडर्स को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रोडक्ट बनाने में मदद करेगा.
यह प्रोग्राम भारतीय या भारतीय-मूल के उन फाउंडर्स के लिए खुला है जो AI-फर्स्ट प्रोडक्ट बना रहे हैं. आवेदन Accel की वेबसाइट पर खुले हैं. अंतिम तिथि 26 जनवरी 2026 है. आवेदन प्रक्रिया Google के Gemini 2.5 Pro मॉडल द्वारा संचालित है, जिससे फॉर्म भरना आसान हो जाता है.



