AI स्टार्टअप Innefu Labs को सीरीज B राउंड में मिली 30 मिलियन डॉलर की फंडिंग
यह निवेश Panthera Growth Partners ने किया है. इस निवेश के साथ कंपनी भारत में सॉवरेन AI टेक्नोलॉजी के विकास और अंतरराष्ट्रीय विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. नई दिल्ली स्थित Innefu Labs की स्थापना साल 2010 में तरुण विग और अभिषेक शर्मा ने की थी.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप ने सीरीज B फंडिंग राउंड में 30 मिलियन डॉलर जुटाए हैं. यह निवेश ने किया है. इस निवेश के साथ कंपनी भारत में सॉवरेन AI टेक्नोलॉजी के विकास और अंतरराष्ट्रीय विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है.
नई दिल्ली स्थित Innefu Labs की स्थापना साल 2010 में तरुण विग और अभिषेक शर्मा ने की थी. कंपनी नेशनल सिक्योरिटी और साइबर सिक्योरिटी सेक्टर में AI-समर्थित समाधान विकसित करती है. इसके प्लेटफॉर्म आज डिफेंस, इंटेलिजेंस एजेंसियों, लॉ एनफोर्समेंट संगठनों, रेवेन्यू इंटेलिजेंस विभागों और बड़े एंटरप्राइज ग्राहकों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे हैं.
यह फंडिंग ऐसे समय में आई है जब भारत अपनी सुरक्षा जरूरतों के लिए स्वदेशी तकनीकों पर अधिक जोर दे रहा है. सरकार की आत्मनिर्भरता से जुड़ी पहलों के बीच घरेलू सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए नए अवसर बन रहे हैं. Innefu Labs भी इसी बदलाव का लाभ उठाते हुए तेजी से आगे बढ़ रही है.
कंपनी का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में उसने लगातार 100 करोड़ रुपये से अधिक का रेवेन्यू हासिल किया है. इसके साथ ही कंपनी के पास कई ऐसे बड़े कॉन्ट्रैक्ट हैं जिनकी कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक है. ये कॉन्ट्रैक्ट डिफेंस, इंटेलिजेंस, लॉ एनफोर्समेंट और रेवेन्यू इंटेलिजेंस से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के लिए हैं.
इस ताजा फंडिंग का उपयोग Innefu Labs अपने अगले विकास चरण में करेगी. कंपनी अपनी AI रिसर्च एवं डेवलपमेंट (R&D) को और मजबूत करेगी. साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ाएगी. कंपनी पहले ही मिडिल ईस्ट में सफलतापूर्वक प्रवेश कर चुकी है और अब अन्य वैश्विक बाजारों पर भी नजर है.
Innefu Labs अपने स्वामित्व वाले एजेंटिक AI प्लेटफॉर्म को और एडवांस बनाने पर काम करेगी. इसके अलावा कंपनी फिजिकल AI और रोबोटिक्स के लिए एक समर्पित डिवीजन भी स्थापित करेगी. कंपनी का लक्ष्य ऐसा सॉवरेन AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है जो सुरक्षित हो और उच्च भरोसे वाले वातावरण में इस्तेमाल किया जा सके. इसके लिए विशेष डोमेन आधारित लैंग्वेज मॉडल भी विकसित किए जाएंगे.

सांकेतिक चित्र (image: AI generated)
Innefu Labs के को-फाउंडर और CEO तरुण विग ने कहा कि जब उन्होंने Innefu Labs की शुरुआत की थी तब उनका उद्देश्य स्पष्ट था. वे चाहते थे कि भारत अपनी सुरक्षा, संस्थाओं और डिजिटल भविष्य की रक्षा के लिए विदेशी तकनीकों पर निर्भर न रहे. उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों में कंपनी ने इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए स्वदेशी AI प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं.
उनके अनुसार अब कंपनी अपने नवाचारों की गति और तेज करना चाहती है. वे मानते हैं कि आने वाले समय में तकनीकी नेतृत्व उन्हीं देशों के पास होगा जिनके पास अपनी इंटेलिजेंस क्षमताएं होंगी. Innefu Labs का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत इस परिवर्तन का नेतृत्व करने वाले देशों में शामिल हो.
वहीं Innefu Labs के को-फाउंडर और CTO अभिषेक शर्मा ने कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय से उनकी टीम डिफेंस, इंटेलिजेंस और जांच एजेंसियों के लिए मिशन क्रिटिकल समाधान तैयार कर रही है. उन्होंने कहा कि दुनिया भर में सरकारें तेजी से AI-समर्थित निर्णय प्रणालियों को अपना रही हैं. ऐसे में भरोसेमंद और स्वदेशी AI प्लेटफॉर्म की जरूरत पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है.
उन्होंने कहा कि यह निवेश कंपनी को एजेंटिक AI क्षमताओं को मजबूत करने, फिजिकल AI और रोबोटिक्स में विस्तार करने तथा वैश्विक स्तर पर अपनी मौजूदगी बढ़ाने में मदद करेगा. उनका लक्ष्य उच्च भरोसे वाले वातावरण के लिए संपूर्ण सॉवरेन AI स्टैक तैयार करना है.
Panthera Growth Partners की फाउंडर और मैनेजिंग पार्टनर शिल्पा कुलकर्णी ने कहा कि Innefu Labs ने नेशनल डिफेंस और एंटरप्राइज सिक्योरिटी इंफ्रास्ट्रक्चर की जटिल चुनौतियों के समाधान के लिए स्वदेशी AI-समर्थित सॉफ्टवेयर डेवलप किए हैं. उन्होंने कहा कि कंपनी की तकनीक, गहरी विशेषज्ञता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करने का अनुभव निवेश का प्रमुख कारण रहा है.
Innefu Labs के शुरुआती निवेशकों में शामिल First Bridge Investment Managers के मैनेजिंग पार्टनर कृष्ण कांत राठी ने कहा कि उनकी फर्म ने वर्ष 2017 में कंपनी में निवेश किया था. उस समय उन्होंने कंपनी के विजन और संभावनाओं को पहचाना था. उन्होंने कहा कि आज Innefu Labs राष्ट्रीय इंटेलिजेंस और जांच एजेंसियों की एक महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी पार्टनर बन चुकी है.
Innefu Labs कई राष्ट्रीय स्तर के AI इंटेलिजेंस फ्यूजन सेंटर संचालित कर रही है. इनमें भारत का पहला नेशनल टेररिज्म डेटा फ्यूजन सेंटर भी शामिल है. इसके अलावा दक्षिण पूर्व एशिया का सबसे बड़ा ऑपरेशनल इंटेलिजेंस फ्यूजन सेंटर भी कंपनी की टेक्नोलॉजी पर आधारित है.
कंपनी ने रेवेन्यू इंटेलिजेंस फ्यूजन प्लेटफॉर्म, प्रिडिक्टिव पुलिसिंग प्लेटफॉर्म, ओपन सोर्स इंटेलिजेंस और डीप वेब फ्यूजन प्लेटफॉर्म जैसे समाधान भी विकसित किए हैं. इनका उपयोग विभिन्न लॉ एनफोर्समेंट और डिफेंस एजेंसियों द्वारा किया जाता है.
आज Innefu Labs के 100 से अधिक इंस्टॉलेशन भारतीय उपमहाद्वीप, मिडिल ईस्ट और दक्षिण पूर्व एशिया में संचालित हो रहे हैं. कंपनी डिफेंस और इंटेलिजेंस संगठनों, लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों, फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट्स, BFSI संस्थानों और फॉर्च्यून 500 कंपनियों को सेवाएं देती है.



