हेल्थटेक स्टार्टअप Morphle Labs को मिली $5 मिलियन की सीरीज A फंडिंग
Morphle Labs ने Inflexor Ventures से 5 मिलियन डॉलर की Series A फंडिंग जुटाई है. कंपनी RoboTome और MorphoLens जैसे रोबोटिक और AI-समर्थित सिस्टम के जरिए कैंसर डायग्नोस्टिक्स में क्रांति ला रही है और वैश्विक बाजारों में विस्तार की तैयारी कर रही है.
डीप-टेक हेल्थकेयर ऑटोमेशन कंपनी ने Inflexor Ventures से 5 मिलियन डॉलर की सीरीज A फंडिंग हासिल की है. बेंगलुरु स्थित कंपनी कैंसर डायग्नोस्टिक्स के लिए अगली पीढ़ी की रोबोटिक और इमेजिंग सिस्टम बना रही है. ताजा फंडिंग के बाद कंपनी अब वैश्विक बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ाएगी, अपने खास प्रोडक्ट RoboTome® और MorphoLens के लिए मैन्युफैक्चरिंग को तेज करेगी और अंतरराष्ट्रीय रेगुलेटरी अप्रूवल पर भी काम करेगी.
Morphle Labs की शुरुआत 2017 में हुई थी. कंपनी हेल्थकेयर के एक बेहद महत्वपूर्ण लेकिन कम ऑटोमेटेड सेक्टर को बदल रही है. यह सेक्टर है हिस्टोपैथोलॉजी जो कैंसर डायग्नोस्टिक्स का मूल केंद्र माना जाता है. आज भी कई लैब्स मैन्युअल और श्रम-प्रधान प्रक्रियाओं पर निर्भर हैं. दुनिया भर में हिस्टोपैथोलॉजी लैब्स में स्किल्ड स्टाफ की भारी कमी है जिसकी वजह से केस बैकलॉग बढ़ रहे हैं और मरीजों को रिपोर्ट मिलने में देरी हो रही है. Morphle इस पूरे वर्कफ्लो को शुरू से फिर से डिज़ाइन कर रही है और इसमें रोबोटिक्स, प्रिसिजन हार्डवेयर, ऑप्टिक्स और कंप्यूटर विज़न का इस्तेमाल कर रही है.
Morphle अब तक रोबोटिक्स, ऑप्टिक्स, एम्बेडेड सिस्टम और इमेजिंग में अस्सी से अधिक पेटेंट दाखिल कर चुकी है.
फंडिंग पर बात करते हुए Morphle Labs के फाउंडर और सीईओ रोहित हिवाले ने कहा कि उनकी कंपनी का लक्ष्य हेल्थकेयर को नई सोच के साथ बदलना है. उन्होंने कहा कि हिस्टोलॉजी अब भी असली ऑटोमेशन से दूर है और Morphle ने इस चुनौती को स्वीकार किया है. RoboTome® और MorphoLens के साथ कंपनी ने डायग्नोस्टिक्स की सबसे मुश्किल bottlenecks को हल किया है. उनका कहना है कि आने वाले समय में कंपनी पूरा डायग्नोस्टिक वर्कफ्लो जोड़कर एक ऐसा सिस्टम बनाएगी जो तेज, विश्वसनीय और उच्च गुणवत्ता वाले परिणाम देगा. साथ ही कंपनी अब रोबोटिक्स और कंप्यूटर विज़न क्षेत्रों में प्रतिभाशाली इंजीनियरों की भर्ती भी करेगी.
Morphle की टीम भारत के बेंगलुरु और अमेरिका के बोस्टन शहरों में काम करती है और अब अमेरिका तथा यूरोप में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है.
निवेशक Inflexor Ventures के पार्टनर प्रतीप मजूमदार ने कहा कि Morphle Labs एक ऐसे सेक्टर को बदल रही है जिसे दुनिया भर में कम ध्यान मिलता है लेकिन यह मरीजों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि रोबोटिक्स, इमेजिंग और AI को मिलाकर Morphle ने एक विश्वसनीय क्लिनिकल सिस्टम बनाया है और कंपनी तेजी से वैश्विक लीडर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है.
फंडिंग मिलने के बाद कंपनी अब बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाएगी, नए पेटेंट दर्ज करेगी और अंतरराष्ट्रीय मेडिकल डिवाइस सर्टिफिकेशन प्रक्रियाओं पर भी काम करेगी. इसके अलावा कंपनी रोबोटिक्स, विज़न सिस्टम, ऑप्टिक्स, हार्डवेयर डेवलपमेंट और मेडिकल सॉफ्टवेयर जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में इंजीनियरों की भर्ती करेगी. Morphle का मानना है कि यह Physical AI यानी हाई-फिडेलिटी हार्डवेयर और इंटेलिजेंट सॉफ्टवेयर का संगम है और यही भविष्य की डायग्नोस्टिक टेक्नोलॉजी को परिभाषित करेगा.
Morphle Labs अब दुनिया में टिश्यू डायग्नोस्टिक्स को नए तरीके से परिभाषित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. कंपनी भारत से विश्व स्तर की मेडिकल इनोवेशन का उदाहरण बनकर उभर रही है.



