Luxeartisanship: फैमिली ट्रिप से निकला बिज़नेस आइडिया, बना लाखों का ब्रांड
दिल्ली स्थित Luxeartisanship एक D2C ब्रांड है जो पीतल से बनीं मूर्तियों और होम डेकोर प्रोडक्ट्स को आधुनिक डिज़ाइन के साथ जोड़कर दुनिया भर में पहुँचा रहा है. इसकी स्थापना वर्ष 2024 में पिता-पुत्र की जोड़ी — चंदर और ननेश गोयल — ने की थी.
दिल्ली में स्थित Luxeartisanship पीतल से बनीं मूर्तियों और होम डेकोर प्रोडक्ट्स की सुंदरता और गरिमा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा है. वर्ष 2024 में पिता-पुत्र की जोड़ी — चंदर और ननेश गोयल — द्वारा शुरू किया गया यह ब्रांड आज भारतीय हस्तशिल्प कला को न केवल आधुनिकता से जोड़ रहा है, बल्कि दुनियाभर के बाजारों तक पहुंचाने का सपना भी साकार कर रहा है. आइए जानते हैं इस प्रेरणादायक यात्रा की शुरुआत, संघर्षों और उपलब्धियों की कहानी.
फैमिली ट्रिप से आया आइडिया
Luxeartisanship की शुरुआत का आइडिया एक फैमिली ट्रिप से आया. 2023 में गोयल परिवार राजस्थान भ्रमण पर गया था. इस ट्रिप में जहां उन्होंने कई ऐसे गांवों का दौरा किया, जहां कारीगर पीतल की मूर्तियां और घरेलु साज-सज्जा की चीजें बना रहे थे. वहां की मिट्टी में रची-बसी इन कलाकृतियों के पीछे की कहानियों ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया.
Luxeartisanship के सीईओ ननेश गोयल कहते हैं, “हमने महसूस किया कि इन कारीगरों की कला तो अमूल्य है, लेकिन उन्हें वह पहचान और बाज़ार नहीं मिल रहा जिसकी वे हकदार हैं.”
यहीं से आइडिया आया कि एक ऐसा ब्रांड बनाया जाए जो इन कलाकारों को वैश्विक मंच दे सके. और 2024 में Luxeartisanship अस्तित्व में आया.
बिजनेस मॉडल
यह ब्रांड पूरी तरह D2C (Direct-to-Consumer) मॉडल पर काम करता है. ग्राहक सीधे वेबसाइट और चुनिंदा ऑनलाइन मार्केटप्लेस के माध्यम से प्रोडक्ट्स खरीद सकते हैं. ब्रांड सीमित और सावधानीपूर्वक चुनी गई इन्वेंट्री के साथ काम करता है ताकि हर प्रोडक्ट की हस्तनिर्मित गुणवत्ता बनी रहे.
गोयल बताते हैं, “हम कारीगरों के साथ सीधे संपर्क में रहते हैं. मांग और बिक्री आंकड़ों के अनुसार प्रोडक्ट बनाए जाते हैं, जिससे अधिक प्रोडक्टन से बचा जा सके.”
लॉजिस्टिक्स के लिए उन्होंने ऐसे साझेदार चुने हैं जो पीतल जैसी नाज़ुक सामग्री को सुरक्षित ढंग से ग्राहकों तक पहुंचा सकें. प्रोडक्ट्स की कीमत तय करते समय यह ध्यान रखा जाता है कि कारीगरों को उनका उचित पारिश्रमिक मिले और ग्राहक को भी उच्च गुणवत्ता वाला अनुभव प्राप्त हो.

Luxeartisanship की प्रोडक्ट रेंज
कारीगरों का सशक्तिकरण
Luxeartisanship का मूल मंत्र है— कारीगरों को सिर्फ मजदूर नहीं, बल्कि सह-निर्माता बनाना. यह ब्रांड बिचौलियों को हटाकर सीधे कारीगरों से जुड़ता है ताकि उन्हें पूरी पहचान, उचित वेतन और सम्मान मिले.
ननेश बताते हैं, “हम नियमित रूप से कार्यशालाएं आयोजित करते हैं जहाँ कारीगरों से उनकी ज़रूरतों, विचारों और व्यापार के सिद्धांतों पर चर्चा होती है.”
इस तरह न केवल उनकी रोज़ी-रोटी सुरक्षित होती है, बल्कि परंपरा और कला की प्रामाणिकता भी बरकरार रहती है.
