कैसे ग्रामीण रोजगार और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रहा Ezeepay का बैंकिंग मित्र नेटवर्क? जानिए...
Ezeepay ने अपने बैंकिंग मित्र नेटवर्क के जरिए छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया है. कंपनी महिला रिटेल पार्टनर्स को जोड़कर रोजगार सृजन और वित्तीय समावेशन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है.
देश में डिजिटल वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों के बीच फिनटेक प्लेटफॉर्म ने अपने बैंकिंग मित्र नेटवर्क के विस्तार पर जोर दिया है. कंपनी का कहना है कि वह खासतौर पर छोटे शहरों (टियर-2, टियर-3) और ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं तक पहुंच से जुड़ी चुनौतियों को कम करने की दिशा में काम कर रही है.
Ezeepay का बैंकिंग मित्र मॉडल रिटेल पार्टनर नेटवर्क पर आधारित है, जिसके माध्यम से आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AEPS), घरेलू धन हस्तांतरण, बिल भुगतान, बीमा और अन्य डिजिटल वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं. कंपनी का दावा है कि इन सेवाओं से उन इलाकों में बैंकिंग सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ी है, जहां पारंपरिक बैंकिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर सीमित है.
कंपनी का विशेष फोकस महिला रिटेल पार्टनर्स को जोड़ने पर है. इसके तहत ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को डिजिटल वित्तीय सेवाओं से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है. इससे वे अपने समुदाय में वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ आय का स्रोत भी विकसित कर पा रही हैं.
Ezeepay के को-फाउंडर और सीईओ शम्स तबरेज़ ने कहा कि बैंकिंग मित्र नेटवर्क के जरिए महिलाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. उनके अनुसार, डिजिटल टूल्स और प्रशिक्षण सहायता के माध्यम से महिला उद्यमियों को फिनटेक सेवाओं को समझने और अपने व्यवसाय को स्थिर बनाने में मदद मिल रही है.
यह पहल केंद्र सरकार द्वारा आम बजट 2026 में घोषित SHE MART योजना के अनुरूप बताई जा रही है, जिसका उद्देश्य महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों और स्वयं सहायता समूह (SHG) आधारित व्यवसायों को प्रोत्साहन देना है. Ezeepay का कहना है कि वह महिला रिटेलर्स और SHG सदस्यों को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है.
कंपनी का दावा है कि उसकी पहुंच ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही है. इसके तहत अंतिम स्तर तक सेवाएं पहुंचाने, डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने और स्थानीय उद्यमियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर ध्यान दिया जा रहा है.
ग्रामीण भारत में डिजिटल वित्तीय सेवाओं के विस्तार के साथ ऐसे मॉडल यह संकेत देते हैं कि फिनटेक कंपनियां केवल तकनीक आधारित सेवाओं तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि स्थानीय समुदायों के साथ साझेदारी कर जमीनी स्तर पर बदलाव लाने की कोशिश भी कर रही हैं.
Edited by Ravi Pareek



