डेटा को समझने की मुश्किल से AI तक का सफर — स्टार्टअप SCIKIQ की कहानी
गौरव शिन्ह और रोहित कुमार ने जून 2023 में SCIKIQ की शुरुआत की. गुरुग्राम स्थित यह एंटरप्राइज AI स्टार्टअप कंपनियों के बिखरे डेटा को AI के लिए तैयार बनाकर बिजनेस टीमों को तेज और बेहतर फैसले लेने में मदद कर रहा है. जानिए इसकी पूरी कहानी...
आज लगभग हर बड़ी कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनी बिजनेस स्ट्रेटजी का हिस्सा बना रही है. वैश्विक स्तर पर AI पर निवेश तेजी से बढ़ रहा है. McKinsey की 2025 में प्रकाशित ‘The State of AI’ रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की 78 प्रतिशत कंपनियां अब किसी न किसी रूप में AI का इस्तेमाल कर रही हैं. वहीं Gartner का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में अधिकांश एंटरप्राइज एप्लिकेशन AI-सक्षम होंगे.
लेकिन AI अपनाने की इस दौड़ के बीच सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है—क्या कंपनियों का डेटा वास्तव में AI के लिए तैयार है?
असल चुनौती AI मॉडल नहीं, बल्कि डेटा है. अधिकांश कंपनियों में डेटा अलग-अलग सिस्टम में बिखरा रहता है, रिपोर्ट तैयार करने में समय लगता है और बिजनेस टीमों को हर छोटी जानकारी के लिए टेक टीम पर निर्भर रहना पड़ता है.
इसी समस्या को करीब से देखने के बाद गुरुग्राम स्थित एंटरप्राइज AI स्टार्टअप की शुरुआत जून 2023 में हुई. इसकी स्थापना गौरव शिन्ह और रोहित कुमार ने की, जो इससे पहले Barclays Bank में सीनियर मैनेजमेंट भूमिकाओं में काम कर चुके हैं. उनका लक्ष्य ऐसा प्लेटफॉर्म बनाना है, जहां बिजनेस टीमें टेक्नीकल एक्सपर्ट्स पर निर्भर हुए बिना अपने डेटा से सवाल पूछ सकें और तेजी से फैसले ले सकें.
नौकरी के अनुभव से निकला स्टार्टअप आइडिया
गौरव शिन्ह (Gaurav Shinh) और रोहित कुमार (Rohit Kumar) ने कई वर्षों तक वैश्विक स्तर पर बड़े डेटा प्लेटफॉर्म और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स पर काम किया. इसी दौरान उन्होंने महसूस किया कि कंपनियों के पास डेटा तो बहुत है, लेकिन उसका उपयोग आसान नहीं है.
ज्यादातर डेटा प्लेटफॉर्म टेक्नीकल एक्सपर्ट्स और डेटा इंजीनियरों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं. जबकि वास्तविक जरूरत उन बिजनेस टीमों की होती है, जो रोजाना सेल्स, फाइनेंस, सप्लाई चेन, ऑपरेशंस और ग्राहक अनुभव से जुड़े फैसले लेती हैं.
YourStory से बात करते हुए SCIKIQ के फाउंडर और CEO गौरव शिन्ह बताते हैं, “हमने बड़े एंटरप्राइज सिस्टम के साथ काम करते हुए देखा कि डेटा तो मौजूद है, लेकिन उसका इस्तेमाल करना आसान नहीं है. बिजनेस टीमों को हर छोटे सवाल के लिए टेक्नीकल एक्सपर्ट्स पर निर्भर रहना पड़ता है. हमें लगा कि अगर डेटा उसी भाषा में उपलब्ध कराया जाए जिसे बिजनेस समझता है, तो फैसले कहीं अधिक तेज और बेहतर हो सकते हैं.”
इसी सोच ने गुरुग्राम स्थित SCIKIQ की नींव रखी.

AI की असली चुनौती एल्गोरिद्म नहीं, डेटा है
AI की चर्चा अक्सर लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLMs) या जनरेटिव AI तक सीमित रह जाती है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि किसी भी AI सिस्टम की सफलता उसकी डेटा क्वालिटी पर निर्भर करती है.
IBM की AI Adoption Challenges रिपोर्ट और Deloitte की State of Generative AI रिपोर्ट भी बताती हैं कि खराब डेटा क्वालिटी, डेटा गवर्नेंस और बिखरे हुए डेटा स्रोत AI अपनाने की सबसे बड़ी बाधाओं में शामिल हैं.
SCIKIQ के को-फाउंडर और COO रोहित कुमार कहते हैं, “AI तभी असरदार होगा जब उसके पीछे भरोसेमंद डेटा होगा. अगर डेटा अधूरा या बिखरा हुआ है तो सबसे आधुनिक AI मॉडल भी सही जवाब नहीं दे पाएगा. हमारा पूरा फोकस इसी आधार को मजबूत बनाने पर है.”
SCIKIQ खुद को AI Readiness Layer के रूप में पेश करता है. यानी ऐसा प्लेटफॉर्म जो कंपनियों के मौजूदा डेटा सिस्टम को व्यवस्थित करता है, डेटा को रिफरेंस देता है और फिर उसी आधार पर AI-संचालित विश्लेषण और निर्णय लेने में मदद करता है.
