Amazon पर बेचते-बेचते बना खुद का ब्रांड, जानिए WZATCO की कहानी
eBay और Amazon से छोटे प्रयोग शुरू करने वाले कोमलदीप सोढ़ी ने कैसे WZATCO के जरिए भारत में स्मार्ट प्रोजेक्टर का भरोसेमंद ब्रांड बनाया. पढ़िए एक ऐसे सफर की कहानी, जहां सीमित संसाधनों के बावजूद सोच और मेहनत ने बाजार में नई जगह बनाई.
कोमलदीप सोढ़ी (Komaldeep Sodhi) की कहानी किसी फिल्म की तरह लगती है. लेकिन यह पूरी तरह असल है. वह एक इंजीनियर थे. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत Wipro में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर की. उनका काम एंबेडेड सिस्टम्स पर था. टेक्नोलॉजी समझ में आ रही थी. लेकिन बिजनेस की समझ अभी बाकी थी.
इसी कमी को पूरा करने के लिए उन्होंने फिलीपींस के AIM Manila से MBA किया. इसके बाद EY में ट्रांसफॉर्मेशन कंसल्टेंट बने. फिर ISG में मार्केट रिसर्च टीम को लीड किया. सब कुछ ठीक चल रहा था. लेकिन अंदर कहीं कुछ नया करने की चाह थी.
2016 में उन्होंने ई-कॉमर्स पर छोटे-छोटे प्रयोग शुरू किए. eBay और Amazon पर प्रोडक्ट बेचने लगे. यही से एक नया रास्ता खुला.
कोमलदीप सोढ़ी बताते हैं, “मैं हमेशा समझना चाहता था कि टेक्नोलॉजी सिर्फ बनती कैसे है, बल्कि बिकती कैसे है. ई-कॉमर्स ने मुझे ग्राहक की असली जरूरत समझाई. यहीं से बिजनेस करने का ख्याल आया.”
WZATCO की शुरुआत
इन प्रयोगों से Digicartz बना. लेकिन असली मोड़ तब आया जब उन्होंने प्रोजेक्टर बाजार को करीब से देखा. भारत में दो तरह के प्रोडक्ट थे. एक बहुत सस्ते और बिना भरोसे वाले. दूसरे बहुत महंगे. आम आदमी के लिए दोनों ही सही विकल्प नहीं थे. यहीं से डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड WZATCO की शुरुआत हुई.
कोमलदीप कहते हैं, “हमने देखा कि ग्राहक के पास भरोसेमंद विकल्प नहीं है. या तो बहुत सस्ता और खराब या बहुत महंगा. हमने बीच का रास्ता बनाने का फैसला किया.”
यह सिर्फ एक बिजनेस आइडिया नहीं था. यह एक जरूरत थी.
भरोसा बनाना सबसे मुश्किल
बेंगलुरु स्थित WZATCO की शुरुआत 2017 में हुई. 2019 में ब्रांड पूरी तरह सामने आया. लेकिन रास्ता आसान नहीं था. सबसे बड़ी चुनौती थी भरोसा बनाना. एक नया ब्रांड. एक नया नाम. ग्राहक क्यों भरोसा करे.
कोमलदीप बताते हैं, “भरोसा एक दिन में नहीं बनता. हर रिव्यू, हर फीडबैक से बनता है. हमने धीरे-धीरे लोगों का भरोसा जीता.”
उन्होंने सब कुछ शुरू से बनाया. अपनी सर्विस सिस्टम. अपनी प्रक्रियाएं. गलतियां भी हुईं. लेकिन हर गलती से सीख मिली. सप्लाई चेन भी एक बड़ी चुनौती थी. सही मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर ढूंढना आसान नहीं था. खासकर जब शुरुआती वॉल्यूम कम हो.

WZATCO की टीम
बिना फंडिंग के खड़ा हुआ ब्रांड
आज जहां ज्यादातर स्टार्टअप फंडिंग पर चलते हैं, WZATCO एक अलग रास्ते पर चला. यह पूरी तरह बूटस्ट्रैप्ड कंपनी है. यानि इसने बाहरी निवेशकों से फंडिंग नहीं जुटाई है. शुरुआत में पैसा सीमित था. इसलिए बहुत काम खुद करना पड़ा. कैटलॉग बनाना. टेक्निकल डॉक्यूमेंट तैयार करना. सब इन-हाउस हुआ.
कोमलदीप कहते हैं, “हमारे पास ज्यादा संसाधन नहीं थे. लेकिन हमारे पास स्पष्ट सोच थी. हमने धीरे-धीरे मजबूत नींव बनाई.”
आज कंपनी हर साल 80 हजार से 1 लाख ग्राहकों तक पहुंच रही है. ब्रांड का Yuva Go मॉडल काफी लोकप्रिय हुआ है.
भविष्य की योजनाएं
आज टीवी के मुकाबले प्रोजेक्टर एक नया विकल्प बन रहे हैं. बड़ी स्क्रीन. पोर्टेबिलिटी. बेहतर कीमत. WZATCO इस बदलाव को पहले ही पहचान चुका है. कंपनी नई टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है. जैसे AI-समर्थित पिक्चर ऑप्टिमाइजेशन. आने वाले समय में कंपनी का लक्ष्य है उत्पादन बढ़ाना. 4K और लेजर प्रोजेक्टर सेगमेंट में उतरना. साथ ही पूरे भारत में अपनी सर्विस और डिस्ट्रीब्यूशन मजबूत करना.
कोमलदीप बताते हैं, “हम सिर्फ प्रोडक्ट नहीं बना रहे. हम एक अनुभव बना रहे हैं. हर घर में सिनेमा पहुंचाना हमारा सपना है.”
यह कहानी सिर्फ एक कंपनी की नहीं है. यह एक सोच की कहानी है. जहां ज्यादातर लोग भीड़ के साथ चलते हैं, वहीं कुछ लोग नई राह बनाते हैं. कोमलदीप सोढ़ी ने वही किया. छोटे प्रयोग से शुरुआत की. एक समस्या देखी. उसका समाधान खोजा. और आज हजारों घरों में सिनेमा जैसा अनुभव पहुंचा रहे हैं. यह सफर अभी जारी है.



