अगले 4 साल में इलेक्ट्रिक टू और थ्री-व्हीलर्स की बिक्री 100 फीसदी तक पहुंच सकती है: पूर्व नीति आयोग सीईओ अमिताभ कांत

By Prerna Bhardwaj
September 15, 2022, Updated on : Thu Sep 15 2022 11:06:39 GMT+0000
अगले 4 साल में इलेक्ट्रिक टू और थ्री-व्हीलर्स की बिक्री 100 फीसदी तक पहुंच सकती है: पूर्व नीति आयोग सीईओ अमिताभ कांत
भारत के इलेक्ट्रिफिकेशन पर बात करते हुए अमिताभ कांत ने कहा कि ग्रीन मोबिलिटी रेवोल्युशन हमारा दरवाजा खटखटा रही है और भारत को अगले 4 साल में टू और थ्री-व्हीलर्स को पूरी तरह इलेक्ट्रिक करने पर फोकस करना चाहिए.
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डीजल और पेट्रोल की उछलती कीमतों के बीच ग्राहकों में इलेक्ट्रिक वाहन तेजी से पॉपुलर हो रहे हैं और साथ ही साथ इलेक्ट्रिक वाहन को लेकर लोगों में जागरूकता भी देखने को मिल रही है.


नीति आयोग के पूर्व सीईओ और वर्तमान में G20 के शेरपा अमिताभ कांत ने ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ACMA) के एक इवेंट में भारत के इलेक्ट्रिफिकेशन पर बात करते हुए कहा कि ग्रीन मोबिलिटी रेवोल्युशन हमारा दरवाजा खटखटा रही है. और भारत को अगले 4 साल में टू और थ्री-व्हीलर्स को पूरी तरह इलेक्ट्रिक करने पर फोकस करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि हमारा फोकस शेयर्ड, कनेक्टेड और एक इलेक्ट्रिक ट्रांसपोर्टेशन बदलाव पर भी रहना चाहिए.


NITI आयोग और TIFAC के द्वारा जारी एक रिपोर्ट, 'भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का फोरकास्टिंग पेनेट्रेशन,’ में अनुमान लगाया गया था कि साल 2026-27 तक भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स वाहनों की 100 फ़ीसदी डिमांड हो जाएगी. अमिताभ कांत ने बात भारत में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की बात करते हुए कहा कि इंडियन मार्केट में आगामी 5 सालों में इलेक्ट्रिक वाहनों की डिमांड ज्यादा देखने को मिल सकती है और 2027 तक यह डिमांड 100% तक पहुंच सकती है. इसमें अच्छी बात यह भी है कि बैट्री की लागत में तेजी से गिरावट देखने को मिल रही है. बता दें कि इलेक्ट्रिक व्हीकल की लागत में 40 से 45 फीसदी हिस्सेदारी बैट्री की होती है. उन्होंने कहा कि पिछले पांच से छह सालों में इसमें 100 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी गई है.


उन्होंने आगे कहा कि भारत के इलेक्ट्रिफिकेशन की शुरुआत टू और थ्री-व्हीलर्स के जरिए होगी. क्योंकि इस समय भारत में गाड़ियों की कुल बिक्री की 80 फीसदी हिस्सेदारी इसी सेगमेंट से आती है. इसीलिए पर्यावरण की सुरक्षा के लिए इन दोनों सेगमेंट को पूरी तरह से इलेक्ट्रिफिकेशन करने की आवश्यकता है.

अगर आंकड़ों की बात करें तो SIAM के आंकड़ों के मुताबिक 2021-22 में घरेलू टू-व्हीलर बिक्री का आंकड़ा 2.60 लाख यूनिट, जबकि थ्री-व्हीलर्स बिक्री 1.75 करोड़ का रहा. गाड़ियों की कुल बिक्री का आंकड़ा 1.75 करोड़ यूनिट रही. वहीं FADA के आंकड़ों के मुताबिक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर रिटेल बिक्री पिछले वित्त वर्ष में 2.31 लाख यूनिट रही, जो 2020-21 में 41,046 यूनिट थी. यानी बिक्री के आंकड़ों में पांच गुना की बढ़ोतरी देखने को मिली. वहीं कुल इलेक्ट्रिक व्हीकल की रिटेल बिक्री भी 2020-21 में तीन गुना बढ़कर 1.34 लाख यूनिट हुई है.


इलेक्ट्रिक व्हीकल की बिक्री बढाने के लिए कांत ने कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की ब्याज दरें काफी ऊंची हैं जिसे घटाने की आवश्कता है. इसके अलावा इंश्योरेंस चार्ज भी घटाने की आवश्कता है.


इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ने के साथ ये चार्जिंग कंपनियों के लिए एक बड़ा अवसर होगा. सलाहकार फर्म KPMG की एक रिपोर्ट में ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल्स चार्जिंग’ को भी आने वाले समय में एक बड़ा सेक्टर बताया गया है. केपीएमजी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि इस समय दोपहिया, तिपहिया और इलेक्ट्रिक बसों की बिक्री में तेजी दर्ज की गई है. रिपोर्ट के अनुसार इस समय देशभर में लगभग 1,700 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन हैं, जो कि पर्याप्त नहीं होंगे अगर इसी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में बढ़त जारी रही.