आजमगढ़ के हिमांशु ने गांव में खोला पहला प्ले स्कूल, CM YUVA योजना का मिला साथ
आजमगढ़ के चागोरिया गांव में हिमांशु श्रीवास्तव ने यूपी सरकार की CM YUVA Yojana के तहत मिली आर्थिक मदद से हर्ष प्ले स्कूल शुरू किया. नौकरी की तलाश से निकलकर उन्होंने बच्चों के लिए शुरुआती शिक्षा की सुविधा बनाई और गांव में एक स्थिर आजीविका खड़ी की.
आजमगढ़ जिले के चागोरिया गांव में अब छोटे बच्चों की हंसी और पढ़ाई की आवाज सुनाई देती है. यहां स्थानीय निवासी हिमांशु श्रीवास्तव ने छह महीने पहले हर्ष प्ले स्कूल की शुरुआत की. यह प्ले स्कूल गांव और आसपास के इलाकों के बच्चों के लिए शुरुआती शिक्षा का एक नया विकल्प बना है.
हिमांशु ने यह कदम किसी बड़े सपने या योजना के साथ नहीं उठाया था. उन्होंने अपने आसपास एक खाली जगह देखी. गांव में छोटे बच्चों के लिए कोई प्ले स्कूल नहीं था. ज्यादातर परिवार या तो बच्चों को घर पर ही रखते थे या फिर उम्र बढ़ने पर दूर भेजते थे. हिमांशु को लगा कि अगर बच्चों को शुरू से ही पढ़ने बैठना, बात करना और दूसरों के साथ रहना सिखाया जाए तो आगे चलकर उन्हें काफी फायदा होता है.
आज हर्ष प्ले स्कूल में करीब पच्चीस बच्चे पढ़ते हैं. स्कूल एक साधारण जगह से चलता है. यहां चार लोग रोजाना बच्चों की देखभाल और पढ़ाई में लगे रहते हैं. कक्षा की गतिविधियां, खेलकूद और खाने के समय की निगरानी सब मिलकर संभाली जाती है. यह काम किसी बड़े नेटवर्क से नहीं, बल्कि आसपास के परिवारों की जरूरतों से जुड़ा है.
प्ले स्कूल शुरू करने से पहले हिमांशु की स्थिति बिल्कुल अलग थी. वह कई महीनों तक नौकरी की तलाश में भटके. एक जगह से दूसरी जगह गए. लेकिन काम नहीं मिला. इस दौरान उन्होंने खबरों और लोगों से बातचीत में यूपी सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना (CM YUVA Yojana) के बारे में सुना.
धीरे धीरे उनके मन में यह बात बैठने लगी कि सिर्फ नौकरी का इंतजार करने से बेहतर है कुछ अपना किया जाए. उन्होंने सीएम युवा योजना के तहत लोन के लिए आवेदन किया. प्रक्रिया ज्यादा लंबी नहीं रही. मंजूरी मिलने के बाद स्कूल के लिए जरूरी बुनियादी व्यवस्था की जा सकी.
हिमांशु मानते हैं कि इस योजना ने उन्हें शुरुआत का सहारा दिया. लेकिन स्कूल चलाना, बच्चों को जोड़ना और माता पिता का भरोसा बनाना पूरी तरह उनकी जिम्मेदारी रही.
गांव में प्ले स्कूल की जरूरत को वह बहुत साफ तरीके से देखते हैं. उनका कहना है कि स्कूल ऐसी जगह है जहां समाज धीरे धीरे बदलता है. बच्चे बचपन से ही साथ बैठना, सुनना और एक दूसरे से बात करना सीखते हैं. यह आदतें बाद में सिखाना आसान नहीं होता.
स्कूल का रोज का काम सरल है. बच्चों को छोटे छोटे काम सिखाए जाते हैं. खेल के जरिए उन्हें जोड़ने की कोशिश होती है. खाने का समय भी स्टाफ की मदद से संभाला जाता है. खिलौने और खेल सामग्री बच्चों को व्यस्त रखने में मदद करती है. समय के साथ स्कूल में छोटे सुधार भी जोड़े गए हैं. आगे निगरानी और कक्षा व्यवस्था को और बेहतर करने की योजना है.
हिमांशु भविष्य को लेकर बहुत जल्दी में नहीं हैं. वह चाहते हैं कि बच्चों की संख्या और मांग के हिसाब से ही आगे बढ़ा जाए. फिलहाल उनका पूरा ध्यान स्कूल को ठीक से चलाने और माता पिता का भरोसा बनाए रखने पर है.
नौकरी की अनिश्चित तलाश से निकलकर एक स्थानीय प्ले स्कूल चलाने तक का यह सफर अचानक नहीं बदला. यह सीमित विकल्पों, सीएम युवा योजना से मिले छोटे से मौके और रोज की मेहनत से बना है. जिस इलाके में कभी शुरुआती शिक्षा की कोई सुविधा नहीं थी, वहां आज यह स्कूल बच्चों के लिए सीखने की जगह और हिमांशु के लिए एक स्थिर काम बन चुका है.
क्या है CM YUVA योजना?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है.
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग की कार्यकारी संस्था उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (CM YUVA) योजना संचालित की जा रही है.
इस योजना के तहत युवाओं को अपना उद्योग या सेवा आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का 100% ब्याज मुक्त और बिना गारंटी का ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही परियोजना लागत पर 10% मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाता है.
CM YUVA योजना युवाओं को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं देती, बल्कि उन्हें उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, मेंटरशिप, बाजार तक पहुंच और संसाधन भी उपलब्ध कराती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें.
CM YUVA योजना की अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.
Edited by Ravi Pareek



