हेल्थकेयर स्टार्टअप Sukino को मिली 31 मिलियन डॉलर की सीरीज B फंडिंग
Sukino ने सीरीज B राउंड में 31 मिलियन डॉलर जुटाए हैं. Bessemer और Rainmatter के निवेश से कंपनी भारत में आउट ऑफ हॉस्पिटल केयर का विस्तार करेगी. जानिए कैसे Sukino स्ट्रोक और गंभीर मरीजों की अस्पताल के बाद की रिकवरी को बेहतर बना रही है.
हेल्थकेयर चेन Sukino ने अपने सीरीज B फंडिंग राउंड में 31 मिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल की है. इस राउंड का नेतृत्व Bessemer Venture Partners ने किया, जबकि Rainmatter ने भी इसमें हिस्सेदारी ली. कंपनी इस फंडिंग का इस्तेमाल देश के अलग-अलग शहरों में विस्तार के लिए करेगी.
इस डील में Veda Corporate Advisors ने Sukino के एक्सक्लूसिव फाइनेंशियल एडवाइजर की भूमिका निभाई.
भारत में हर साल दुनिया के करीब दस प्रतिशत स्ट्रोक के मामले सामने आते हैं. यह संख्या लगातार बढ़ रही है. मोटापा, कम शारीरिक गतिविधि, हाई ब्लड प्रेशर, तनाव और वायु प्रदूषण इसके बड़े कारण हैं. स्ट्रोक के बाद एक मरीज को आमतौर पर छह से आठ हफ्तों तक बहुआयामी रिहैबिलिटेशन की जरूरत होती है. इसमें शारीरिक, स्पीच, ऑक्यूपेशनल और मानसिक थेरेपी शामिल होती है.
यहीं Sukino की भूमिका अहम हो जाती है. यह अस्पताल से छुट्टी के बाद और पूरी तरह ठीक होने के बीच की खाई को पाटता है. Sukino मरीजों को संरचित, किफायती और भरोसेमंद रिकवरी सपोर्ट देता है, ताकि वे दोबारा आत्मनिर्भर जीवन जी सकें.
कंपनी को दो बड़े बदलावों का फायदा मिल रहा है. पहला, बीमा कवरेज का दायरा अब अस्पताल तक सीमित नहीं रहा. कई हेल्थ इंश्योरेंस प्लान साठ से नब्बे दिन की रिहैब केयर को भी कवर करने लगे हैं. इससे मरीजों पर खर्च का बोझ कम हो रहा है और बेहतर देखभाल तक पहुंच बढ़ रही है. दूसरा, परिवारों की सोच बदल रही है. पहले घर से बाहर रिकवरी के लिए भेजना सामाजिक रूप से सहज नहीं था. अब लोग समझने लगे हैं कि विशेष केंद्रों में इलाज के नतीजे बेहतर होते हैं.
Sukino की शुरुआत 2016 में रजनीश मेनन और शालिनी मेनन ने की थी. आज कंपनी बेंगलुरु, कोच्चि और कोयंबटूर में ग्यारह केंद्रों के जरिए 850 से ज्यादा बेड संचालित करती है. कंपनी ग्रुप स्तर पर मुनाफे में है. इसके केंद्र बड़े अस्पतालों और रिहायशी इलाकों के बीच रणनीतिक रूप से स्थित हैं.
हालांकि Sukino का मुख्य फोकस स्ट्रोक मरीजों पर है, लेकिन यहां न्यूरोलॉजिकल, ऑर्थोपेडिक और ऑन्कोलॉजी से जुड़े मरीजों को भी रिहैब सेवाएं दी जाती हैं. बीते एक साल में कंपनी ने 64 प्रतिशत सालाना वृद्धि दर्ज की है और पांच नए केंद्र जोड़े हैं. अगले दो सालों में 22 नए केंद्र खोलने की योजना है.
इस मौके पर Sukino के फाउंडर रजनीश मेनन ने कहा, “यह फंडिंग हमें उस सोच के और करीब ले जाती है, जहां गंभीर बीमारी के बाद की देखभाल भी अस्पताल के इलाज जितनी ही सुलभ और स्वीकार्य हो. हमारा सपना है कि मरीजों और उनके परिवारों को ऐसा भरोसेमंद सहारा मिले, जो सिर्फ सेहत ही नहीं, बल्कि गरिमा और आजादी भी लौटाए.”
Bessemer Venture Partners के पार्टनर विशाल गुप्ता ने कहा कि Sukino की सबसे बड़ी ताकत उसका प्रोटोकॉल आधारित और संवेदनशील देखभाल मॉडल है. उनके अनुसार, सिंगल स्पेशियलिटी हेल्थकेयर में उच्च गुणवत्ता से बेहतर नतीजे मिलते हैं और यही भरोसा Sukino में निवेश का आधार बना.
Rainmatter के CEO नितिन कामथ ने कहा कि भारत में सर्जरी के बाद मरीजों को निरंतर देखभाल की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, लेकिन यही हिस्सा सबसे ज्यादा अनदेखा रहता है. Sukino इस अहम समस्या का समाधान कर रहा है और 2016 से अलग अलग शहरों में लगातार प्रभावशाली काम कर रहा है.



