कुणाल कपूर ने लॉन्च किया नया हेल्थ स्टार्टअप MetaGO, मोटापे और मेटाबॉलिक बीमारियों का मिलेगा इलाज
एक्टर कुणाल कपूर और Ketto के फाउंडर्स ने MetaGO लॉन्च किया है. यह मेटाबॉलिक हेल्थ प्लेटफॉर्म मोटापा, टाइप 2 डायबिटीज और दूसरी मेटाबॉलिक बीमारियों के लिए पर्सनल ट्रीटमेंट प्लान, मेडिकल जांच, न्यूट्रिशन गाइडेंस और लगातार डॉक्टरों की निगरानी देगा.
एक्टर और ऑन्त्रप्रेन्योर कुणाल कपूर (Kunal Kapoor) ने नया मेटाबॉलिक हेल्थ स्टार्टअप MetaGO लॉन्च किया है. इसका मकसद मोटापा और उससे जुड़ी दूसरी मेटाबॉलिक बीमारियों से जूझ रहे लोगों को डॉक्टरों की मदद से लंबे समय तक बेहतर मेडिकल सपोर्ट देना है.
MetaGO की स्थापना कुणाल कपूर, वरुण शेठ और ज़हीर एडेनवाला ने मिलकर की है. ये तीनों पहले Ketto के फाउंडर भी रह चुके हैं.
फाउंडर्स का कहना है कि Ketto में काम करते हुए उन्होंने हजारों परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए फंड जुटाते देखा. उस समय उन्हें महसूस हुआ कि टाइप 2 डायबिटीज, दिल की बीमारियां और मोटापे जैसी समस्याएं अचानक नहीं होतीं. इनकी शुरुआत कई साल पहले हो जाती है. अगर समय रहते सही इलाज और सलाह मिल जाए तो गंभीर स्थिति बनने से पहले ही इन्हें काफी हद तक रोका जा सकता है.
इसी सोच से MetaGO की शुरुआत हुई है.
यह प्लेटफॉर्म सिर्फ वजन घटाने पर ध्यान नहीं देता. इसका फोकस लोगों की पूरी मेटाबॉलिक हेल्थ को बेहतर बनाने पर है. इसके लिए डॉक्टरों की सलाह, मेडिकल जांच, पर्सनल ट्रीटमेंट प्लान, न्यूट्रिशन गाइडेंस, फिटनेस कोचिंग और लगातार मेडिकल मॉनिटरिंग एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएगी.
कुणाल कपूर ने कहा कि Ketto के साथ 14 साल काम करने के दौरान उन्होंने हजारों परिवारों को मुश्किल दौर से गुजरते देखा. कई मामलों में लोगों को तब इलाज की जरूरत पड़ी, जब बीमारी काफी बढ़ चुकी थी. इसी अनुभव ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि लोगों तक समय रहते सही मेडिकल सहायता पहुंचाई जानी चाहिए.
उन्होंने कहा कि MetaGO कोई वेट लॉस कंपनी नहीं है. इसका उद्देश्य उस समय लोगों की मदद करना है, जब एक डॉक्टर की सलाह सर्जरी की जरूरत को टाल सकती है.
उन्होंने यह भी कहा कि आज GLP 1 जैसी आधुनिक दवाओं ने मोटापे के इलाज में नई संभावनाएं पैदा की हैं. लेकिन केवल दवा देना काफी नहीं है. अच्छे और लंबे समय तक टिकने वाले नतीजों के लिए डॉक्टरों की निगरानी, सही खानपान, व्यवहार में बदलाव और लगातार सपोर्ट भी जरूरी है.
MetaGO के को-फाउंडर और CEO वरुण शेठ का कहना है कि भारत में हेल्थकेयर तेजी से आगे बढ़ रहा है. अब जरूरत ऐसी व्यवस्था की है जो लोगों को लंबे समय तक डॉक्टरों से जोड़े रखे. उनका कहना है कि कंपनी का लक्ष्य ऐसी क्वालिटी हेल्थकेयर को ज्यादा से ज्यादा भारतीयों तक पहुंचाना है, जो अब तक केवल कुछ लोगों के लिए उपलब्ध थी.
MetaGO के मेडिकल एडवाइजरी बोर्ड से जुड़े कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. कौशल पटेल का कहना है कि GLP 1 थेरेपी मोटापे के इलाज में प्रभावी साबित हो रही है. लेकिन इसका सबसे अच्छा परिणाम तभी मिलता है जब इसके साथ डॉक्टरों की निगरानी, मेटाबॉलिक मॉनिटरिंग और लाइफस्टाइल में लगातार सुधार भी शामिल हो.
कंपनी के मुताबिक हर सदस्य की शुरुआत एक विस्तृत मेटाबॉलिक जांच से होगी. इसमें 35 से अधिक बायोमार्कर की जांच की जाएगी. इसके बाद एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, डायबिटोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट या इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ मरीज की जरूरत के अनुसार व्यक्तिगत इलाज की योजना तैयार करेंगे.
अगर जरूरत होगी तो GLP 1 थेरेपी भी इलाज का हिस्सा बनेगी. इसके साथ डॉक्टरों की नियमित सलाह, न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की गाइडेंस, फिटनेस कोचिंग और समय समय पर हेल्थ रिव्यू भी किए जाएंगे.
कंपनी का कहना है कि इलाज केवल दवा देने तक सीमित नहीं रहेगा. मरीजों की स्थिति के अनुसार उनका ट्रीटमेंट प्लान लगातार अपडेट किया जाएगा ताकि वे लंबे समय तक स्वस्थ जीवनशैली बनाए रख सकें.



