कैसे GST और ई-कॉमर्स ने 2025 को बनाया अब तक का सबसे ‘हॉट’ फेस्टिव सीजन
त्योहारों के सीजन में भारत की खरीददारी का तरीका तेजी से बदल रहा है. GST में रियायत, ई-कॉमर्स बूम और डिजिटल ऑफर्स ने 2025 के फेस्टिव सीजन को अब तक का सबसे बड़ा बना दिया है, जहां छोटे शहरों से भी रिकॉर्ड तोड़ बिक्री हो रही है.
भारत में त्योहारों का मौसम—जैसे दशहरा, नवरात्रि, और दीपावली—सालों से खरीदारी का एक बड़ा मौका रहा है. इस दौरान लोग खूब खर्च करते हैं. आमतौर पर इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, होम अप्लायंस (जैसे फ्रिज, वाशिंग मशीन) और गाड़ियां जैसी टिकाऊ चीजों की मांग बहुत बढ़ जाती है, लेकिन अब जिस तरह से भारतीय इन चीजों को खरीद रहे हैं, उसमें तेजी से बदलाव आ रहा है. ऐसा सरकारी नीतियों, डिजिटलाइजेशन (यानी इंटरनेट और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ने) और लोगों की बदलती सोच और इच्छाओं के कारण हो रहा है.
त्योहारों के सीजन में लोग किस तरह और कितनी खरीदारी करेंगे, इसे तय करने में सरकार के GST (वस्तु एवं सेवा कर) में बदलाव का बहुत बड़ा योगदान रहा है. सरकार ने टैक्स को व्यवस्थित करते हुए कई घरेलू उपकरणों पर दरें 28% से घटाकर 18% कर दी हैं, जिससे ये सामान सस्ते हो गए हैं और लोगों की खरीदने की क्षमता बढ़ गई है. कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (CEAMA) के अनुसार, साल भर में बिकने वाले कुल टिकाऊ सामानों में से लगभग 35 से 40% बिक्री इन्हीं त्योहारों के दौरान होती है. टैक्स कम होने और साथ में मिलने वाले डिस्काउंट ने इलेक्ट्रॉनिक्स, AC, फ्रिज और वाशिंग मशीन जैसे सामानों की मांग को बहुत बढ़ा दिया है. आज के ग्राहक सिर्फ शुरुआती कीमत ही नहीं देखते, बल्कि यह भी देखते हैं कि कोई उपकरण बिजली कितनी बचाएगा और लंबे समय में उसकी कुल लागत कितनी होगी, इसलिए GST के कारण हुआ सस्तापन ही बिक्री बढ़ने का सबसे बड़ा कारण बन गया है.
भारत के त्योहारों के मौसम में ऑनलाइन खरीदारी अब एक बहुत बड़ा और तेजी से बढ़ता हुआ तरीका बन गया है. रेडसियर कंसल्टिंग की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में त्योहारों के समय ई-कॉमर्स (ऑनलाइन बिक्री) का आंकड़ा 90,000 करोड़ रुपये ($10.8 बिलियन) तक पहुंच गया, जो पिछले साल से 25% ज्यादा है. शहरों में रहने वाले लोग अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कीमतों की तुलना करके, दूसरे ग्राहकों की राय (रिव्यू) पढ़ने और आसान EMI (किस्तों) व कैशबैक ऑफर लेने के लिए कर रहे हैं. सुविधा और ज़्यादा सामान उपलब्ध होने के कारण अब स्मार्ट टीवी, वॉशिंग मशीन, कूलर और फ्रिज जैसे महंगे घरेलू उपकरण भी लोग ऑनलाइन खरीदने लगे हैं. सबसे खास बात यह है कि कुल ऑनलाइन बिक्री का 60% से ज़्यादा हिस्सा छोटे शहरों (टियर 2 और टियर 3) से आया है. यह दिखाता है कि इंटरनेट की पहुंच और डिलीवरी की सुविधा बढ़ने से दूर-दराज के लोगों के लिए भी हर तरह का सामान खरीदना कितना आसान हो गया है.