Luxeartisanship उत्तर प्रदेश, ओडिशा और राजस्थान के शिल्प समुदायों के साथ नियमित रूप से सहयोग करता है. ये राज्य पीतल की कला के लिए ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्ध हैं. यहां के कारीगर केवल प्रोडक्शन में ही नहीं, बल्कि डिज़ाइन प्रक्रिया में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं.
गोयल बताते हैं, “हमारी नई कलेक्शन कारीगरों के सुझावों और पारंपरिक तकनीकों को आधुनिकता के साथ मिलाकर तैयार की जाती है. इससे प्रोडक्ट्स में मौलिकता और नवाचार का सुंदर संगम बनता है.”
10 महीनों में ₹50 लाख की बिक्री
Luxeartisanship अभी तक पूरी तरह बूटस्ट्रैप्ड है यानी बिना बाहरी निवेश के चल रहा है. इससे उन्हें अपने मूल्यों के करीब रहकर धीरे-धीरे और टिकाऊ तरीके से आगे बढ़ने में मदद मिली है. हालांकि, कंपनी अब रणनीतिक निवेश और साझेदारियों के लिए भी तैयार है.
सीईओ ननेश गोयल बताते हैं, “हम जल्दबाज़ी में नहीं हैं. हमारा फोकस स्थायित्व और गुणवत्ता पर है, न कि सिर्फ तेज़ी से बढ़ने पर.”
2024 की शुरुआत से अब तक ब्रांड ने 10 महीनों में ₹50 लाख की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है. वेबसाइट का कन्वर्जन रेट 3.5% है और कस्टमर रीपीट रेट 25% तक पहुंच गया है — ये किसी भी नए ब्रांड के लिए शानदार उपलब्धि मानी जाती है.
मासिक बिक्री में 18% से 22% की स्थायी वृद्धि देखी गई है, विशेषकर त्योहारों और शादी के सीज़न में ब्रांड की मांग काफी बढ़ जाती है.
चुनौतियां
इस हैंडीक्राफ्ट्स ब्रांड को शुरू करना आसान नहीं था. पीतल की नाजुकता और हर प्रोडक्ट की भिन्नता ग्राहक को समझाना एक बड़ी चुनौती थी.
गोयल बताते हैं, “हमने हर प्रोडक्ट के साथ एक प्रमाण पत्र देना शुरू किया जो उस कारीगर की कहानी और कला की प्रक्रिया को दर्शाता है. इससे ग्राहक जुड़ाव महसूस करते हैं और प्राकृतिक विविधताओं को सराहना सीखते हैं.”
लॉजिस्टिक समस्याओं को हल करने के लिए ऐसे एक्सपर्ट्स से साझेदारी की गई जो नाजुक प्रोडक्ट्स को सुरक्षित पैकिंग और ट्रांसपोर्ट कर सकें.
भविष्य की योजनाएं
Luxeartisanship की प्रोडक्ट रेंज आज सिर्फ घरेलू सजावट तक सीमित नहीं है, बल्कि अब इसमें वास्तु अनुकूल मूर्तियाँ और पूजा सामग्री जैसी कैटेगरी भी शामिल हैं. यह बदलाव उपभोक्ताओं की रुचियों और वैश्विक सजावट रुझानों को ध्यान में रखते हुए लाया गया है.
आगामी वर्षों में ब्रांड अंतरराष्ट्रीय विस्तार की योजना बना रहा है. अमेरिका, यूके और यूएई जैसे बाजारों में रिटेल साझेदारियों पर काम चल रहा है. इसके साथ ही भारत में भी एक फ्लैगशिप स्टोर खोलने की योजना है, जहाँ ग्राहक व्यक्तिगत रूप से कारीगरी का अनुभव कर सकें.
ननेश गोयल बताते हैं, “Luxeartisanship सिर्फ एक ब्रांड नहीं, बल्कि यह भारतीय कारीगरों को उनका सम्मान और दुनिया को भारत की समृद्ध कलात्मक विरासत से जोड़ने का कार्य कर रहा है. हमारी यह पहल यह दिखाती है कि जब परंपरा को आधुनिक सोच और ईमानदारी के साथ मिलाया जाए, तो वह न केवल कारोबार बनता है, बल्कि समाज और संस्कृति दोनों को समृद्ध करता है.”



