TrucksUp को मिली 8.2 मिलियन डॉलर की फंडिंग, वैल्यूएशन 42 मिलियन डॉलर पार
TrucksUp के को-फाउंडर्स सार्थक शाह एलवाधी और अविराज सिंह चड्ढा ने भी व्यक्तिगत तौर पर निवेश किया है. कंपनी इस ताजा फंडिंग का इस्तेमाल अपनी टेक्नोलॉजी को मजबूत करने के लिए करेगी. TrucksUp अपनी इंजीनियरिंग और डेटा साइंस टीमों का विस्तार करेगी. साथ ही बेहतर टैलेंट को जोड़ने पर भी निवेश किया जाएगा.
लॉजिस्टिक्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म TrucksUp ने अपने हालिया ग्रोथ फाइनेंसिंग राउंड में 8.2 मिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल की है. इस फंडिंग के बाद कंपनी की वैल्यूएशन 42.3 मिलियन डॉलर हो गई है. इस ग्रोथ फाइनेंसिंग राउंड में Monarch Networth Capital Limited ने एक्सक्लूसिव ट्रांजैक्शन एडवाइजर की भूमिका निभाई.
इस राउंड में कई प्रमुख संस्थागत निवेशकों और बड़े फैमिली ऑफिस ने हिस्सा लिया. कंपनी के को-फाउंडर्स सार्थक शाह एलवाधी और अविराज सिंह चड्ढा ने भी व्यक्तिगत तौर पर निवेश किया है. दोनों फाउंडर्स ने कंपनी में अपनी लंबी अवधि की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए यह निवेश किया है.
इस ताजा फंडिंग का इस्तेमाल अपनी टेक्नोलॉजी को मजबूत करने के लिए करेगी. कंपनी अपनी इंजीनियरिंग और डेटा साइंस टीमों का विस्तार करेगी. साथ ही बेहतर टैलेंट को जोड़ने पर भी निवेश किया जाएगा.
कंपनी का लक्ष्य सड़क परिवहन को ज्यादा पारदर्शी और मुनाफेदार बनाना है. इसके लिए TrucksUp अपने इंटेलिजेंट फ्रेट मैचिंग इंजन को और बेहतर करेगी. यह सिस्टम ट्रकों और माल की जरूरत को बेहतर तरीके से मैच करने में मदद करता है.
कंपनी की कोशिश है कि ट्रकों का इस्तेमाल ज्यादा प्रभावी तरीके से हो. साथ ही खाली ट्रकों की वापसी वाली यात्राओं को कम किया जा सके. इससे ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों की लागत घटाने और उनकी कमाई बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
TrucksUp भारत की National Logistics Policy के अनुरूप छोटे और मध्यम कारोबारों को अपने डिजिटल नेटवर्क से जोड़ने पर भी काम कर रही है. इसके प्लेटफॉर्म पर एंटरप्राइज शिपर्स को ऑटोमेटेड फ्रेट डिस्कवरी की सुविधा मिलती है. इसके साथ एंड टू एंड प्रेडिक्टिव टेलीमैटिक्स ट्रैकिंग भी उपलब्ध है. इससे कंपनियां अपनी रोजाना की ट्रांसपोर्ट जरूरतों को ज्यादा आसानी से मैनेज कर सकती हैं. वाहन मालिकों को भी अपने वाहनों और ट्रिप की बेहतर जानकारी मिलती है.
TrucksUp सिर्फ माल की बुकिंग और ट्रांसपोर्ट तक सीमित नहीं है. कंपनी ड्राइवरों और फ्लीट ऑपरेटरों के लिए वाहन से जुड़ी कई सेवाएं भी उपलब्ध कराती है. इनमें स्मार्ट FASTag टोलिंग, GPS टेलीमैटिक्स और ऑनलाइन व्हीकल हेल्थ ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं.
कंपनी का Truckshub प्रोग्राम भी इसी दिशा में काम करता है. इसके जरिए कमर्शियल ड्राइवरों को स्वतंत्र फ्लीट ओनर बनने में मदद की जाती है. इसके लिए इस्तेमाल किए गए कमर्शियल वाहनों की खरीद, एसेट फाइनेंसिंग और बेहतर फ्रेट रूटिंग जैसी सुविधाएं दी जाती हैं.
TrucksUp के को-फाउंडर सार्थक शाह एलवाधी ने कहा कि कंपनी की शुरुआत से ही कोशिश ट्रक ड्राइवरों और फ्लीट ऑपरेटरों की रोजमर्रा की समस्याओं को हल करने की रही है.
उन्होंने कहा कि भारत में अभी भी बड़ी मात्रा में माल की आवाजाही ऐसे रूट पर होती है, जहां ट्रकों का इस्तेमाल पूरी क्षमता से नहीं हो पाता. खाली वापसी वाली यात्राएं भी एक बड़ी समस्या हैं.
ताजा फंडिंग के साथ कंपनी अपने टेक्नोलॉजी स्टैक को और मजबूत करेगी. इसका उद्देश्य एसेट डिस्कवरी को आसान बनाना, वाहनों के टर्नअराउंड टाइम को बेहतर करना और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों को अपने रोजाना के काम की बेहतर जानकारी देना है.
सार्थक के मुताबिक ड्राइवरों को सही डिजिटल और वित्तीय साधन देना एक मजबूत रोड ट्रांसपोर्ट इकोसिस्टम बनाने के लिए जरूरी है. इससे ड्राइवर परिवारों को बेहतर और सम्मानजनक जीवन जीने में मदद मिल सकती है.
TrucksUp ने अपने मोबाइल ऐप को देश के नेशनल हाईवे नेटवर्क पर ज्यादा से ज्यादा ड्राइवरों तक पहुंचाने के लिए जुलाई 2026 में अभिनेता अजय देवगन को ब्रांड एंबेसडर भी बनाया है.
कंपनी को उम्मीद है कि इस साझेदारी से उसके डिजिटल प्लेटफॉर्म को ड्राइवरों और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों के बीच ज्यादा पहचान मिलेगी. इसका मकसद सड़क परिवहन से जुड़े लोगों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ना और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को बढ़ाना है.



