मां को हुआ कैंसर तो ट्यूशन पढ़ाकर चलाया घर, रिसेप्शनिस्ट की नौकरी की, फिर खड़ी कर दी करोड़ों की कंपनी — प्रिंसी रॉय की कहानी
प्रिंसी रॉय ने अपने करियर की शुरुआत बतौर रिसेप्शनिस्ट की थी. आज वह Huella Services की को-फाउंडर और CEO हैं. सिंगल मदर के परिवार में पली बढ़ीं प्रिंसी ने कई चुनौतियों का सामना किया. जानिए कैसे उन्होंने संघर्ष, मेहनत और अपने दम पर 250 से अधिक ब्रांड्स के साथ काम करने वाली AdTech कंपनी खड़ी की.
हर सफल कंपनी के पीछे एक बिजनेस प्लान नहीं, बल्कि एक इंसान की कहानी भी होती है. Huella Services की को-फाउंडर और CEO प्रिंसी रॉय (Prrincey Roy) की कहानी ऐसी ही है. दिल्ली के एक साधारण परिवार से आने वाली प्रिंसी ने जीवन की मुश्किल परिस्थितियों के बीच अपना रास्ता बनाया.
आज उनकी कंपनी 250 से अधिक ब्रांड्स के साथ काम कर रही है और भारत से बाहर दक्षिण पूर्व एशिया तक अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकी है.
मां को कैंसर, ट्यूशन पढ़ाकर चलाया घर
प्रिंसी रॉय का बचपन किसी फिल्म की कहानी जैसा नहीं था. वह दिल्ली के एक मध्यमवर्गीय परिवार में पली बढ़ीं. उनकी मां AIIMS में नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट थीं और उन्होंने अकेले ही परिवार की जिम्मेदारी संभाली. स्कूल के दिनों में ही उनकी मां को कैंसर हो गया. इस घटना ने प्रिंसी को उम्र से पहले जिम्मेदार बना दिया.
घर की मदद करने के लिए उन्होंने पढ़ाई के साथ ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया. उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई डिस्टेंस एजुकेशन से पूरी की. पढ़ाई के साथ काम भी जारी रखा. उनका करियर एक रिटेल आउटलेट में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी से शुरू हुआ. इसके बाद उन्होंने मीडिया, सेल्स और लीडरशिप से जुड़ी भूमिकाओं में काम किया और धीरे-धीरे उद्यमिता की तरफ बढ़ीं.
YourStory से बात करते हुए प्रिंसी [रॉय] बताती हैं, “मैं ऐसे माहौल से नहीं आई जहां सब कुछ पहले से तय था. मैंने हर चीज कदम दर कदम सीखी है. कभी आत्मविश्वास के साथ और कभी डर के साथ. लेकिन हमेशा अपनी जिम्मेदारी खुद ली. शायद इसी वजह से Huella मेरे लिए सिर्फ एक कंपनी नहीं है. यह उन सभी सीखों का नतीजा है जो मैंने जिंदगी से हासिल की हैं.”

कॉर्पोरेट करियर छोड़कर बनाया खुद का रास्ता
कई सालों तक कॉर्पोरेट दुनिया में काम करने के बाद प्रिंसी को महसूस हुआ कि वह केवल किसी और की सफलता की परिभाषा का हिस्सा बनकर नहीं रहना चाहतीं. उनके भीतर कुछ नया बनाने की इच्छा थी. वह ऐसी कंपनी बनाना चाहती थीं जहां क्रिएटिविटी और टेक्नोलॉजी एक साथ काम करें और लोग अपनी पहचान खोए बिना आगे बढ़ सकें.
इसी सोच से दिसंबर 2021 में Huella Services की शुरुआत हुई. शुरुआत चार लोगों की छोटी टीम से हुई थी. आज कंपनी में 35 से अधिक कर्मचारी हैं और इसके कार्यालय दिल्ली एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु और सिंगापुर में मौजूद हैं.
प्रिंसी कहती हैं, “Huella किसी परफेक्ट बिजनेस प्लान से पैदा नहीं हुई थी. इसमें महत्वाकांक्षा थी, कुछ निराशाएं थीं, एक मजबूत विश्वास था और विज्ञापन को नए तरीके से देखने की इच्छा थी. मैं ऐसा संगठन बनाना चाहती थी जहां लोग केवल काम न करें, बल्कि बढ़ें भी.”
विज्ञापन में नया सोचने की कोशिश
प्रिंसी के अनुसार बाजार में सबसे बड़ा अंतर यह था कि डिजिटल विज्ञापन लगातार विकसित हो रहा था, लेकिन रचनात्मक सोच उसी गति से आगे नहीं बढ़ रही थी. ब्रांड डिजिटल पर ज्यादा पैसा खर्च कर रहे थे, लेकिन उपभोक्ताओं को मिलने वाले अनुभव अक्सर एक जैसे होते थे.