कंपनी का कहना है कि ग्राहकों को इसके लिए अपने पुराने सिस्टम बदलने की जरूरत नहीं पड़ती. प्लेटफॉर्म मौजूदा टेक इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ जुड़कर काम करता है, जिससे लागत और समय दोनों की बचत होती है.
15 लाख डॉलर की फंडिंग मिली
जहां कई स्टार्टअप शुरुआती दौर में फंडिंग जुटाने पर जोर देते हैं, वहीं SCIKIQ ने पहले अपने प्रोडक्ट को मजबूत बनाने और ग्राहकों की वास्तविक समस्याओं को समझने पर ध्यान दिया.
बाद में कंपनी ने Triton Fund II की अगुवाई में 15 लाख अमेरिकी डॉलर (1.5 मिलियन डॉलर) की प्री-सीड फंडिंग हासिल की. इस फंडिंग का उपयोग वैश्विक विस्तार और AI क्षमताओं को मजबूत करने में किया जा रहा है.
आज कंपनी के पास लगभग 15 एंटरप्राइज ग्राहक हैं. टीम में करीब 20 सदस्य हैं और कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 में इसका सालाना रेवेन्यू 15 से 20 लाख अमेरिकी डॉलर के बीच पहुंच सकता है.
गौरव शिन्ह कहते हैं, “हमारे लिए निवेश केवल पूंजी नहीं था. यह इस बात की पुष्टि भी थी कि जिस समस्या को हम हल करना चाहते हैं, वह वैश्विक स्तर पर मौजूद है. हमने पहले ग्राहकों के साथ काम करके वास्तविक समाधान तैयार किया. उसके बाद निवेशकों का भरोसा मिला.”
कंपनी के अनुसार उसके ग्राहक बैंकिंग, रिटेल, हेल्थकेयर, एयरलाइंस, मैन्युफैक्चरिंग और ई-कॉमर्स सहित कई क्षेत्रों से जुड़े हैं.

SCIKIQ की टीम
YourStory की Tech30 लिस्ट में मिली जगह
एंटरप्राइज डेटा और AI के सेक्टर में पहले से कई वैश्विक कंपनियां मौजूद हैं. ऐसे में SCIKIQ के लिए सबसे बड़ी चुनौती ग्राहकों को यह समझाना था कि यह केवल एक और डेटा टूल नहीं है.
फाउंडर्स के मुताबिक उन्होंने बड़े बदलाव की बजाय छोटे Use Cases (उपयोग मामलों) से शुरुआत की. पहले किसी एक डिपार्टमेंट की समस्या हल की गई और परिणाम मिलने के बाद धीरे-धीरे दूसरे विभागों तक विस्तार किया गया.
रोहित कुमार कहते हैं, “बड़ी कंपनियां बदलाव चाहती जरूर हैं, लेकिन एक साथ पूरा सिस्टम बदलना उनके लिए आसान नहीं होता. इसलिए हमने अपने प्लेटफॉर्म को मॉड्यूलर बनाया. ग्राहक छोटे Use Cases से शुरुआत कर सकते हैं और परिणाम मिलने के बाद धीरे-धीरे पूरी ऑर्गेनाइजेशन में इसका विस्तार कर सकते हैं.”
कंपनी का दावा है कि उसे Forrester की AI प्लेटफॉर्म लिस्ट, NASSCOM के DeepTech प्रोग्राम, YourStory की Tech30 लिस्ट और Dubai Future Foundation जैसे मंचों पर पहचान मिली है.
आगे की राह
SCIKIQ आने वाले वर्षों में भारत के साथ अमेरिका, ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहता है.
कंपनी का लक्ष्य केवल डेटा मैनेजमेंट तक सीमित नहीं है. वह ऐसे AI प्लेटफॉर्म विकसित करना चाहती है, जहां बिजनेस यूजर नैचुरल लैंग्वेज में सवाल पूछ सकें और डेटा के आधार पर तुरंत उत्तर प्राप्त कर सकें.
नए ऑन्त्रप्रेन्योर्स के लिए सलाह देते हुए, गौरव शिन्ह कहते हैं, “AI को केवल ट्रेंड समझकर स्टार्टअप शुरू नहीं करना चाहिए. पहले वास्तविक समस्या को पहचानिए. ऐसा समाधान बनाइए जो सिर्फ डेमो में नहीं, बल्कि वास्तविक कारोबारी माहौल में भी काम करे. भारत के पास ग्लोबल एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी कंपनियां बनाने की पूरी क्षमता है.”
AI का भविष्य बेहतर डेटा पर टिका है
SCIKIQ की कहानी केवल एक नए स्टार्टअप की कहानी नहीं है. यह उस बड़े बदलाव की भी कहानी है, जिसमें AI की सफलता केवल बेहतर एल्गोरिद्म या लार्ज लैंग्वेज मॉडल पर नहीं, बल्कि भरोसेमंद, सुव्यवस्थित और उपयोगी डेटा पर निर्भर करेगी.
जैसे-जैसे कंपनियां AI को अपने रोजमर्रा के कारोबार का हिस्सा बनाएंगी, वैसे-वैसे ऐसे प्लेटफॉर्म की भूमिका भी बढ़ेगी जो डेटा को सरल, विश्वसनीय और बिजनेस-फ्रेंडली बना सकें. SCIKIQ इसी उभरते हुए अवसर में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहा है.



