Google ने इस वजह से Play Store से हटाई 16 ऐप

By रविकांत पारीक
October 25, 2022, Updated on : Tue Oct 25 2022 05:46:24 GMT+0000
Google ने इस वजह से Play Store से हटाई 16 ऐप
Google के एक प्रवक्ता ने कहा कि McAfee द्वारा रिपोर्ट किए गए सभी ऐप्स को हटा दिया गया है. उपयोगकर्ता Google Play प्रोटेक्ट द्वारा भी सुरक्षित हैं, जो Android डिवाइसेज पर इन ऐप्स को ब्लॉक कर देता है.
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दुनिया में टेक्नोलॉजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Google ने अपने प्ले स्टोर (Play Store) से 16 ऐप्लीकेशन को हटा दिया है. (Google removes 16 apps from play store) ये ऐप्स एंड्रॉइड डिवाइस पर तेजी से बैटरी डाउन करने और अधिक डेटा कंज्यूम करने का कारण बन रही थी.


एक रिपोर्ट के अनुसार, एक सिक्योरिटी फर्म द्वारा पहचाने गए एप्लिकेशन ने वास्तविक उपयोगकर्ता के रूप में विज्ञापनों पर क्लिक करने के लिए बैकग्राउंड में वेब पेज खोलकर कथित तौर पर विज्ञापन धोखाधड़ी की. सिक्योरिटी फर्म के अनुसार, प्ले स्टोर से हटाए जाने से पहले, ऐप्स के कुल 20 मिलियन इंस्टॉलेशन थे.


Ars Technica की रिपोर्ट के मुताबिक़, Google ने अपने Play Store से 16 ऐप्स हटा दिए, जिनका पता McAfee ने लगाया. हटाए गए ऐप "यूटिलिटी" ऐप की कैटेगरी में आते हैं - ये ऐप आम तौर पर बुनियादी कार्य करते हैं जैसे कि उपयोगकर्ताओं को क्यूआर कोड को स्कैन करने और लिंक की गई वेबसाइट पर जाने की अनुमति देना, डिवाइस की टॉर्च चालू करना, मुद्रा परिवर्तक और कैलकुलेटर हैं.


Google द्वारा Play Store से हटाई गई इन 16 यूटिलिटी ऐप्स की लिस्ट में शामिल हैं -


1. High-Speed Camera


2. Smart Task Manager


3. Flashlight+


4. com.smh.memocalendar memocalendar


5. 8K-Dictionary


6. BusanBus


7. Flashlight+


8. Quick Note


9. Currency Converter


10. Joycode


11. EzDica


12. Instagram Profile Downloader


13. Ez Notes


14. com.candlencom.flashlite


15. com.doubleline.calcul


16. com.dev.imagevault Flashlight+


जब इन ऐप्स को लॉन्च किया गया, तो McAfee ने पाया कि ये ऑटोमैटिक कोड डाउनलोड करते हैं, उपयोगकर्ता को सूचित किए बिना वेब साइटों तक पहुंचने के लिए सूचनाएं प्राप्त करते हैं, और लिंक और विज्ञापनों पर क्लिक करते हैं. यह विज्ञापन धोखाधड़ी का एक उदाहरण हैं. क्योंकि यह एक वास्तविक उपयोगकर्ता के रूप में इन विज्ञापनों पर कृत्रिम रूप से आगे बढ़ते हैं.


कैलिफ़ोर्निया स्थित सिक्योरिटी कंपनी ने पाया कि अनइंस्टॉल किए गए ऐप्स में "com.liveposting" और "com.click.cas" जैसी लाइब्रेरी थीं, जो उपयोगकर्ताओं को उपयोगकर्ता की जानकारी के बिना लिंक और विज्ञापनों पर क्लिक करने की अनुमति देती थीं, जिसके कारण अंततः बैटरी की खपत और नेटवर्क की खपत में वृद्धि हुई.


आपको बता दें कि विज्ञापन धोखाधड़ी तब होती है जब कोई बॉट रियल वेब ट्रैफ़िक की नकल करने और वेबसाइट के लिए अधिक पेज दिखाने का प्रयास करता है. बाहरी व्यक्ति के लिए, यह रियल ट्रैफ़िक के रूप में सामने आ सकता है. स्पष्ट रूप से बॉट का उपयोग अधिक ट्रैफ़िक लाने के लिए किया जाता है, विज्ञापनदाता के बजट से समझौता करता है क्योंकि विज्ञापन बॉट्स को दिए जाते हैं न कि वास्तविक लक्षित उपयोगकर्ता को.


McAfee की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन्फेक्टेड डिवाइसेज को Google के स्वामित्व वाले फायरबेस क्लाउड मैसेजिंग (FCM) प्लेटफॉर्म के माध्यम से संदेश प्राप्त हुए, जिसने उन्हें बैकग्राउंड में खास वेब पेज खोलने का निर्देश दिया. फिर बॉट प्राप्त क्लिक विज्ञापनों की संख्या को कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए लिंक का चयन करेगा.


Google के एक प्रवक्ता ने कहा कि McAfee द्वारा रिपोर्ट किए गए सभी ऐप्स को हटा दिया गया है. उपयोगकर्ता Google Play प्रोटेक्ट द्वारा भी सुरक्षित हैं, जो Android डिवाइसेज पर इन ऐप्स को ब्लॉक कर देता है.

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