OTP की ठगी से बचाने के लिए विजय गुप्ता ने गांव में खोला कंप्यूटर सेंटर
गोरखपुर के भटहट गांव में विजय गुप्ता ने CM YUVA Yojana के तहत लोन और प्रशिक्षण लेकर कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर शुरू किया. यहां छात्र ऑनलाइन फॉर्म भरना, रेलवे टिकट बुक करना और OTP फ्रॉड से बचाव सीख रहे हैं. यह कहानी गांव में डिजिटल आत्मनिर्भरता की मिसाल है.
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के भटहट गांव में विजय गुप्ता ने एक छोटा सा कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर शुरू किया है. उनका मकसद साफ है. गांव के छात्र और नए इंटरनेट उपयोगकर्ता अपने रोजमर्रा के डिजिटल काम खुद कर सकें. कॉलेज और सरकारी फॉर्म भरना हो या रेलवे टिकट बुक करना हो, किसी दूसरे पर निर्भर न रहना पड़े.
विजय मानते हैं कि आज सबसे बड़ा खतरा ओटीपी (One Time Password - OTP) से जुड़ा धोखा है. कई बार छात्र साइबर कैफे में फॉर्म भरवाते समय फोन पर आया ओटीपी किसी अनजान को बता देते हैं. इससे बैंक और निजी जानकारी खतरे में पड़ जाती है. इसी डर को कम करने के लिए उन्होंने सुरक्षित डिजिटल व्यवहार सिखाने को अपनी पढ़ाई का केंद्र बनाया.
शौक से शुरू हुई सीख की यात्रा
विजय गुप्ता को बचपन से इलेक्ट्रॉनिक्स में दिलचस्पी थी. मोटर और बल्ब से छोटे प्रयोग करना उन्हें अच्छा लगता था. साल 2012 में उन्होंने कंप्यूटर की विधिवत ट्रेनिंग ली. 2014 में स्नातक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने स्थानीय संस्थानों में पढ़ाना शुरू किया.
कक्षा में पढ़ाते हुए उन्हें महसूस हुआ कि बहुत से छात्र कंप्यूटर जानते हुए भी छोटे कामों में अटक जाते हैं. फॉर्म भरना, पासवर्ड बनाना या ईमेल संभालना जैसे काम भी मुश्किल लगते हैं. तभी उन्होंने तय किया कि वह अपना सेंटर खोलेंगे. फीस भी कम रखेंगे और पढ़ाई को पूरी तरह व्यवहारिक बनाएंगे.
पढ़ाई और हुनर का मिला अनुभव
विजय की पढ़ाई में दसवीं और बारहवीं के साथ 2014 में पूरी हुई ग्रेजुएशन शामिल है. उन्होंने आईटीआई इलेक्ट्रिशियन किया. कंप्यूटर में ओ लेवल और एडीसीए भी किया. इसके अलावा एनआईओएस से डीएलएड किया. यही मिश्रित अनुभव आज उनकी पढ़ाने की शैली में दिखता है.
वह आठवीं से बारहवीं तक के छात्रों को पढ़ाते हैं. हाल ही में पढ़ाई पूरी कर चुके युवाओं को भी ट्रेनिंग देते हैं. उनका जोर किताब से ज्यादा काम पर रहता है.
विजय कहते हैं कि इंटरनेट का डर तभी खत्म होता है जब इंसान खुद काम करता है. इसलिए वह छात्रों को शुरुआत से सिखाते हैं. अकाउंट बनाना, पासवर्ड संभालना, फॉर्म खुद भरना और अंत तक प्रक्रिया पूरी करना.
रेलवे टिकट बुकिंग का अभ्यास भी कराया जाता है. साथ ही यह भी समझाया जाता है कि ओटीपी किसी को बताना क्यों खतरनाक है. साधारण भाषा में साइबर सुरक्षा और प्राइवेसी के नियम बताए जाते हैं.
सरकारी योजना से मिला सहारा
इस सेंटर को शुरू करने में यूपी सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना (CM YUVA Yojana) ने बड़ी भूमिका निभाई. विजय ने गोरखपुर के MSME कार्यालय के जरिए आवेदन किया. उन्होंने नब्बे घंटे का उद्यमिता प्रशिक्षण पूरा किया. सर्टिफिकेट मिला और फिर लोन स्वीकृत हुआ.
इस लोन को उन्होंने अपनी बचत के साथ मिलाया. जगह किराए पर ली. कंप्यूटर सिस्टम खरीदे. बिजनेस की बुनियादी बातें सीखने से उन्हें खर्च और योजना बनाने में मदद मिली. इसके बाद उन्होंने सेंटर शुरू किया.
गांव के हिसाब से पढ़ाई
फीस जानबूझकर कम रखी गई है. ताकि गांव के छात्र आसानी से आ सकें. स्कूल के बाद कक्षाएं चलती हैं. आठवीं से बारहवीं तक के छात्रों का समय ध्यान में रखा गया है. सप्ताहांत में स्नातकों के लिए अलग बैच चलते हैं. यहां उन्हें सर्टिफिकेट और प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म में भी मदद मिलती है.
सेंटर अभी नया है. धीरे धीरे पहचान बन रही है. मुंह जुबानी प्रचार से छात्र जुड़ रहे हैं.
आत्मविश्वास ही असली नतीजा
विजय गुप्ता कहते हैं कि उनका सपना बहुत बड़ा नहीं है. वह बस इतना चाहते हैं कि भटहट का कोई भी छात्र फॉर्म भरते समय या टिकट बुक करते समय फोन किसी अनजान को न दे. खुद भरोसे से काम करे.
गांव धीरे धीरे ऑनलाइन हो रहा है. ऐसे में यह आत्मविश्वास बहुत मायने रखता है. विजय की यह पहल दिखाती है कि सही सोच और सरकारी सहयोग से गांव में भी डिजिटल बदलाव लाया जा सकता है.
क्या है CM YUVA योजना?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है.
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग की कार्यकारी संस्था उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (CM YUVA) योजना संचालित की जा रही है.
इस योजना के तहत युवाओं को अपना उद्योग या सेवा आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का 100% ब्याज मुक्त और बिना गारंटी का ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही परियोजना लागत पर 10% मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाता है.
CM YUVA योजना युवाओं को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं देती, बल्कि उन्हें उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, मेंटरशिप, बाजार तक पहुंच और संसाधन भी उपलब्ध कराती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें.
CM YUVA योजना की अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.
Edited by Ravi Pareek