आजकल, लोगों के खरीददारी के फैसलों को सोशल मीडिया और इनफ्लुएंसर बहुत ज्यादा प्रभावित कर रहे हैं. डेलॉइट (Deloitte) के 2024 के एक सर्वे से पता चला है कि 68% भारतीय ग्राहक कोई महंगा सामान खरीदने से पहले ऑनलाइन रिव्यू और इनफ्लुएंसर की राय जरूर देखते हैं. ये इनफ्लुएंसर अब ब्रांड्स के लिए भरोसेमंद प्रचारक (Advocates) का काम करते हैं, जो किसी भी प्रॉडक्ट के फीचर्स और उसे असल जीवन में इस्तेमाल करने के अनुभव को ग्राहकों को बताते हैं. त्योहारों के मौसम में, बड़ी सेल शुरू होने से हफ्तों पहले ही ये इनफ्लुएंसर कैंपेन शुरू हो जाते हैं. ये कैंपेन, खासकर युवा ग्राहकों के बीच, किसी ब्रांड पर भरोसा बनाने और उन्हें खरीदने के लिए आत्मविश्वास देने में एक अहम कड़ी का काम करते हैं.

सांकेतिक चित्र
आज के ग्राहक अब ज़्यादा समझदारी से और जल्दी खरीदारी कर रहे हैं. फ्लिपकार्ट (Flipkart) और अमेज़न (Amazon) की 2024 की दिवाली रिपोर्ट बताती है कि लगभग 45% ग्राहकों ने अपनी त्योहारों की खरीददारी दशहरा से पहले ही पूरी कर ली, जबकि तीन साल पहले ऐसा करने वाले केवल 28% ग्राहक थे. इस बदलाव का मुख्य कारण यह है कि कंपनियां ग्राहकों को जल्दी खरीदने पर ज्यादा डिस्काउंट दे रही हैं, साथ ही प्री-बुकिंग के ऑफर दे रही हैं और समय पर सामान डिलीवर करने का भरोसा दिला रही हैं. इस कारण, अब ऑनलाइन और बाजार के दुकानदार, दोनों ही, त्योहारों से पहले ही खास ऑफर (Pre-festive deals) और VIP प्रीव्यू देना शुरू कर देते हैं. इससे एक ही समय पर खरीदारी का दबाव कम हो जाता है और उन्हें सामान पहुंचाने (Supply Chain) में भी आसानी होती है.
जहां दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहर हमेशा की तरह खरीददारी के बड़े केंद्र बने हुए हैं, वहीं अब छोटे शहर ही बिक्री में अगली बड़ी छलांग लगाने वाले हैं. इन छोटे शहरों में लोगों की कमाई बढ़ने और इच्छाएं बड़ी होने के कारण अब ये टिकाऊ सामान (जैसे AC, फ्रिज, TV) के लिए मुख्य बाजार बन गए हैं. GfK इंडिया के अनुसार, फाइनेंशियल ईयर 2024 में टिकाऊ सामान की बिक्री में हुई कुल बढ़ोतरी का 58% हिस्सा छोटे और मिड लेवल के शहरों (टियर 2 और टियर 3) से आया, जिसमें एयर कंडीशनर (AC), फ्रिज और पर्सनल इलेक्ट्रॉनिक्स की ज़बरदस्त बिक्री हुई. इन क्षेत्रों के ग्राहक अब केवल सस्ता सामान नहीं देख रहे, बल्कि मजबूत और स्मार्ट फीचर्स को प्राथमिकता देते हुए ज़्यादा से ज़्यादा मीडियम से लेकर महंगे मॉडल तक खरीद रहे हैं.
आज के ग्राहक त्योहारों पर सिर्फ भारी छूट (डिस्काउंट) ही नहीं खोजते, बल्कि वे पूरा पैकेज देखते हैं, जिसमें रिवार्ड (Rewards), कैशबैक और लॉयल्टी पॉइंट्स भी शामिल हों. यूगव (YouGov) की एक स्टडी में पाया गया कि 72% भारतीय ग्राहक उन ब्रांडों से सामान खरीदना ज्यादा पसंद करते हैं जो कैशबैक या कई चीज़ों को एक साथ मिलाकर अच्छे डील (Bundled Deals) देते हैं. यह बदलाव दिखाता है कि ग्राहकों की सोच अब समझदार हो गई है, जहां वे सिर्फ कीमत के टैग को नहीं, बल्कि मिलने वाले कुल फायदे को देखते हैं. इसी बात को ध्यान में रखते हुए, कंपनियां भी अब लॉयल्टी प्रोग्राम, पुराना सामान वापस लेने की सुविधा (Buyback Options) और कुछ ही समय के लिए लागू रहने वाले खास ऑफर पेश कर रही हैं. इन कदमों का टारगेट सिर्फ त्योहारों के दौरान ही नहीं, बल्कि पूरे साल ग्राहकों को अपने साथ जोड़े रखना है.
