ओडिशा में भारत की पहली 3D सेमीकंडक्टर यूनिट की नींव; AI, डिफेंस और 5G को मिलेगा बूस्ट
करीब 2000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस यूनिट में हर साल 70 हजार ग्लास पैनल तैयार किए जाएंगे. इसके साथ ही 5 करोड़ से ज्यादा असेंबल्ड यूनिट और हजारों एडवांस्ड मॉड्यूल बनाए जाएंगे. इससे ओडिशा देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा जहां कंपाउंड सेमीकंडक्टर और 3D ग्लास पैकेजिंग दोनों सुविधाएं मौजूद होंगी.
भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को एक नई दिशा मिल गई है. ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के इंफो वैली में देश की पहली एडवांस्ड 3D चिप पैकेजिंग यूनिट की आधारशिला रखी गई. यह सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि भारत को तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की मौजूदगी में हुई. इस मौके पर नेताओं ने इसे ओडिशा और पूरे देश के लिए ऐतिहासिक बताया.
करीब 2000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस यूनिट में हर साल 70 हजार ग्लास पैनल तैयार किए जाएंगे. इसके साथ ही 5 करोड़ से ज्यादा असेंबल्ड यूनिट और हजारों एडवांस्ड मॉड्यूल बनाए जाएंगे. इससे ओडिशा देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा जहां कंपाउंड सेमीकंडक्टर और 3D ग्लास पैकेजिंग दोनों सुविधाएं मौजूद होंगी.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पिछले 12 सालों में छह गुना बढ़ा है. उन्होंने बताया कि भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बन चुका है और 2025 में सबसे बड़ा मोबाइल एक्सपोर्टर भी बना है.
उन्होंने यह भी बताया कि India Semiconductor Mission के तहत ओडिशा में पहले ही दो प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है और आगे भी कई निवेश प्रस्ताव पाइपलाइन में हैं.
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में बड़ी कंपनियों के साथ और निवेश पर बातचीत चल रही है. इससे साफ है कि ओडिशा तेजी से टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर का बड़ा केंद्र बन रहा है.

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ के तहत ओडिशा में पहले ही दो प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है और आगे भी कई निवेश प्रस्ताव पाइपलाइन में हैं.
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि यह पहली बार है जब भारत में इस तरह की एडवांस्ड 3D ग्लास सेमीकंडक्टर तकनीक लाई जा रही है. उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट ओडिशा को दुनिया के टेक्नोलॉजी मैप पर मजबूत जगह देगा.
उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक कंपनियां जैसे Intel, Lockheed Martin और Applied Materials इस तरह की तकनीकों से जुड़ी हैं, और उनका ओडिशा में रुचि दिखाना राज्य की बढ़ती ताकत को दर्शाता है.
यह यूनिट आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों को सपोर्ट करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूत करेगी.

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को मजबूत करेगी.
इस प्रोजेक्ट से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. इंजीनियरिंग के छात्र, डिप्लोमा धारक और आईटीआई स्टूडेंट्स के लिए नए दरवाजे खुलेंगे. इससे राज्य की अर्थव्यवस्था भी बदलेगी और यह संसाधन आधारित मॉडल से टेक्नोलॉजी आधारित मॉडल की ओर बढ़ेगा.
यह यूनिट 3D ग्लास सॉल्यूशंस की भारतीय शाखा द्वारा स्थापित की जा रही है. यह एक आधुनिक और पूरी तरह से इंटीग्रेटेड सुविधा होगी. यहां डेटा सेंटर, AI, 5G और 6G, ऑटोमोटिव रडार, एयरोस्पेस और फोटोनिक्स जैसे क्षेत्रों के लिए चिप्स बनाए जाएंगे.
इस प्रोजेक्ट में केंद्र सरकार की ओर से करीब 799 करोड़ रुपये का सहयोग दिया जा रहा है. वहीं राज्य सरकार भी लगभग 400 करोड़ रुपये का समर्थन दे रही है. योजना है कि 2028 तक इसका उत्पादन शुरू हो जाए और 2030 तक यह पूरी क्षमता से काम करने लगे.
ओडिशा अब सिर्फ खनिज और ऊर्जा तक सीमित नहीं है. यह राज्य तेजी से टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इनोवेशन का नया केंद्र बन रहा है. यह बदलाव आने वाले समय में भारत को वैश्विक टेक्नोलॉजी लीडर बनाने में मदद करेगा.


