Loom Solar ने चार राज्यों में लगाए मेगा सोलर पावर प्लांट, ‘ग्रीन एनर्जी’ को मिला बूस्ट
सोलर एनर्जी कंपनी Loom Solar ने Utility-Scale सोलर सेक्टर में कदम रखा है. कंपनी ने तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान में कुल 18 MW के चार सोलर पावर प्लांट शुरू किए हैं, जो भारत के Net Zero मिशन की दिशा में बड़ा कदम है.
भारत की तेज़ी से बढ़ती सोलर एनर्जी कंपनियों में से एक Loom Solar ने अपने कारोबार का विस्तार करते हुए Utility-Scale Solar सेक्टर में कदम रखा है. कंपनी ने देश के अलग-अलग राज्यों में चार बड़े सोलर पावर प्लांट्स शुरू किए हैं.
इनमें तमिलनाडु में 8 मेगावाट (MW), मध्य प्रदेश में 5.3 MW, उत्तराखंड में 1.1 MW, और राजस्थान में 3.5 MW की क्षमता वाले सोलर पावर प्रोजेक्ट शामिल हैं.
यह कदम कंपनी की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने और नेट ज़ीरो मिशन की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद करना चाहती है.
कंपनी ने भारत की बदलती ऊर्जा ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए अपनी नई दो-तरफा रणनीति पेश की है. इसके तहत Loom Solar बड़े स्तर पर फोटोवोल्टाइक (PV) सोलर पैनल्स लगाएगी और साथ ही बैटरी एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस (BESS) को जोड़ेगी, ताकि बिजली ग्रिड स्थिर और विश्वसनीय बना रहे.
भारत की प्रति व्यक्ति बिजली खपत 2047 तक 2.5 गुना बढ़ने की उम्मीद है. Loom Solar का यह कदम इस बढ़ती मांग को पूरा करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा.
Loom Solar के को-फाउंडर और डायरेक्टर अमोध आनंद ने कहा, “भारत का ऊर्जा भविष्य इसी में है कि वह बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा (renewable energy) को अपने ग्रिड में शामिल करे. हमारी कोशिश है कि हर सोलर प्लांट केवल ऊर्जा न बनाए, बल्कि स्थिर और भरोसेमंद बिजली दे.”
उन्होंने आगे कहा कि Loom Solar के हाई-एफिशिएंसी सोलर मॉड्यूल्स और एडवांस्ड बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स मिलकर भारत के लिए एक मजबूत, साफ और भविष्य-तैयार ऊर्जा तंत्र बना रहे हैं.
कंपनी के पास जल्द ही 1.2 गीगावाट (GW) क्षमता वाला पीवी मॉड्यूल प्लांट और 100 मेगावाट का इन्वर्टर व बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट होगा. साथ ही, Loom Solar अपने सोलर सॉल्यूशंस में IoT (Internet of Things) और AI तकनीक भी जोड़ रही है, जिससे यह एक पूर्ण इंटेलिजेंट एनर्जी ईकोसिस्टम बन रहा है.
Loom Solar का लक्ष्य है कि वह देश के उद्योगों, घरों और समुदायों को सस्टेनेबल ऊर्जा से जोड़कर भारत को हरित ऊर्जा की दिशा में अग्रणी बनाए.
Edited by Ravi Pareek