त्योहारों के टाइम होने वाली यह जबरदस्त बिक्री कंपनियों और दुकानदारों की तैयारी और काम करने की रफ़्तार की भी परीक्षा लेती है. इतनी अच्छी बिक्री के बावजूद, चीजों की कमी (जैसे किसी पुर्ज़े की कमी) और माल पहुंचने में देरी जैसी समस्याओं के कारण समय पर डिलीवरी करना अक्सर एक बड़ी चुनौती बन जाता है. इस दौरान, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल के फील्ड में, सामान पहुंचाने (लॉजिस्टिक्स) का काम 15-20% तक ज्यादा हो जाता है. इसलिए, जो कंपनियां पहले से ही सामान का सही अनुमान लगाने वाले सिस्टम, स्मार्ट गोदाम (Warehousing), और तेजी से सामान डिलीवर करने के तरीके अपनाती हैं, वे ही बढ़ती हुई डिमांड को सफलतापूर्वक ग्राहकों तक पहुंचाने में ज़्यादा कामयाब होती हैं.
इंडियन ड्यूरेबल कंज्यूमर मार्केट में अब महंगे और बेहतरीन सामान खरीदने की एक साफ लहर चल रही है. स्टेटिस्टा (Statista) के अनुसार, 2024 से 2028 के बीच भारत में महंगे घरेलू उपकरणों (Premium Home Appliances) का बाजार 11.2% की सालाना दर से बढ़ने की उम्मीद है, जो कि नॉर्मल मार्केट से ज़्यादा है. अब ग्राहक ऐसे प्रॉडक्ट ज़्यादा चुन रहे हैं जिनमें ख़ूब सारे फीचर्स हों, जो बिजली बचाते हों और देखने में सुंदर (Aesthetically Designed) भी हों. साधारण एयर कूलर की जगह इन्वर्टर टेक्नोलॉजी वाले AC और AI-पावर्ड वॉशिंग मशीन जैसे प्रीमियम किचन डिवाइस तक, यह बदलाव साफ दिखाता है कि लोग अब सिर्फ जरूरत पूरी करने के लिए खरीदारी नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपनी लाइफस्टाइल को बेहतर बनाने की इच्छा से प्रेरित होकर सामान खरीद रहे हैं.
2025 का यह फेस्टिव सीजन दिखाता है कि भारतीय ग्राहक अब पहले से ज़्यादा जानकार, फायदा देखकर खरीदारी करने वाले और डिजिटल माध्यमों से जुड़े हुए बन गए हैं. GST में सुधार जैसे सरकारी बदलावों, ई-कॉमर्स की तेजी, इनफ्लुएंसर्स द्वारा मार्केटिंग, और अच्छी लाइफस्टाइल की चाहत (Aspirational Consumption) ने टिकाऊ सामानों की खरीद-बिक्री के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है. इसलिए, कंपनियों और दुकानदारों के लिए सफलता इसी बात में है कि वे इन बदलावों को पहले ही पहचानें—अपने सामान की सप्लाई को बेहतर बनाएं, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की खरीददारी (Omnichannel) पर निवेश करें और ग्राहकों के साथ व्यक्तिगत जुड़ाव बनाएं. इस लगातार बढ़ते कंप्टीशन वाले त्योहारी माहौल में, जो कंपनियां तेजी से बदलाव करेंगी और ग्राहकों को सही मायनों में फायदा पहुंचाएंगी, वही भारत के इस सबसे उत्साहपूर्ण खरीदारी के मौसम की असली विजेता बनकर उभरेंगी.
(लेखक 'Raj Cooling Systems' के फाउंडर और चेयरमैन हैं. आलेख में व्यक्त विचार लेखक के हैं. YourStory का उनसे सहमत होना अनिवार्य नहीं है.)
Edited by Ravi Pareek