यहीं से Huella ने अपनी दिशा तय की. कंपनी ने ऐसे विज्ञापन अनुभवों पर काम शुरू किया जिनमें लोग केवल दर्शक न रहें, बल्कि भागीदारी भी कर सकें. इसी सोच के तहत NEXad, Newsroom AI, AIgnite और HuellaNXT जैसे उत्पाद विकसित किए गए.
NEXad इंटरैक्टिव Connected TV विज्ञापन पर केंद्रित है. Newsroom AI ब्रांड्स को कहानी कहने के नए तरीके उपलब्ध कराता है. AIgnite रचनात्मक सामग्री के कई संस्करण तेजी से तैयार करने में मदद करता है. वहीं HuellaNXT कंपनी की प्रोग्रामेटिक और एडटेक इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव है.
प्रिंसी कहती हैं, “विज्ञापन अब केवल ज्यादा शोर मचाने का खेल नहीं रह गया है. लोगों का ध्यान खींचना मुश्किल हो चुका है. ऐसे में ब्रांड्स को अधिक समझदारी से काम करना होगा. हमारा प्रयास यही है कि विज्ञापन लोगों के लिए उपयोगी, दिलचस्प और यादगार बने.”
बिना फंडिंग के बढ़ता कारोबार
स्टार्टअप जगत में जहां फंडिंग को अक्सर सफलता का पैमाना माना जाता है, वहीं Huella ने पूरी तरह बूटस्ट्रैप मॉडल अपनाया. कंपनी की शुरुआत फाउंडर्स की निजी बचत से हुई और आज तक इसमें किसी बाहरी निवेशक की पूंजी शामिल नहीं है.
प्रिंसी मानती हैं कि बूटस्ट्रैपिंग आसान नहीं होती. हर फैसले का असर सीधे कारोबार पर पड़ता है. लेकिन इससे अनुशासन भी आता है और कंपनी को वास्तविक जरूरतों के आधार पर बढ़ने का मौका मिलता है.
आज Huella FMCG, रिटेल, फैशन, ऑटोमोबाइल, BFSI, ई-कॉमर्स, एंटरटेनमेंट और कंज्यूमर टेक जैसे कई क्षेत्रों के ब्रांड्स के साथ काम कर रही है. Connected TV और इंटरैक्टिव विज्ञापन इसके विकास के प्रमुख आधार बनकर उभरे हैं.
प्रिंसी बताती हैं, “हमने कभी केवल बड़ा दिखने के लिए पैसे खर्च नहीं किए. हमने हर कदम सोच समझकर उठाया. बिना निवेश के कंपनी बनाना चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन इससे आप मजबूत भी बनते हैं. हर सही फैसला आपको आगे बढ़ाता है और हर गलती आपको तुरंत सीख दे देती है.”
भारत से दुनिया तक का सपना
इस साल Huella ने सिंगापुर में अपना ऑफिस शुरू किया है. यह कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इसके जरिए दक्षिण पूर्व एशिया के बाजारों में विस्तार की शुरुआत हुई है. कंपनी को उम्मीद है कि Connected TV, प्रोग्रामेटिक विज्ञापन और AI-समर्थित रचनात्मक समाधान वहां भी मजबूत अवसर प्रदान करेंगे.
प्रिंसी का मानना है कि आने वाले वर्षों में विज्ञापन उद्योग में AI और इंटरैक्टिव अनुभवों की भूमिका और बढ़ेगी. उनका लक्ष्य केवल कारोबार बढ़ाना नहीं, बल्कि एक ऐसी टेक कंपनी बनाना है जो भारत में बनीं हो और दुनिया भर में उसका असर हो.
प्रिंसी रॉय कहती हैं, “मैं चाहती हूं कि Huella एक गंभीर AdTech और Creative Intelligence कंपनी के रूप में पहचानी जाए. लेकिन इसके साथ मैं यह भी चाहती हूं कि हम अपनी पहचान न खोएं. हमारी यात्रा में महत्वाकांक्षा है, रचनात्मकता है, जोखिम लेने का साहस है और इंसानी जुड़ाव भी है. यही हमारी असली ताकत है.”
आज जब भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से बदल रहा है, तब प्रिंसी रॉय की कहानी यह याद दिलाती है कि हर सक्सेसफुल वेंचर की शुरुआत बड़े संसाधनों से नहीं होती. कई बार एक मजबूत इरादा, लगातार मेहनत और अपने आइडिया पर भरोसा ही सबसे बड़ी पूंजी बन जाते हैं.





