शामली के विशाल कुमार ने विरासत में मिले हुनर को बनाया रोज़गार, CM YUVA योजना से बदली ज़िंदगी
शामली के तितर गांव के विशाल कुमार ने पिता की वेल्डिंग दुकान संभाली और यूपी सरकार की CM YUVA Yojana के तहत मिली आर्थिक मदद से नए उपकरण खरीदकर काम को आधुनिक बनाया. यह कहानी दिखाती है कि विरासत में मिला हुनर और सही समय पर मिला सहयोग कैसे स्थिर आजीविका बनता है.
शामली जिले के तितर गांव में एक छोटी सी वेल्डिंग की दुकान है, जो गांव के लोगों के लिए नई नहीं है. यह दुकान 1990 के दशक से चल रही है. पहले इसे विशाल कुमार के पिता संभालते थे. साल 2015 में पिता के निधन के बाद यह जिम्मेदारी विशाल पर आ गई.
यह दुकान किसी बड़े बिजनेस प्लान से शुरू नहीं हुई थी. यह परिवार के काम का ही विस्तार थी. बचपन से विशाल अपने पिता को काम करते देखते थे. कभी हाथ बंटाते थे. कभी औजार पकड़ते थे. धीरे धीरे काम समझ में आने लगा. समय के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ती गई.
इस वेल्डिंग शॉप में आसपास के गांवों के लिए रोजमर्रा का जरूरी काम होता है. यहां बग्गी बनती है. ट्रॉली बनती है. गेट, ठेला और खेती में काम आने वाले साधारण औजार तैयार किए जाते हैं. यह काम मौसम और गांव की जरूरतों से जुड़ा रहता है. कोई दूर का बाजार नहीं है. जो मांग होती है, वही काम होता है.
जब पिता की तबीयत खराब रहने लगी, तब विशाल की भूमिका और बढ़ गई. पिता कम काम कर पाते थे. दुकान चलाने की जिम्मेदारी धीरे धीरे विशाल के कंधों पर आ गई. पिता के जाने के बाद यही काम उनका पूरा सहारा बन गया.
बिना किसी औपचारिक ट्रेनिंग के उन्होंने सब कुछ खुद संभाला. ग्राहक से बात करना. काम लेना. वेल्डिंग करना. दिन भर की योजना बनाना. सब कुछ अकेले. पैसों की कमी हमेशा एक चुनौती रही.
एक बार उन्होंने एक निजी कंपनी से छोटा लोन लिया था. समय पर चुकाने के बाद भी वह लोन महंगा साबित हुआ. उससे फायदा कम और दबाव ज्यादा था. इस अनुभव के बाद वह दोबारा कर्ज लेने से डरने लगे.
बाद में जब वह बैंक गए, तो उन्हें यूपी सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना (CM YUVA Yojana) के बारे में जानकारी मिली. बैंक कर्मचारियों ने प्रक्रिया समझाई. कागजात पूरे कराए. इस बार उन्हें ऐसा सहयोग मिला, जिससे काम को सच में आगे बढ़ाया जा सका.
विशाल कहते हैं कि पहले लिया गया लोन जितना देता था, उससे ज्यादा ले लेता था. लेकिन इस बार मिले पैसों से काम आसान हुआ.
इस मदद से उन्होंने नई मशीनें खरीदीं. पहले कटिंग और शेपिंग का काम हाथ से होता था. इसमें वक्त ज्यादा लगता था. ऑर्डर सीमित ही लिए जा सकते थे. नई वेल्डिंग मशीन, ग्राइंडर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आने से काम की रफ्तार बढ़ गई.
जो काम पहले दो दिन में होता था, वह अब एक दिन में पूरा होने लगा. ग्राहक को जल्दी काम मिलने लगा. आसपास के गांवों में बात फैल गई. धीरे धीरे दूर के इलाकों से भी काम आने लगा.
आमदनी पहले से ज्यादा नियमित हो गई. घर की हालत भी सुधरी. जो काम अधूरा पड़ा था, उसे पूरा किया जा सका. सामाजिक सम्मान भी बढ़ा. गांव में लोग उन्हें एक भरोसेमंद कारीगर के रूप में देखने लगे.
विशाल कहते हैं कि सीएम युवा योजना ने उन्हें महंगे कर्ज के दबाव के बिना अपने काम को आधुनिक बनाने का मौका दिया. इससे न सिर्फ दुकान मजबूत हुई, बल्कि जिंदगी में भी स्थिरता आई.
आज यह वेल्डिंग शॉप पहले जैसी ही है. जमीन से जुड़ी. रोजमर्रा की जरूरतों पर टिकी हुई. फर्क सिर्फ इतना है कि अब काम पहले से बेहतर तरीके से हो रहा है. पिता की सीखी हुई कला अब एक भरोसेमंद आजीविका बन चुकी है.
यह कहानी दिखाती है कि विरासत में मिला हुनर, सही समय पर मिला सहयोग और छोटे छोटे सुधार मिलकर किसी की जिंदगी की दिशा बदल सकते हैं.
क्या है CM YUVA योजना?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है.
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग की कार्यकारी संस्था उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (CM YUVA) योजना संचालित की जा रही है.
इस योजना के तहत युवाओं को अपना उद्योग या सेवा आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का 100% ब्याज मुक्त और बिना गारंटी का ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही परियोजना लागत पर 10% मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाता है.
CM YUVA योजना युवाओं को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं देती, बल्कि उन्हें उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, मेंटरशिप, बाजार तक पहुंच और संसाधन भी उपलब्ध कराती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें.
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Edited by Ravi Pareek



