कुशीनगर का वह स्टूडियो, जहां हर फोटो के पीछे एक कहानी है
कुशीनगर के सुनील कुमार ने पीढ़ियों से चले आ रहे फोटो स्टूडियो को यूपी सरकार की CM YUVA Yojana की मदद से आधुनिक बनाया. नई कैमरा तकनीक और प्रशिक्षण से उन्होंने शादी की फोटोग्राफी और डिजिटल सेवाओं का काम बढ़ाया और पारिवारिक व्यवसाय को स्थिरता दी.
कुशीनगर जिले के पड़ौना गांव के रहने वाले सुनील कुमार तीसरी पीढ़ी के उद्यमी हैं. वह एक फोटो स्टूडियो चलाते हैं, जो दशकों से आसपास के लोगों की जरूरतों का हिस्सा रहा है. यही स्टूडियो आज भी उनकी रोज की दिनचर्या का केंद्र है.
सुनील कुमार पिछले कई वर्षों से इस स्टूडियो को सक्रिय रूप से चला रहे हैं. यह काम उन्होंने अचानक नहीं चुना. वह इसी माहौल में बड़े हुए. अपने पिता को काम करते देखा. ग्राहकों से बात करना सीखा. धीरे धीरे जिम्मेदारी खुद संभालनी शुरू की.
यह स्टूडियो शुरू से ही पारिवारिक पेशा रहा है. यहां पासपोर्ट साइज फोटो, दस्तावेजों से जुड़ा काम और शादी समारोह की फोटोग्राफी की जाती है. समय के साथ स्टूडियो एक कॉमन सर्विस सेंटर भी बन गया. लोग यहां ऑनलाइन फॉर्म भरवाने और डिजिटल सेवाओं के लिए भी आते हैं.
इन सभी कामों की वजह से स्टूडियो मोहल्ले में एक भरोसेमंद जगह बन गया है. शादी के मौसम में और सरकारी कागजी काम के समय यहां खास तौर पर भीड़ रहती है.
सुनील बताते हैं कि उन्होंने शुरुआत में इस काम को करियर की तरह नहीं सोचा था. उनके पिता ने 1970 के दशक की शुरुआत में यह काम शुरू किया था. स्टूडियो का माहौल घर का हिस्सा बन गया था. पढ़ाई के दौरान सुनील ने कंप्यूटर कोर्स किया. इसके बाद उन्होंने डिजिटल काम में मदद करनी शुरू की. धीरे धीरे फोटोग्राफी और कंप्यूटर सेवाएं दोनों उनके जिम्मे आ गईं.
काफी समय तक स्टूडियो सीमित संसाधनों में चलता रहा. खर्च बढ़ते गए. ग्राहकों की उम्मीदें भी बदलने लगीं. सिर्फ अपनी कमाई से नई चीजों में निवेश करना मुश्किल हो गया. कई बार बड़े शादी के काम छोड़ने पड़े, क्योंकि जरूरी कैमरा और उपकरण नहीं थे.
करीब छह महीने पहले सुनील ने बाहर से मदद लेने का फैसला किया. उन्हें सोशल मीडिया के जरिए यूपी सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना (CM YUVA Yojana) के बारे में जानकारी मिली. ऑनलाइन सिस्टम की समझ होने की वजह से उन्होंने खुद ही आवेदन प्रक्रिया पूरी की.
इस योजना से मिली सहायता से उन्होंने जरूरी कैमरा और उससे जुड़ा सामान खरीदा. इससे काम करना आसान हो गया. वह अब बड़े असाइनमेंट लेने लगे. योजना से जुड़ा एक छोटा प्रशिक्षण कार्यक्रम भी उन्होंने किया. इससे उन्हें अपने काम को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने में मदद मिली.
सुनील कहते हैं कि इस लोन से रोज का काम सरल हो गया. उपकरण होने से रुकावटें कम हुईं. वह ग्राहकों की उम्मीदों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रहे हैं. महंगाई के दौर में यह सहयोग ऐसे समय पर मिला, जब अपनी आमदनी से दोबारा निवेश करना मुश्किल हो रहा था.
इन बदलावों के बावजूद स्टूडियो की आत्मा वही है. जगह वही है. ग्राहक वही हैं, जो परिवार को वर्षों से जानते हैं. सुनील आज भी अपने पिता से सीखी हुई बातों को अपनाते हैं. खासकर ग्राहकों से व्यवहार और काम में निरंतरता को लेकर.
आज स्टूडियो पहले से ज्यादा स्थिर है. यह इसलिए नहीं कि यह बहुत बड़ा हो गया है, बल्कि इसलिए कि अब मांग को संभालने में झिझक नहीं होती. बचपन के सालों में देखा गया काम, सीमित साधनों में सीखा गया धैर्य और धीरे धीरे बढ़ा अनुभव आज सुनील के काम की नींव है. यह कहानी तेजी से बढ़ने की नहीं, बल्कि पुराने पारिवारिक व्यवसाय को बदलते समय में प्रासंगिक बनाए रखने की है.
क्या है CM YUVA योजना?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है.
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग की कार्यकारी संस्था उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (CM YUVA) योजना संचालित की जा रही है.
इस योजना के तहत युवाओं को अपना उद्योग या सेवा आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का 100% ब्याज मुक्त और बिना गारंटी का ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही परियोजना लागत पर 10% मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाता है.
CM YUVA योजना युवाओं को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं देती, बल्कि उन्हें उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, मेंटरशिप, बाजार तक पहुंच और संसाधन भी उपलब्ध कराती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें.
CM YUVA योजना की अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.
Edited by Ravi Pareek



