मेजर प्रभात मिश्रा ने 92 देशों के अधिकारियों को पछाड़ अमेरिका में जीते दो बड़े अवॉर्ड
भारतीय सेना के मेजर प्रभात मिश्रा ने अमेरिका के प्रतिष्ठित आर्मी कमांड एंड जनरल स्टाफ कॉलेज में 92 देशों के सैन्य अधिकारियों को पीछे छोड़ दो बड़े अकादमिक पुरस्कार जीते.
भारतीय सेना (Indian Army) के मेजर प्रभात मिश्रा (Major Prabhat Mishra) ने अमेरिका में एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने पूरे देश का गौरव बढ़ाया है. उन्होंने अमेरिका के प्रतिष्ठित आर्मी कमांड एंड जनरल स्टाफ कॉलेज (CGSC) में आयोजित 10 महीने के लीडरशिप प्रोग्राम के दौरान 92 देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई.
इस वर्ष इस कार्यक्रम से कुल 951 अधिकारियों ने स्नातक की उपाधि प्राप्त की. इनमें 92 देशों के 120 अंतरराष्ट्रीय सैन्य अधिकारी भी शामिल थे. मेजर प्रभात मिश्रा उन चुनिंदा अधिकारियों में रहे, जिन्हें उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया.
मेजर मिश्रा को दो प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले. पहला पुरस्कार बिररर ब्रूक्स अवॉर्ड फॉर आउटस्टैंडिंग मास्टर ऑफ मिलिट्री आर्ट्स एंड साइंस थीसिस और दूसरा जनरल डगलस मैकआर्थर मिलिट्री लीडरशिप राइटिंग अवॉर्ड था. ये सम्मान सैन्य अध्ययन, शोध और नेतृत्व विषयों पर उत्कृष्ट लेखन के लिए दिए जाते हैं.
यह सम्मान फोर्ट लीवेनवर्थ, कंसास में आयोजित कमांड एंड जनरल स्टाफ ऑफिसर कोर्स (CGSOC) के दीक्षांत समारोह में प्रदान किए गए. समारोह में अन्य देशों के अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया. नॉर्वे के मेजर अलेक्जेंडर ग्रैनबर्ग को जनरल ड्वाइट डी. आइजनहावर अवॉर्ड और आर्टर डोनिफन अवॉर्ड मिला. वहीं कुवैत के लेफ्टिनेंट कर्नल तालेह एसएफएचएच अलरशीद को मेजर जनरल हांस श्लुप अवॉर्ड से सम्मानित किया गया.
समारोह को संबोधित करते हुए यूएस आर्मी कंबाइंड आर्म्स कमांड और फोर्ट लीवेनवर्थ के कमांडिंग जनरल लेफ्टिनेंट जनरल जिम इसेनहावर ने कहा कि नेतृत्व के साथ बड़ी जिम्मेदारियां भी आती हैं. उन्होंने अधिकारियों की मेहनत और इस कठिन अकादमिक कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए उनकी सराहना की.
उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों ने एक बेहद चुनौतीपूर्ण और कठोर शैक्षणिक कार्यक्रम पूरा किया है. अब वे इन सीखों को भविष्य के जटिल और तेजी से बदलते सैन्य वातावरण में लागू करेंगे.
मेजर प्रभात मिश्रा की यह उपलब्धि उनके सैन्य करियर में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है. इस कोर्स में वही अधिकारी चुने जाते हैं, जिन्हें उनकी सेना के सबसे प्रतिभाशाली और भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं में गिना जाता है.
आर्मी कमांड एंड जनरल स्टाफ कॉलेज दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सैन्य शिक्षा संस्थानों में से एक माना जाता है. इसका अंतरराष्ट्रीय सैन्य शिक्षा कार्यक्रम वर्ष 1894 में शुरू हुआ था. तब से अब तक यह संस्थान लगभग 170 देशों के 8,700 से अधिक अंतरराष्ट्रीय सैन्य अधिकारियों को प्रशिक्षण दे चुका है.
कॉलेज के अनुसार उसका उद्देश्य ऐसे नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करना है, जो बदलती परिस्थितियों में नवाचार, त्वरित निर्णय क्षमता और प्रभावी नेतृत्व का प्रदर्शन कर सकें. मेजर प्रभात मिश्रा की सफलता इस बात का प्रमाण है कि भारतीय सेना के अधिकारी वैश्विक स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं.
उनकी यह उपलब्धि न केवल भारतीय सेना बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है.



