ये IAS अधिकारी बन चुके हैं अभिनेता, अब ऑक्सीजन की किल्लत को दूर करने के लिए कर रहे हैं ये सराहनीय काम

अभिषेक सिंह साल 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। करियर की शुरुआत गौतमबुद्ध नगर से हुई, लेकिन 2015 में वो दिल्ली आ गए और फिलहाल दिल्ली में बतौर डिप्टी कमिश्नर तैनात हैं।

ये IAS अधिकारी बन चुके हैं अभिनेता, अब ऑक्सीजन की किल्लत को दूर करने के लिए कर रहे हैं ये सराहनीय काम

Sunday June 06, 2021,

3 min Read

कोरोना महामारी के इस मुश्किल दौर में जहां जरूरतमंद लोगों को ऑक्सीजन जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है वहीं IAS अधिकारी अभिषेक सिंह ने ऐसे लोगों की मदद के उद्देश्य से राजधानी दिल्ली में 'ऑक्सी टैक्सी' की शुरुआत की है।


नाम के अनुरूप ही ऑक्सी टैक्सी का उद्देश्य है कि जरूरत के समय बिना देरी किए जरूरतमंद लोगों तक मुफ्त में ऑक्सीजन पहुंचाई जा सके।


अभिषेक सिंह साल 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। करियर की शुरुआत गौतमबुद्ध नगर से हुई, लेकिन 2015 में वो दिल्ली आ गए और फिलहाल दिल्ली में बतौर डिप्टी कमिश्नर तैनात हैं।


गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का गंभीर असर देखने को मिला है। इस दौरान कई बार ऐसा भी समय आया जब कोरोना प्रभावित मरीजों को ऑक्सीजन तक के इंतजाम के लिए दर-दर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ गया और ऐसे में बहुत से लोगों की जान भी चली गई।

मदद के लिए स्थापित किया पोर्टल

अभिषेक सिंह अपनी इस पहल के जरिये जरूरतमंद लोगों के बीच ऑक्सीजन की उपलब्धता को सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं। ‘ऑक्सी-टैक्सी’ नाम की इस पहल के जरिये खाली ऑक्सीजन सिलेन्डर को रिफिल भी किया जा रहा है। इसी के साथ ही अभिषेक सिंह ने UnitebByBlood नाम के एक पोर्टल की भी शुरुआत की है।


पोर्टल के जरिये अब प्लाज्मा डोनर्स और जरूरतमंद के बीच संपर्क स्थापित करना आसान हो गया है, जबकि इसी के साथ लोग ऑक्सी-टैक्सी सेवा के लिए भी अनुरोध कर सकते हैं। अभिषेक सिंह के अनुसार इस पोर्टल के जरिये जरूरतमंद लोगों के साथ होने वाली ठगी को भी खत्म करने का काम किया जा रहा है।


अभिषेक वैक्सीनेशन के लिए भी काम कर रहे हैं, इसके लिए उन्होंने 'वैक्सीनेशन इन कार' नाम से एक मुहिम शुरू की है। इसके तहत लोगों को कार में बैठे-बैठे हुए ही वैक्सीनेशन उपलब्ध कराई जा रही है। यह पहल गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली में शुरू हो चुकी है, जबकि इसे देश के अन्य शहरों में भी शुरू किया जा रहा है।

कैसे बने अभिनेता?

आईएएस से अभिनेता बनने के सफर के बारे में बात करते हुए अभिषेक बताते हैं कि यह दरअसल इत्तेफाक से हुआ है। अभिषेक के अनुसार वे 2019 में अपने एक आधिकारिक काम से मुंबई गए हुए थे और वहीं उनकी मुलाक़ात मशहूर कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा से हुई।


मुकेश ने अभिषेक को ‘दिल्ली क्राइम’ शो की टीम से मिलवाया और यहीं से अभिषेक को बतौर अभिनेता पहला मौका मिल गया। शो में भी अभिषेक को आईएएस अधिकारी के रोल के लिए ही चुना गया था। शो के साथ ही अभिषेक ने बी प्राक के गाने ‘दिल तोड़ के’ में भी एक्टिंग की है। अभिषेक के अनुसार तभी एक मीडियाकर्मी की नज़र उन पर गई और इसी के बाद उनका नाम चर्चा में आ गया।


अभिषेक ने एक सरकारी स्कूल को भी गोद लिया हुआ है, जिसके तहत वे स्कूल को लगातार बेहतर करते हुए एक मॉडल की तरह स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। अभिषेक की इस पहल को भी आम लोगों का पर्याप्त समर्थन हासिल हुआ है, जिसके चलते आज स्कूल में बड़ी संख्या में बच्चे बेहतर सुविधाओं के साथ शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।


Edited by रविकांत पारीक