भारत ने देश में इलेक्ट्रिक कार बनाने के लिए चीन को दिया न्यौता

By yourstory हिन्दी
January 14, 2019, Updated on : Tue Sep 17 2019 14:02:24 GMT+0000
भारत ने देश में इलेक्ट्रिक कार बनाने के लिए चीन को दिया न्यौता
नीति आयोग के प्रधान सलाहकार अनिल श्रीवास्तव ने चीन में हुई ऑल इलेक्ट्रिक व्हीकल समिट में चाइना EV100 के प्रेजिडेंट चेन किंगताई से बात की और उन्हें भारत आने का न्यौता भी दिया।
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

इलेक्ट्रिक कारें


भारत में 2030 तक सड़कों पर इलेक्ट्रिक गाड़ियां चलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए अभी से योजनाएं बन रही हैं। इसी के तहत नीति आयोग ने चीन को भारत में इलेक्ट्रिक कार इंडस्ट्री में निवेश करने का न्यौता दिया है। नीति आयोग के प्रधान सलाहकार अनिल श्रीवास्तव ने यह जानकारी दी। उन्होंने 11 से 13 जनवरी तक चीन में हुई ऑल इलेक्ट्रिक व्हीकल समिट में चाइना EV100 के प्रेजिडेंट चेन किंगताई से बात की और उन्हें भारत आने का न्यौता भी दिया।


रविवार को भारतीय दूतावास की तरफ से जारी बयान में कहा गया, 'नीति आयोग के प्रधान सलाहकार ने भारत के महत्वकांक्षी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कार्यक्रम को 2030 तक साकार करने के लक्ष्य को चीनी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं के सामने रखा।' 'चाइना EV100' चीन में प्राइवेट इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं का असोसिएशन है जिसमें 200 चीनी कंपनियां शामिल हैं। इस सम्मेलन का आयोजन चीन ईवी100 ने किया था।


फोरम को संबोधित करते हुए श्रीवास्तव ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, इसकी वर्तमान स्थिति और भविष्य के रोडमैप के लिए भारत की नीति के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक पर्यावरण प्रतिबद्धताओं के लिए प्रतिबद्ध है और वह स्वच्छ ऊर्जा व नई ऊर्जा परिवहन के विकास व उसे अपनाने को प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत द्वारा 2030 तक इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने में चीनी इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकती हैं। 


मैकिन्जी की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन बिजली वाहनों की मांग और आपूर्ति दोनों में एक दिग्गज के रूप में उभरा है। हालांकि कुछ चीनी कंपनियों का मानना है कि भारत इन वाहनों की मांग के संदर्भ में चीन को पीछे छोड़ देगा।



यह भी पढ़ें: कभी पानी को तरसने वाले किसान साल में उगा रहे तीन फ़सलें, इस एनजीओ ने बदली तस्वीर